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1328 संक्रमित संकमित मिले 900 मरीज स्वस्थ
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हिसार। जिले में रविवार को 1328 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके अलावा 15 मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई। जिले में कोविड-19 मौत का आंकड़ा भी 603 हो गया है। उधर रविवार को 900 मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौट गए। जिले में पिछले छह दिनों से रिकवरी रेट एक ही जगह पर टिका हुआ है। फिलहाल यह 75.16 प्रतिशत पर है। अब कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 40049 हो गया है। इस समय जिले में 8765 सक्रिय मरीज है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपलिंग कम हो रही है। वहीं विभाग का तर्क है कि हर सीएचसी और पीएचसी पर समय पर सैंपलिंग हो रही है। इसके लिए बकायदा सीएचसी की टीम ने पीएचसी पर रोस्टर बनाया हुआ है। उसी दिन वह टीम पीएचसी पर जाकर सैंपल लेती है। मगर हकीकत यह है कि ज्यादातर लोगों की समय पर जांच नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही एलटी मिल सकते हैं। ये एलटी लुुवास और जीजेयू से मिलने की संभावना है। इसक लिए नोडल अधिकारी ने उच्च अधिकारियों पत्र लिखा है। इसके बाद इन एलटी की ड्यूटी विभाग फील्ड में सैंपल के लिए लगाएगा।
8 मौत ग्रामीण क्षेत्र से
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल पर अपडेट की गई कोविड-19 मौत में आठ मृतक ग्रामीण क्षेत्र से रहने वाले थे और 7 मौत शहरी क्षेत्र से हुई है। कोरोना से मरने वालों में तीन महिलाएं, एक युवा और बाकी व्यक्ति शामिल है। इनमें दो मौत ढंढूर क्षेत्र की हैं। ये सभी मृतक अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल थे। गंभीर हालत के चलते एक ऑक्सीजन और बाकी वेंटिलेटर पर निर्भर थे। ये सभी मरीज शुगर, बीपी, सांस एवं फेफड़ों में खराबी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे।
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15 शवों का करवाया अंतिम संस्कार
नगर निगम की ओर से यूनियन प्रधान प्रवीण कुमार की निगरानी में उनकी टीम ने शहर के ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में रविवार को कुल 15 शवों का अंतिम संस्कार करवाया। इनमें से कुछ मृतक जिले के निवासी और कुछ बाहरी राज्य या जिलों के रहने वाले थे।
ऑक्सीजन लेवल कई दिनों तक सहीं नहीं रहता
वायरस के फैलने की रफ्तार काफी तेज है। संक्रमण की चपेट में आने के चौथे या पांचवें दिन ही लोगों की सांस फूलने लगती है। मरीज अस्पताल में आते हैं तो उसके बाद 10 या 15 दिन में रिकवरी तो कर जाते हैं, लेकिन उनका ऑक्सीजन लेवल काफी दिनों तक सही नहीं रहता है। इसके चलते उनको काफी दिनों तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।
-डॉ. अनुराधा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपलिंग कम हो रही है। वहीं विभाग का तर्क है कि हर सीएचसी और पीएचसी पर समय पर सैंपलिंग हो रही है। इसके लिए बकायदा सीएचसी की टीम ने पीएचसी पर रोस्टर बनाया हुआ है। उसी दिन वह टीम पीएचसी पर जाकर सैंपल लेती है। मगर हकीकत यह है कि ज्यादातर लोगों की समय पर जांच नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही एलटी मिल सकते हैं। ये एलटी लुुवास और जीजेयू से मिलने की संभावना है। इसक लिए नोडल अधिकारी ने उच्च अधिकारियों पत्र लिखा है। इसके बाद इन एलटी की ड्यूटी विभाग फील्ड में सैंपल के लिए लगाएगा।
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8 मौत ग्रामीण क्षेत्र से
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल पर अपडेट की गई कोविड-19 मौत में आठ मृतक ग्रामीण क्षेत्र से रहने वाले थे और 7 मौत शहरी क्षेत्र से हुई है। कोरोना से मरने वालों में तीन महिलाएं, एक युवा और बाकी व्यक्ति शामिल है। इनमें दो मौत ढंढूर क्षेत्र की हैं। ये सभी मृतक अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल थे। गंभीर हालत के चलते एक ऑक्सीजन और बाकी वेंटिलेटर पर निर्भर थे। ये सभी मरीज शुगर, बीपी, सांस एवं फेफड़ों में खराबी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे।
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15 शवों का करवाया अंतिम संस्कार
नगर निगम की ओर से यूनियन प्रधान प्रवीण कुमार की निगरानी में उनकी टीम ने शहर के ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में रविवार को कुल 15 शवों का अंतिम संस्कार करवाया। इनमें से कुछ मृतक जिले के निवासी और कुछ बाहरी राज्य या जिलों के रहने वाले थे।
ऑक्सीजन लेवल कई दिनों तक सहीं नहीं रहता
वायरस के फैलने की रफ्तार काफी तेज है। संक्रमण की चपेट में आने के चौथे या पांचवें दिन ही लोगों की सांस फूलने लगती है। मरीज अस्पताल में आते हैं तो उसके बाद 10 या 15 दिन में रिकवरी तो कर जाते हैं, लेकिन उनका ऑक्सीजन लेवल काफी दिनों तक सही नहीं रहता है। इसके चलते उनको काफी दिनों तक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।
-डॉ. अनुराधा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज।