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Fatehabad News: गेहूं का रकबा घटा, सरसों में किसानों ने दिखाई दिलचस्पी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 10:15 PM IST
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Wheat acreage falls, farmers show interest in mustard
फतेहाबाद के गांव धांगड़ में लहलहाती गेहूं की फसल। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। पिछले साल की बजाए, इस बार गेहूं का रकबा घटा है। वहीं सरसों की ओर किसानों ने अधिक दिलचस्पी दिखाई है। बताया जा रहा है कि सरसों के दाम बढ़ने के कारण किसानों का ध्यान सरसों की ओर अधिक गया है। जिले में भट्टू कलां क्षेत्र व बड़ोपल आदि गांवों में सरसों की अधिक खेती होती है। जिले में गेहूं के रकबे में 830 हेक्टेयर की कमी आई है, वहीं सरसों का रकबा 2570 हेक्टेयर बढ़ा है।
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फतेहाबाद में इस बार गेहूं की रकबे में गिरावट आई है। पिछले साल जहां एक लाख 83 हजार 400 हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई हुई थी। इस साल यह घटकर एक लाख 82 हजार 570 हेक्टेयर पर सीमित रह गई है। वहीं सरसों के रकबा बढ़ा है। पिछले साल जहां 23 हजार 550 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई हुई थी, वहीं इस साल 25 हजार 120 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई हुई है। फतेहाबाद में भट्टू कलां क्षेत्र के अलावा, बड़ोपल, कुम्हारिया, चिंदड़, गोरखपुर, धांगड़, धारनिया आदि गांवों में सरसों की अधिक खेती होती है।
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सरसों के रेट बढ़ने के कारण बढ़ा रुझान
जिले में पिछले दो सालों से सरसों के रेट काफी बढ़े हैं। सरकार ने पिछले साल जहां सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल रखा हुआ था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 5450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं अनाज मंडियों में सरसों इससे अधिक रेटों में बिक रही है। सरसों के रेट भट्टूकलां की अनाज मंडी में 5800 से 5900 रुपये प्रति क्विंटल तक हैं, ऐसे में इस बार सरसों की ओर किसानों ने अधिक रुझान दिखाया है। वहीं गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 2125 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि पिछले साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल था।
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सरसों के तेल में आई तेजी
सरसों के दामों में आई बढ़त का एक मुख्य कारण यह भी बताया जा रहा है कि सरसों के तेल में भारी तेजी आई है। इस समय फतेहाबाद में सरसों का तेल 160 से 170 रुपये प्रति लीटर है। कोरोना काल में सरसों के तेल की डिमांड काफी अधिक हो गई थी। लोगों की डिमांड अधिक होने के कारण सरसों के तेल के रेटों में इजाफा हुआ और अब इसका उत्पादन भी अधिक होगा।

कोट
इस बार जिले में गेहूं का रकबा घटा है, जबकि सरसों का रकबा बढ़ा है। अब मौसम खुल चुका है, इसलिए किसान अपनी फसलों की हल्की सिंचाई करें और जरूरत पड़ने पर ही स्प्रे करें। किसान जैविक खाद का अधिक प्रयोग करें, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति कायम रह सके।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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