{"_id":"5af5f22a4f1c1bd2408b488a","slug":"131526067754-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन करके की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन करके की नारेबाजी
Updated Sat, 12 May 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
वर्ष 2016 में भर्ती किए गए चालकों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो प्रांगण में प्रदर्शन किया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी डिपो से किसी कर्मचारी को हटाया गया तो उसी समय चक्का जाम कर दिया जाएगा।
रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी की और से डिपो प्रांगण में शुक्रवार को गेट मीटिंग हुई अध्यक्षता डिपो प्रधान रामसिंह बिश्नोई, सतपाल डाबला, अजमेर सावंत, रमेश माल व पवन बूरा ने की। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेता दलबीर किरमारा, रमेश सैनी एवं जयभगवान बड़ाला ने कहा कि सरकार का काम रोजगार देना होना चाहिए, छीनना नहीं। हाल ही में सरकार ने विभाग में चालक भर्ती किए हैं, लेकिन भर्ती हुए चालकों की संख्या विज्ञापित चालकों की संख्या से काफी कम है, इसलिए किसी डिपो में चालक सरप्लस होने का सवाल ही नहीं है। ऐसे में उच्चाधिकारी इन 365 चालकों को हटाने का आदेश देकर कर्मचारियों के रोष की आग में घी डालने का प्रयास कर रहे हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करना था, लेकिन ऐन मौके पर सरकार की ओर से इन चालकों की सेवाएं फिलहाल समाप्त न करने के आश्वासन पर चक्का जाम को टाल दिया गया। रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी नहीं चाहती कि चक्का जाम होने से विभाग को घाटा हो और जनता को परेशानी हो, लेकिन विभाग के उच्चाधिकारी अपनी मनमर्जी चलाने के प्रयास में मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को गुमराह करके उन्हें कर्मचारियों के खिलाफ भड़का रहे हैं। सभी यूनियन कर्मचारियों व आम जनता के हित में एकजुट हैं। इन 365 चालकों को हटाने का प्रयास किया गया तो किसी भी समय प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम हो सकता है। दलबीर किरमारा ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह एवं महानिदेशक विकास गुप्ता से फोन पर हुई बातचीत का ब्योरा कर्मचारियों के समक्ष रखा। इसमें अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल इन 365 चालकों को हटाने का फैसला रोक दिया गया है। शीघ्र ही बैठक बुलाकर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारियों की गेट मीटिंग को उपरोक्त के अलावा कुलदीप पाबड़ा, सुभाष ढिल्लो, अरुण शर्मा, तेजेंद्र गोदारा, धर्मपाल शर्मा, कृष्ण ढिल्लो, सुभाष किरमारा, महेंद्र माटा और दर्शन जांगड़ा सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। तत्पश्चात कर्मचारियों ने जीएम ऑफिस के समक्ष नारेबाजी की और इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्णय का विरोध जताया।
रोडवेज कर्मचारी 12 को सौंपेंगे अशोक तंवर को ज्ञापन
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजपाल नैन ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 12 मई को रोडवेज के कर्मचारी सिरसा में इकट्ठा होकर कांग्रेस कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें हिसार, सिरसा, जींद, फतेहाबाद भिवानी जिलों के कर्मचारी शामिल होंगे।
विज्ञापन
सरकार ने एक बार फिर इस तेज गर्मी में चालकों को हटाने के आदेश पारित कर के ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि यदि प्रदेश में रोडवेज के किसी एक चालक को भी हटाने का आदेश पारित किया गया तो उसी समय पूरे प्रदेश में बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
हिसार।
वर्ष 2016 में भर्ती किए गए चालकों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो प्रांगण में प्रदर्शन किया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी डिपो से किसी कर्मचारी को हटाया गया तो उसी समय चक्का जाम कर दिया जाएगा।
रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी की और से डिपो प्रांगण में शुक्रवार को गेट मीटिंग हुई अध्यक्षता डिपो प्रधान रामसिंह बिश्नोई, सतपाल डाबला, अजमेर सावंत, रमेश माल व पवन बूरा ने की। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेता दलबीर किरमारा, रमेश सैनी एवं जयभगवान बड़ाला ने कहा कि सरकार का काम रोजगार देना होना चाहिए, छीनना नहीं। हाल ही में सरकार ने विभाग में चालक भर्ती किए हैं, लेकिन भर्ती हुए चालकों की संख्या विज्ञापित चालकों की संख्या से काफी कम है, इसलिए किसी डिपो में चालक सरप्लस होने का सवाल ही नहीं है। ऐसे में उच्चाधिकारी इन 365 चालकों को हटाने का आदेश देकर कर्मचारियों के रोष की आग में घी डालने का प्रयास कर रहे हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में चक्का जाम करना था, लेकिन ऐन मौके पर सरकार की ओर से इन चालकों की सेवाएं फिलहाल समाप्त न करने के आश्वासन पर चक्का जाम को टाल दिया गया। रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी नहीं चाहती कि चक्का जाम होने से विभाग को घाटा हो और जनता को परेशानी हो, लेकिन विभाग के उच्चाधिकारी अपनी मनमर्जी चलाने के प्रयास में मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को गुमराह करके उन्हें कर्मचारियों के खिलाफ भड़का रहे हैं। सभी यूनियन कर्मचारियों व आम जनता के हित में एकजुट हैं। इन 365 चालकों को हटाने का प्रयास किया गया तो किसी भी समय प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम हो सकता है। दलबीर किरमारा ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह एवं महानिदेशक विकास गुप्ता से फोन पर हुई बातचीत का ब्योरा कर्मचारियों के समक्ष रखा। इसमें अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल इन 365 चालकों को हटाने का फैसला रोक दिया गया है। शीघ्र ही बैठक बुलाकर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारियों की गेट मीटिंग को उपरोक्त के अलावा कुलदीप पाबड़ा, सुभाष ढिल्लो, अरुण शर्मा, तेजेंद्र गोदारा, धर्मपाल शर्मा, कृष्ण ढिल्लो, सुभाष किरमारा, महेंद्र माटा और दर्शन जांगड़ा सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। तत्पश्चात कर्मचारियों ने जीएम ऑफिस के समक्ष नारेबाजी की और इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्णय का विरोध जताया।
विज्ञापन
रोडवेज कर्मचारी 12 को सौंपेंगे अशोक तंवर को ज्ञापन
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजपाल नैन ने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 12 मई को रोडवेज के कर्मचारी सिरसा में इकट्ठा होकर कांग्रेस कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें हिसार, सिरसा, जींद, फतेहाबाद भिवानी जिलों के कर्मचारी शामिल होंगे।
विज्ञापन
सरकार ने एक बार फिर इस तेज गर्मी में चालकों को हटाने के आदेश पारित कर के ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि यदि प्रदेश में रोडवेज के किसी एक चालक को भी हटाने का आदेश पारित किया गया तो उसी समय पूरे प्रदेश में बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।