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जाट आरक्षण के लिए 26 नवंबर को रोहतक में सबसे बड़ी रैली का एलान
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 26 नवंबर को विश्व की सबसे बड़ी रैली रोहतक में करेंगे। प्रदेश और केंद्र में जाट आरक्षण के लिए यह सबसे अहम रैली होगी। चंदे का हिसाब मांगने वालों पर कहा कि कौम को बेचने से पहले मुझे मौत आ जाए।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रामायण रेलवे ट्रैक के पास श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार की साजिश पर सुनील श्योराण को गोली मारी गई थी। उसी समय बरवाला में मेरी हत्या का प्रयास भी किया गया था। कुछ लोगों ने सुनील की शहादत को बेचने के लिए दलाली का काम किया। हर आंदोलन के बाद कुछ जयचंद निकलते हैं, जिन्हें सरकार बढ़ाने का काम करती है। सेना को एक सीख दी जाती है कि शांति के समय जितना पसीना बहाओगे, युद्ध के समय उतना खून कम बहेगा। हमें शांति के समय भी चुप नहीं बैठना, आंदोलन की तैयारी लगातार रखनी होगी। हमने सरकार को दो महीने का समय दिया है। तब तक हमारी मांग मानी तो ठीक, नहीं तो फिर से आंदोलन करेंगे। 26 नवंबर को रोहतक में विश्व की सबसे बड़ी रैली करेंगे। इसमें देशभर से सभी राज्यों के जाट हिस्सा लेंगे। हम 36 बिरादरी का भाईचारा बनाकर रखते हैं। जाट आरक्षण में मारे गए दूसरी जाति के 12 लोगों को भी हमने नौकरी दिलाने का काम किया। हम पर जानलेवा हमला करने वाले 307 के आरोपी सूबे सिंह समैण को बचाने के लिए उनकी पैरवी कृषि मंत्री ओपी धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु, सुभाष बराला कर रहे हैं।
अगले साल से सभी शहीदों के गांव में श्रद्धांजलि दिवस
यशपाल मलिक ने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ। सरकार को दो महीने का समय दिया है। हमारी मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा। 26 नवंबर को सभी शहीदों का सामूहिक बलिदान दिवस रोहतक में मनाएंगे। इसके बाद अगले साल से सभी शहीदों के गांव में श्रद्धांजलि दिवस मनाएंगे।
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चंदे के मुद्दे पर बरसे
यशपाल मलिक ने कहा कि वर्ष 2011 में चंदा खाकर हमें छोड़ गए थे। वे लोग आज हमें छोड़कर चले गए। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले कुछ लोगों ने चंदे का दुरुपयोग कर कोठियां बना लीं। चंदे के नाम पर कुछ लोग हमें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। मुझ पर विदेश से 200 करोड़ तो दूर दो रुपये का चंदा साबित कर दें। अगर कभी कौम को बेचने का मौका आए तो उससे पहले मुझे मौत आ जाए।
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हिसार।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 26 नवंबर को विश्व की सबसे बड़ी रैली रोहतक में करेंगे। प्रदेश और केंद्र में जाट आरक्षण के लिए यह सबसे अहम रैली होगी। चंदे का हिसाब मांगने वालों पर कहा कि कौम को बेचने से पहले मुझे मौत आ जाए।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रामायण रेलवे ट्रैक के पास श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार की साजिश पर सुनील श्योराण को गोली मारी गई थी। उसी समय बरवाला में मेरी हत्या का प्रयास भी किया गया था। कुछ लोगों ने सुनील की शहादत को बेचने के लिए दलाली का काम किया। हर आंदोलन के बाद कुछ जयचंद निकलते हैं, जिन्हें सरकार बढ़ाने का काम करती है। सेना को एक सीख दी जाती है कि शांति के समय जितना पसीना बहाओगे, युद्ध के समय उतना खून कम बहेगा। हमें शांति के समय भी चुप नहीं बैठना, आंदोलन की तैयारी लगातार रखनी होगी। हमने सरकार को दो महीने का समय दिया है। तब तक हमारी मांग मानी तो ठीक, नहीं तो फिर से आंदोलन करेंगे। 26 नवंबर को रोहतक में विश्व की सबसे बड़ी रैली करेंगे। इसमें देशभर से सभी राज्यों के जाट हिस्सा लेंगे। हम 36 बिरादरी का भाईचारा बनाकर रखते हैं। जाट आरक्षण में मारे गए दूसरी जाति के 12 लोगों को भी हमने नौकरी दिलाने का काम किया। हम पर जानलेवा हमला करने वाले 307 के आरोपी सूबे सिंह समैण को बचाने के लिए उनकी पैरवी कृषि मंत्री ओपी धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु, सुभाष बराला कर रहे हैं।
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अगले साल से सभी शहीदों के गांव में श्रद्धांजलि दिवस
यशपाल मलिक ने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ। सरकार को दो महीने का समय दिया है। हमारी मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा। 26 नवंबर को सभी शहीदों का सामूहिक बलिदान दिवस रोहतक में मनाएंगे। इसके बाद अगले साल से सभी शहीदों के गांव में श्रद्धांजलि दिवस मनाएंगे।
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चंदे के मुद्दे पर बरसे
यशपाल मलिक ने कहा कि वर्ष 2011 में चंदा खाकर हमें छोड़ गए थे। वे लोग आज हमें छोड़कर चले गए। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले कुछ लोगों ने चंदे का दुरुपयोग कर कोठियां बना लीं। चंदे के नाम पर कुछ लोग हमें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। मुझ पर विदेश से 200 करोड़ तो दूर दो रुपये का चंदा साबित कर दें। अगर कभी कौम को बेचने का मौका आए तो उससे पहले मुझे मौत आ जाए।