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नगर निगम की महिला कर्मी से अपशब्द कहने के मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम में सक्षम युवा योजना के तहत लगी महिला कर्मी को सहयोगी कर्मचारी द्वारा अपशब्द बोलने के मामले में शुक्रवार को महिला आयोग ने संज्ञान लिया। महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर से लेकर आरोपी पुरुष कर्मचारी तक को रेस्ट हाउस में तलब किया। साथ ही ब्रांच में कार्यरत दोनों महिला कर्मचारियों के भी बयान लिए गए। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों के दबाव के कारण महिला आयोग के समक्ष महिला कर्मचारियों ने इसे काम को लेकर आपसी व्यवहार का मामला बताकर पुरुष कर्मचारी को क्लीन चिट दे दी। हालांकि आयोग सदस्य सुमन बेदी ने कर्मचारी से लिखित में लिया कि वह दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेगा और न ही कभी काम को लेकर दबाव बनाएगा।
एक ही रात में बन गई यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी
जहां वीरवार तक नगर निगम में कोई यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी नहीं बनी थी, वहीं एक ही रात में कमेटी का गठन कर दिया गया। महिला आयोग की सदस्य ने जब शुक्रवार को कमेटी के बारे में पूछा तो निगम अधिकारियों ने बताया कि एनजीओ की महिला सदस्य न होने के कारण कमेटी नहीं बन पाई थी, लेकिन अब बना दी गई। कमेटी में छह सदस्यों को शामिल किया गया है। महिला क्लर्क को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
निगम कार्यालय में कमेटी सदस्यों के नाम का डिस्प्ले बोर्ड लगाने के आदेश
आयोग सदस्य सुमन बेदी ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर को आदेश दिए कि वह निगम कार्यालय परिसर में यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी के सदस्यों के नाम सहित डिस्प्ले बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। बोर्ड पर बाकायदा स्पष्ट शब्दों में लिखा हो कि किसी भी महिला कर्मचारी के साथ कोई साथी पुरुष कर्मचारी गलत व्यवहार करता है तो वह कमेटी के सदस्यों को अपनी शिकायत दी। शिकायत मिलने पर कमेटी उस पर सख्त कार्रवाई करे।
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महिला आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया। मैंने निगम अधिकारियों व ब्रांच के इन कर्मचारियों को भी बुलाया। महिला कर्मचारियों ने इसे काम को लेकर आपसी व्यवहार का मामला बताया है। फिर भी मैंने निगम अधिकारियों को डिस्प्ले बोर्ड लगाने और भविष्य में ऐसा व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। जल्द ही निगम कार्यालय की विजिट करेंगे।
-सुमन बेदी, सदस्य, महिला आयोग, हरियाणा
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हिसार। नगर निगम में सक्षम युवा योजना के तहत लगी महिला कर्मी को सहयोगी कर्मचारी द्वारा अपशब्द बोलने के मामले में शुक्रवार को महिला आयोग ने संज्ञान लिया। महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर से लेकर आरोपी पुरुष कर्मचारी तक को रेस्ट हाउस में तलब किया। साथ ही ब्रांच में कार्यरत दोनों महिला कर्मचारियों के भी बयान लिए गए। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों के दबाव के कारण महिला आयोग के समक्ष महिला कर्मचारियों ने इसे काम को लेकर आपसी व्यवहार का मामला बताकर पुरुष कर्मचारी को क्लीन चिट दे दी। हालांकि आयोग सदस्य सुमन बेदी ने कर्मचारी से लिखित में लिया कि वह दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेगा और न ही कभी काम को लेकर दबाव बनाएगा।
एक ही रात में बन गई यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी
जहां वीरवार तक नगर निगम में कोई यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी नहीं बनी थी, वहीं एक ही रात में कमेटी का गठन कर दिया गया। महिला आयोग की सदस्य ने जब शुक्रवार को कमेटी के बारे में पूछा तो निगम अधिकारियों ने बताया कि एनजीओ की महिला सदस्य न होने के कारण कमेटी नहीं बन पाई थी, लेकिन अब बना दी गई। कमेटी में छह सदस्यों को शामिल किया गया है। महिला क्लर्क को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
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निगम कार्यालय में कमेटी सदस्यों के नाम का डिस्प्ले बोर्ड लगाने के आदेश
आयोग सदस्य सुमन बेदी ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर को आदेश दिए कि वह निगम कार्यालय परिसर में यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी के सदस्यों के नाम सहित डिस्प्ले बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। बोर्ड पर बाकायदा स्पष्ट शब्दों में लिखा हो कि किसी भी महिला कर्मचारी के साथ कोई साथी पुरुष कर्मचारी गलत व्यवहार करता है तो वह कमेटी के सदस्यों को अपनी शिकायत दी। शिकायत मिलने पर कमेटी उस पर सख्त कार्रवाई करे।
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महिला आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया। मैंने निगम अधिकारियों व ब्रांच के इन कर्मचारियों को भी बुलाया। महिला कर्मचारियों ने इसे काम को लेकर आपसी व्यवहार का मामला बताया है। फिर भी मैंने निगम अधिकारियों को डिस्प्ले बोर्ड लगाने और भविष्य में ऐसा व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। जल्द ही निगम कार्यालय की विजिट करेंगे।
-सुमन बेदी, सदस्य, महिला आयोग, हरियाणा