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गूगल अर्थ पर देख सकेंगे बस क्यू शेल्टर
Gurgaon
Updated Tue, 23 Jul 2013 05:32 AM IST
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गुड़गांव। नगर निगम एरिया में 112 स्थानों पर बस क्यू शेल्टर के लिए सैटेलाइट मैप तैयार कर लिया गया है। सभी स्थानों को जीपीएस के जरिए चिन्ह्ति किया गया है। हर बस क्यू शेल्टर का अलग कोड नंबर है।
नगर निगम के किसी भी बस क्यू शेल्टर को गूूगल अर्थ पर देखा जा सकेगा। नगर निगम ने सिटी बस सेवा के लिए सात रूट पर 112 बस क्यू शेल्टर प्रस्तावित किए हैं। सभी शेल्टर के लिए जियोग्राफिक इंर्फोसमेशन सिस्टम यानी जीआईएस मैपिंग का काम पूरा हो गया है। निगम ने बस क्यू शेल्टर के लिए एक समिति गठित की थी। इसमें असिस्टेंट टाउन प्लानर धर्मपाल, आईटी मैनेजर नरेंद्र कटारिया, सहायक अभियंता अमित शामिल हैं। सभी बस क्यू शेल्टर को सैटेलाइट के जरिए गूगल पर आसानी से खोजा जा सकेगा। नगर निगम के दस्ते ने हर एक शेल्टर को यूनिक कोड नंबर दिया है। इसके जरिए क्यू शेल्टर के संबंध में हर एक तरह की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। कोड तीन नंबर का होगा। इसमें पहला अंक रूट नंबर के बारे में जानकारी देगा। दूसरा अंक लोकेशन की जानकारी देगा। तीसरा अंक रोड की जानकारी देगा। नगर निगम की ओर से सिटी बस सेवा के रूट के लिए करीब दो साल पहले स्थान तय किए गए थे। इन रूटों पर बस क्यू शेल्टर के बारे में फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं किया गया था। इसके लिए निगम ने सैटेलाइट मैप के जरिए सर्वे को आधार बनाने का फैसला लिया। निगम की ओर से सभी रूट की मैपिंग कर इसे गूगल पर उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई। जल्द ही इसे निगम की वेबसाइट से लिंक किया जाएगा। निगम के अधिकारी यूनिक आईडी के जरिए बस क्यू शेल्टर की पहचान कर सकेंगे।
नगर निगम के आईटी मैनेजर नरेंद्र कटारिया ने बताया कि सभी रूट मैप प्लान तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इनके निर्माण का काम शुरू होगा।
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नगर निगम के किसी भी बस क्यू शेल्टर को गूूगल अर्थ पर देखा जा सकेगा। नगर निगम ने सिटी बस सेवा के लिए सात रूट पर 112 बस क्यू शेल्टर प्रस्तावित किए हैं। सभी शेल्टर के लिए जियोग्राफिक इंर्फोसमेशन सिस्टम यानी जीआईएस मैपिंग का काम पूरा हो गया है। निगम ने बस क्यू शेल्टर के लिए एक समिति गठित की थी। इसमें असिस्टेंट टाउन प्लानर धर्मपाल, आईटी मैनेजर नरेंद्र कटारिया, सहायक अभियंता अमित शामिल हैं। सभी बस क्यू शेल्टर को सैटेलाइट के जरिए गूगल पर आसानी से खोजा जा सकेगा। नगर निगम के दस्ते ने हर एक शेल्टर को यूनिक कोड नंबर दिया है। इसके जरिए क्यू शेल्टर के संबंध में हर एक तरह की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। कोड तीन नंबर का होगा। इसमें पहला अंक रूट नंबर के बारे में जानकारी देगा। दूसरा अंक लोकेशन की जानकारी देगा। तीसरा अंक रोड की जानकारी देगा। नगर निगम की ओर से सिटी बस सेवा के रूट के लिए करीब दो साल पहले स्थान तय किए गए थे। इन रूटों पर बस क्यू शेल्टर के बारे में फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं किया गया था। इसके लिए निगम ने सैटेलाइट मैप के जरिए सर्वे को आधार बनाने का फैसला लिया। निगम की ओर से सभी रूट की मैपिंग कर इसे गूगल पर उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई। जल्द ही इसे निगम की वेबसाइट से लिंक किया जाएगा। निगम के अधिकारी यूनिक आईडी के जरिए बस क्यू शेल्टर की पहचान कर सकेंगे।
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नगर निगम के आईटी मैनेजर नरेंद्र कटारिया ने बताया कि सभी रूट मैप प्लान तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इनके निर्माण का काम शुरू होगा।