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आरटीआई : जवाब नहीं देने पर नगर निगम 3 अधिकारियों को देने होंगे 10-10 हजार

Tue, 25 Aug 2020 07:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 07:00 PM IST
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10-10 thosand fine on municipality officer in RTI case
हिसार। आरटीआई का तय समय में जवाब नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग की ओर से नगर निगम के तीन जन सूचना अधिकारियों को शिकायतकर्ता को 10-10 हजार रुपये हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।
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जागो इंडिया जागो संस्था के संस्थापक जितेंद्र आर्य द्वारा लगाई गई दो आरटीआई का निश्चित समयावधि में जवाब नहीं देने पर उन्होंने द्वितीय अपील की और शिकायत सूचना आयोग में दी। इस पर सूचना आयुक्त जयसिंह बिश्नोई ने निर्णय देते हुए जितेंद्र आर्य को मुआवजे के लिए 10-10 हजार रुपये की राशि चार सप्ताह में देने के आदेश जारी किए हैं और अगली सुनवाई की तारीख 4 सितंबर और 14 सितंबर निर्धारित की है।
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139 दिन बाद दी जानकारी में बताया सूचना शून्य है
जितेंद्र आर्य ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में आरटीआई लगाकर 2017 से 2019 के मध्य हिसार में पौधरोपण एवं पेड़ों की देखभाल खर्च के संदर्भ में सूचना मांगी थी। पूछा था कि निगम ने शहर में कुल कितने पेड़ लगाए व पेड़ों के रखरखाव पर कितना खर्च किया। वहीं, दूसरी सूचना अतिक्रमण पर दिए उनके लीगल नोटिस पर कार्रवाई से संबंधित थी, जिसका समयावधि में जवाब नहीं देने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं निगम की संयुक्त आयुक्त के समक्ष प्रथम अपील लगाई। जिस पर न तो प्रथम अपील अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही जनसूचना अधिकारी ने सूचना दी। आयोग में पहुंचने के बाद एक केस में जनसूचना अधिकारी ने उन्हें 139 दिनों के बाद जानकारी भेजी, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि नगर निगम ने पिछले 2 वर्ष में शहर में एक भी पेड़ नहीं लगाया और न ही पेड़ों के रखरखाव पर कोई राशि खर्च की और लिखा कि सूचना ‘शून्य’ है। सूचना आयुक्त जयसिंह बिश्नोई ने मामले को गंभीरता से लिया और निगम के उत्तरदाताओं को 10 हजार का मुआवजा जितेंद्र को 4 सप्ताह में देने के आदेश जारी किए। जितेंद्र ने बताया कि दूसरी आरटीआई के लिए उन्होंने आरटीआई एक्ट 2005 की धारा 18 (1)(सी) के अंतर्गत सूचना आयोग में शिकायत दर्ज करवाई। इस पर आयुक्त जयसिंह बिश्नोई ने उत्तरदाताओं को 10 हजार रुपये हर्जाना उन्हें देने के आदेश जारी किए।
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