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छह दिन तक नहीं लगा पता कहां शिवांगी, परिजन मांगते रहे जिंदगी की दुआ

Fri, 25 May 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 25 May 2018 12:52 AM IST
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छह दिन तक नहीं लगा पता कहां शिवांगी, परिजन मांगते रहे जिंदगी की दुआ
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
चोटी फतह करने के पहले छह दिन के बाद शिवांगी का संपर्क सूत्र वॉकी-टॉकी खाई में गिर गया था। उसका कंपनी और परिजनों से संपर्क टूट गया। जब उसके परिजनों ने इस बारे में कंपनी से बात की तो उन्होंने कहा कि हो सकता है उसके साथ कुछ अनहोनी हो गई हो। चढ़ाई पर थोड़ी सी चूक का मतलब जान जाने का खतरा होता है। इन छह दिनों में परिजन उसकी जिंदगी की दुआ करते रहे। यह जानकारी वीरवार को शिवांगी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
मीडिया से बातचीत में शिवांगी ने बताया कि 54 दिन की चढ़ाई के दौरान जब वे कैंप-1 में पहुंची तो उसे सबसे ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ा। उसकी हिम्मत जवाब दे गई। एक बार तो वापस जाने का निर्णय कर लिया। भगवान, माता-पिता और कोच को याद किया तो मन में फिर से जोश भर गया। शिवांगी ने बताया कि चढ़ाई के दौरान जगह-जगह पर कठिनाइयां आईं, जो उनके मनोबल को गिरा रही थीं। साथ ले जाई गई भगवान गणेश की तस्वीर ने उसका मनोबल बढ़ाया।
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हौसलों से पस्त किए बर्फीले तूफान
कैंप-3 में पहुंचने पर भयानक बर्फीले तूफान का सामना करना पड़ा, जिसके चलते ग्रुप के सभी सदस्यों के हौसले पस्त होने लगे, लेकिन हिम्मत के साथ सभी आगे बढ़ते रहे। कई जगह तो दिन में केवल दो बार ही पीने को पानी मिलता था वो भी बर्फ को पिंघला कर कम मात्रा में ही पानी मिल पाता था।
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16 मई को फहराया तिरंगा
माउंट एवरेस्ट पर 16 मई सुबह आठ बजे तिरंगा झंडा फहराया। शिवांगी ने बताया कि उसके लिए वह पल कभी न भूलने वाला था, जो सपना वह वर्षों से संजो रही थी, उसे पूरा होते देख उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। बस दुख इस बात का था कि वह खुशी किसी से शेयर नहीं कर सकते थे।
वापसी में सो गई तो साथी हो गए थे चिंतित
वापसी के दौरान काफी थकान हो गई हो और भारी थकान के चलते उसे नींद आ गई, जिस पर ग्रुप के अन्य साथियों को लगा कि शिवांगी के साथ कोई अनहोनी घटना घटी है। कुछ देर बार उसकी नींद खुलने के बाद वे फिर से अपने गंतव्य की ओर चल पड़े। 54 दिन के बाद वह वापस लौट आई।
ऐन वक्त पर प्रायोजक ने कर दिया मना
शिवांगी के पिता राजेश पाठक और मां आरती पाठक ने बताया कि माउंट एवरेस्ट जाने का खर्च बहुत ज्यादा था, जिसके चलते उन्होंने सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से संपर्क किया। एक संस्था ने शिवांगी को प्रायोजित करने का वादा किया था। चढ़ाई शुरू होने के मौके पर उसे प्रायोजित करने से मना कर दिया। मुश्किलों का सामना करते हुए परिजनों ने पैसे का प्रबंध किया। रामनिवास धारीवाल व सुभाष पूनिया का धन्यवाद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी दी बधाई
माउंट एवरेस्ट फतह करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवांगी को ट्वीट कर उसे बधाई दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, कैप्टन अभिमन्यु, रामबिलास शर्मा और कई अन्य मंत्रियों ने फोन के माध्यम से उसे बधाई दी। प्रेसवार्ता में रिंकू पानू, रविंद्र पानू, राजेश पाठक, आरती पाठक, सुमन पाठक, अनिल चौधरी, माधव, हर्षवर्धन, राघव पाठक, दिवांशी पाठक आदि मौजूद थे।
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