{"_id":"6a5910c1b1a41cf3010d87cd","slug":"vijay-bahal-councilor-of-ward-11-suspended-in-a-corruption-case-fatehabad-news-c-127-1-ftb1011-157470-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: भ्रष्टाचार मामले में निलंबित किए गए वार्ड 11 के पार्षद विजय बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: भ्रष्टाचार मामले में निलंबित किए गए वार्ड 11 के पार्षद विजय बहाल
Thu, 16 Jul 2026 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:41 PM IST
विज्ञापन
बहाल हुआ पार्षद विजय कुमार,स्त्रोत स्वयं
रतिया। वार्ड 11 के निलंबित पार्षद विजय कुमार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने बहाल कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निलंबन आदेश रद्द करने का फैसला सुनाया। नगर पालिका सचिव शुभम कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
विजय कुमार को भ्रष्टाचार के आरोप में 20 मार्च को महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय ने निलंबित किया था। इसके खिलाफ उन्होंने 24 मार्च को अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से गलत तरीके से फंसाया गया है। इस मामले में अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और एंटी-करप्शन ब्यूरो हिसार ने अदालत में चालान भी पेश नहीं किया है।
उल्लेखनीय कि 22 दिसंबर 2025 को एंटी-करप्शन ब्यूरो हिसार में विजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता हरप्रीत सिंह से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले 28 हजार रुपये की मांग की और 20 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से लिए गए।
विज्ञापन
सुनवाई के बाद सरकार ने माना कि निलंबन आदेश स्पष्ट नहीं था। आदेश में कहा गया कि जांच लंबित है गिरफ्तारी नहीं हुई है और ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में जनप्रतिनिधि को अनिश्चित समय तक निलंबित रखना उचित नहीं है। विजय कुमार का कार्यकाल जुलाई 2027 तक है। सरकार ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर मामले की आगे जांच की जा सकती है और इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विजय कुमार को भ्रष्टाचार के आरोप में 20 मार्च को महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय ने निलंबित किया था। इसके खिलाफ उन्होंने 24 मार्च को अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से गलत तरीके से फंसाया गया है। इस मामले में अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और एंटी-करप्शन ब्यूरो हिसार ने अदालत में चालान भी पेश नहीं किया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय कि 22 दिसंबर 2025 को एंटी-करप्शन ब्यूरो हिसार में विजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता हरप्रीत सिंह से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले 28 हजार रुपये की मांग की और 20 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से लिए गए।
विज्ञापन
सुनवाई के बाद सरकार ने माना कि निलंबन आदेश स्पष्ट नहीं था। आदेश में कहा गया कि जांच लंबित है गिरफ्तारी नहीं हुई है और ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में जनप्रतिनिधि को अनिश्चित समय तक निलंबित रखना उचित नहीं है। विजय कुमार का कार्यकाल जुलाई 2027 तक है। सरकार ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर मामले की आगे जांच की जा सकती है और इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।