फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Former Pakistani MP selling ice cream in Haryana Diwaya Ram

Diwaya Ram: पाकिस्तान का पूर्व सांसद आइसक्रीम बेचकर कर रहा गुजारा, 25 साल पहले आया था भारत

Wed, 30 Apr 2025 06:16 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Published by: शाहिल शर्मा Updated Wed, 30 Apr 2025 06:16 PM IST
सार

पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो की 1989 की सरकार में अल्पसंख्यक कोटे से सांसद होने का दावा करने वाले 80 वर्षीय दिवाया राम हरियाणा में फतेहाबाद जिले में रहते हैं। वह आइसक्रीम बेचने का काम करते हैं। पहलगाम हमले के बाद वह सुर्खियों में हैं। डिटेल में पढ़ें खबर...

विज्ञापन
Former Pakistani MP selling ice cream in Haryana Diwaya Ram
पाकिस्तान का पूर्व सांसद भारत में बेच रहा आइसक्रीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों के देश छोड़ने के ऐलान के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। करीब 18 साल पहले पाकिस्तान छोड़कर रतिया क्षेत्र में आए हिंदू परिवारों के भी दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। ये लोग साल 2014 से पहले भारत में रहे रहे हैं इसलिए इन्हें पाकिस्तान नहीं भेजा जा रहा लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस लोगों पर पूरी नजर रख रही हैं।  इस बात की पुष्टि जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने की। उन्होंने कहा कि कुछ एक पाकिस्तान परिवार जिले में रह रहे हैं। वह परिवार नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत आते हैं। उन्हें वापस पाकिस्तान नहीं भेजा जा रहा। जब भी भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात बनते हैं तो प्रशासन की नजरें इन हिंदू पाकिस्तानी परिवारों की तरफ भी रहती हैं और इन्हें जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन


दिवाया राम पाकिस्तान के हैं पूर्व सांसद
साल 2000 में भारत आए व पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो की 1989 की सरकार में अल्पसंख्यक कोटे से सांसद होने का दावा करने वाले 80 वर्षीय दिवाया राम का कहना है कि उन्होंने जिंदगी के 55 साल पाकिस्तान में गुजारे हैं। पाकिस्तान के सियासतदानों को वह अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि वे बातों से नहीं युद्ध से ही सबक लेंगे। उन्होंने कहा पहलगाम हमले के बाद भारत को पाकिस्तान पर हमला करना चाहिए और युद्ध के दौरान अगर उन्हें किसी मोर्चे पर भेजा जाता है तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।
विज्ञापन

Former Pakistani MP selling ice cream in Haryana Diwaya Ram
दिवाया राम का परिवार - फोटो : अमर उजाला
हिंदू होने की वजह से किया तंग, तभी किया पलायन

दिवाया राम ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के आजाद होने के समय उनके काफी रिश्तेदार क्षेत्र के गांव सरदारे वाला व रोहतक के मदीना में आकर रहने लगे लेकिन उनका परिवार पाकिस्तान में ही पंजाब क्षेत्र के नुहिया जिले के चक 150 टीरिया में रहने लगा। दिवाया राम ने बताया कि जब भारत-पाकिस्तान अलग हुए तो उनकी उम्र दो साल थी। पाकिस्तान बनने के बाद वहां पर हिंदुओं को नीची नजर से देखा जाता था  लेकिन बांग्लादेश बनने के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होने शुरू हो गए जिससे तंग आकर आखिरकार वह परिवार के साथ साल 2000 में भारत आए थे।

दिवाया राम ने बताया कि जब वह पाकिस्तान छोड़कर भारत आए तो उनके साथ उनकी पत्नी राजो माई, मां, आठ लड़के और दो लड़कियों सहित 13 लोग थे। भारत आने पर वह रोहतक के मदीना गांव में रहने लगे जिसके बाद साल 2008 में वह फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव रतनगढ़ में रहने लगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनकी एक और बेटी हुई। वह अपनी तीनों बेटियों और 7 बेटों की शादी कर चुके हैं।

शुरू में लिया था एक माह का वीजा

दिवाया राम अपने परिवार के साथ शुरू में सिर्फ एक माह का वीजा लेकर भारत आए थे। इसके बाद वे साल 2018 तक अपने परिवार का वीजा बढ़वाते रहे। पहले वीजा हर साल बढ़वाना पड़ता था। उसके बाद एक साल की बजाय पांच साल का वीजा मिलने लगा। उन्होंने कहा कि भारत आने पर उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिला जिसके चलते उनका व उनके परिवार के सदस्यों का जीवन अच्छा चल रहा है। वर्तमान में दिवाया राम का 30 सदस्यों का परिवार है और वह कुल्फी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं उनके बेटे गोशाला में गौ सेवा और क्षेत्र में चौकीदारी का काम करके परिवार चलाने में सहयोग करते हैं।

दिवाया राम ने कहा पाकिस्तान जाने की बात सोच कर ही उनका परिवार सिहर उठता है। क्योंकि भारत आने के बाद से ही उनके बच्चों की शादियां भी आसपास के क्षेत्रों में हुई हैं इसलिए उन्हें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही सीएए के तहत नागरिकता मिलेगी और वह अपने आप को भारतीय कहलवाना पसंद करेंगे।

एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि जिले में कुछ लोग पाकिस्तान से आकर यहां रह रहे हैं, जो नागरिक संशोधन कानून के अंतर्गत आते हैं। जिले में कोई भी व्यक्ति पाकिस्तान वापस भेजे जाने के नियम के अंतर्गत नहीं हैं। दस्तावेजों की जांच एक रूटीन प्रक्रिया है जो सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा समय-समय पर की जाती है।

ये भी पढ़ें: मंत्री अनिल विज का तंज: कांग्रेस देश की रक्षक नहीं, गद्दार पार्टी; हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान चले जाना चाहिए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed