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डीसी से मिले यशपाल मलिक, डीएसपी के खिलाफ दिखाई वीडियो फुटेज
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:21 AM IST
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riot
- फोटो : fatehabad
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जाट आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच 19 मार्च को भूना के ढाणी गोपाल में हुए टकराव के बाद जाट नेता लगातार पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। बीते दिन दर्जनों जाट आंदोलनकारियों के भूना अस्पताल में भर्ती होने के बाद वीरवार देर सांय जाट नेता यशपाल मलिक अपने कुछ साथियों के साथ डीसी एनके सोलंकी से मिले और उन्हें वीडियो फुटेज दिखाई है। इस सीडी के आधार पर मलिक ने डीएसपी गुरदयाल सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर 19 मार्च के टकराव में पहल करने का आरोप लगाया। मलिक द्वारा दिखाई गई वीडियो फुटेज के आधार पर उन्होंने उपायुक्त से कमेटी बनाकर इस मामले की जांच की मांग की है। डीसी एनके सोलंकी ने शिकायत को एसपी फतेहाबाद को मार्क कर दी। इस मामले की पुष्टि करते हुए एसपी ओपी नरवाल ने कहा कि उन्हें डीसी दफ्तर से शिकायत की कॉपी मिली है। इस शिकायत की जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा। उन्होंने वीडियो फुटेज डीसी को दिखाने की पुष्टि तो की है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा है कि उन्होंने अभी तक यह सीडी देखी नहीं है।
दावा : लाठियों के प्रसाद की बात कहते दिख रहे डीएसपी
जिला प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीसी एनके सोलंकी को जाट नेता यशपाल मलिक ने जो वीडियो फुटेज सौंपी है, उसमें डीएसपी गुरदयाल जाट आंदोलनकारियों को लाठियों के प्रसाद देने की बात कहता दिख रहे हैं। हालांकि यह फुटेज महज 20 सेकंड की बताई जा रही है और इसके आगे-पीछे किस संदर्भ में यह बात कही गई है, इसका जिक्र नहीं है। गौरतलब है कि बीते दिन भी मलिक ने डीएसपी गुरदयाल और पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल पर इस मामले में बीजेपी नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। लेकिन अब इस मामले में वीडियो फुटेज दिखाने के बाद यशपाल मलिक अपने आरोपों को पुख्ता करने की कोशिशों में हैं।
पुलिस के हाथ लगी एक और वीडियो फुटेज, बस पर हमला करते दिखे हमलावर
उधर, जिला पुलिस के हाथ 19 मार्च की हिंसा की एक और वीडियो फुटेज हाथ लगी है। फुटेज में बड़ी तादाद में आंदोलनकारी एक पुलिस बस को घेरकर इस पर हमला करते साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। बस में आग लगने की फुटेज भी इसमें शामिल है। इतना साफ है कि इस वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद जाट आंदोलनकारियों के उस दावे की हवा निकलनी तय है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बस के समीप पड़ी लकड़ियों के ढेर में पुलिस कार्यवाही के कारण आग लग गई थी, जिससे बस को आग लगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फुटेज में साफ दिख रहा है कि लकड़ियों के ढेर में आग लगने से पहले ही बस को आग लगाई जा चुकी है।
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वीरवार देर सायं डीसी एनके सोलंकी से मिलकर उन्हें एक वीडियो फुटेज दिखाई है, जिसमें डीएसपी गुरदयाल एवं उनके कर्मचारी आंदोलनकारियों को लाठियों का प्रसाद देने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। इस फुटेज के आधार पर एक औपचारिक शिकायत दी गई है जिसमें डीएसपी सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल यह फुटेज डीसी सोलंकी को सौंपी नहीं गई है। अगर डीसी जांच कमेटी बनाकर इस फुटेज की मांग करते हैं तो उन्हें सौंप दी जाएगी।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
डीसी दफ्तर से एक शिकायत मार्क होकर मेरे पास आई है, जिसमें डीएसपी गुरदयाल एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर 19 मार्च की हिंसा में पहल करने का आरोप है। मेरी जानकारी में आया है कि शिकायतकर्ता ने डीसी को कोई वीडियो फुटेज दिखाई है, लेकिन अभी तक मेरे पास ऐसी कोई फुटेज नहीं आई है। जांच के बाद ही इस शिकायत पर कुछ कहा जा सकेगा।
ओपी नरवाल, एसपी, फतेहाबाद
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दावा : लाठियों के प्रसाद की बात कहते दिख रहे डीएसपी
जिला प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीसी एनके सोलंकी को जाट नेता यशपाल मलिक ने जो वीडियो फुटेज सौंपी है, उसमें डीएसपी गुरदयाल जाट आंदोलनकारियों को लाठियों के प्रसाद देने की बात कहता दिख रहे हैं। हालांकि यह फुटेज महज 20 सेकंड की बताई जा रही है और इसके आगे-पीछे किस संदर्भ में यह बात कही गई है, इसका जिक्र नहीं है। गौरतलब है कि बीते दिन भी मलिक ने डीएसपी गुरदयाल और पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल पर इस मामले में बीजेपी नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। लेकिन अब इस मामले में वीडियो फुटेज दिखाने के बाद यशपाल मलिक अपने आरोपों को पुख्ता करने की कोशिशों में हैं।
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पुलिस के हाथ लगी एक और वीडियो फुटेज, बस पर हमला करते दिखे हमलावर
उधर, जिला पुलिस के हाथ 19 मार्च की हिंसा की एक और वीडियो फुटेज हाथ लगी है। फुटेज में बड़ी तादाद में आंदोलनकारी एक पुलिस बस को घेरकर इस पर हमला करते साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। बस में आग लगने की फुटेज भी इसमें शामिल है। इतना साफ है कि इस वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद जाट आंदोलनकारियों के उस दावे की हवा निकलनी तय है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बस के समीप पड़ी लकड़ियों के ढेर में पुलिस कार्यवाही के कारण आग लग गई थी, जिससे बस को आग लगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फुटेज में साफ दिख रहा है कि लकड़ियों के ढेर में आग लगने से पहले ही बस को आग लगाई जा चुकी है।
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वीरवार देर सायं डीसी एनके सोलंकी से मिलकर उन्हें एक वीडियो फुटेज दिखाई है, जिसमें डीएसपी गुरदयाल एवं उनके कर्मचारी आंदोलनकारियों को लाठियों का प्रसाद देने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। इस फुटेज के आधार पर एक औपचारिक शिकायत दी गई है जिसमें डीएसपी सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल यह फुटेज डीसी सोलंकी को सौंपी नहीं गई है। अगर डीसी जांच कमेटी बनाकर इस फुटेज की मांग करते हैं तो उन्हें सौंप दी जाएगी।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
डीसी दफ्तर से एक शिकायत मार्क होकर मेरे पास आई है, जिसमें डीएसपी गुरदयाल एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर 19 मार्च की हिंसा में पहल करने का आरोप है। मेरी जानकारी में आया है कि शिकायतकर्ता ने डीसी को कोई वीडियो फुटेज दिखाई है, लेकिन अभी तक मेरे पास ऐसी कोई फुटेज नहीं आई है। जांच के बाद ही इस शिकायत पर कुछ कहा जा सकेगा।
ओपी नरवाल, एसपी, फतेहाबाद