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सरकारी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले पहुंची किताबें
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:36 AM IST
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हिसार। सरकारी स्कूलों में पढने वाले बच्चों की पढ़ाई अब किताबों की कमी के कारण बाधित नहीं होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहल पर शुरू की सक्षम हरियाणा (शिक्षा) योजना का असर दिखाई देने लगा है। इस साल प्रदेश के स्कूलों में पहली बार विद्यार्थियों के लिए पाठ्य-पुस्तकें शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पूर्व पहुंच चुकी हैं। जिला हिसार में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 78,508 पुस्तकें आ चुकी हैं।
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पुस्तकें मिलने में अकसर देरी हो जाती थी जिस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी। लेकिन इस बार 31 मार्च को ही जिले में पाठ्य-पुस्तकें पहुंच गई थीं जिन्हें स्कूलों में वितरित करवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में विद्यार्थियों को दाखिले के साथ ही पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि अभिभावकों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को परेशानी न हो। पुस्तकें समय पर मिलने से विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार आएगा।
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उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों को पुस्तकों की कमी नहीं रहने दी जाए। सरकार की ओर से स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुसार समय से पहले ही पाठ्य-पुस्तकें भेज दी गई हैं। अब भी यदि कोई विद्यार्थी पुस्तकों से वंचित रहता है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रवेश के साथ ही निर्धारित संख्या में पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं।
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उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पुस्तकें मिलने में अकसर देरी हो जाती थी जिस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी। लेकिन इस बार 31 मार्च को ही जिले में पाठ्य-पुस्तकें पहुंच गई थीं जिन्हें स्कूलों में वितरित करवाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि जिले में विद्यार्थियों को दाखिले के साथ ही पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि अभिभावकों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को परेशानी न हो। पुस्तकें समय पर मिलने से विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार आएगा।
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उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों को पुस्तकों की कमी नहीं रहने दी जाए। सरकार की ओर से स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुसार समय से पहले ही पाठ्य-पुस्तकें भेज दी गई हैं। अब भी यदि कोई विद्यार्थी पुस्तकों से वंचित रहता है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रवेश के साथ ही निर्धारित संख्या में पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं।