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Fatehabad News: शहर में 1390 रुपये में होगा एक कुत्ते का वैक्सीनेशन और नसबंदी
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फतेहाबाद। शहर में कुत्तों को पकड़कर उनके वैक्सीनेशन और नसबंदी को लेकर नगर परिषद ने टेंडर लगाया था। अब लोकसभा चुनावों के चलते आचार-सहिंता से पहले नगर परिषद अधिकारी इसे सिरे चढऩे में जुटे है। एजेंसी ने एक कुत्ते को पकड़कर उसके वैक्सीनेशन और नसबंदी को लेकर 1390 रुपये मांगे हैं। पहले एजेंसी ने 1500 रुपये प्रति कुत्ते का रेट दिया था।
नगर परिषद ने एजेंसी को रेट कम करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन एजेंसी ने 110 ही रेट कम किया है। इसके पीछे कारण ये भी है कि एक ही एजेंसी ने कुत्तों को लेकर टेंडर भरा था। हालांकि पहली बार में कम से कम तीन एजेंसी होने पर ही टेंडर खोला जाता है। लेकिन अधिकारियों ने आचार संहिता का हवाला देकर टेंडर खोल दिया है। नगर परिषद अधिकारी अब कम किए गए रेट का प्रस्ताव डीएमसी के पास भेजेंगे। डीएमसी की अनुमति के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी हो सकता है। नगर परिषद ने पहले एक पशु को पकड़ने का 920 रुपये और एक बंदर को पकड़ने का 2150 रुपये में ठेका दे चुका है। बता दें कि शहर के मॉडल टाउन, एमसी कॉलोनी, लाजपत नगर, अशोक नगर, हंस कॉलोनी, नहर कॉलोनी, स्वामी नगर आदि क्षेत्र में सबसे ज्यादा कुत्तों का आतंक है। रोजाना 15 से 20 लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में एंटी रैबीज लगवाने के लिए रोजाना 35 से 40 लोग पहुंच रहे हैं।
नगर परिषद ने कुत्तों को लेकर एजेंसी के लिए ये लगाई है शर्तें
- वर्क आर्डर मिलने के एक सप्ताह में नियम व शर्तों के अनुरूप नगर परिषद से इकरारनामा करना होगा।
- अनुभवी कर्मचारियों को ही कुत्ते पकडऩे के लिए रखा जाएगा, वेटरनरी डॉक्टर का प्रबंध करना होगा।
- कुत्ते पकड़े के साधन, एंटी रेबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, बीमार होने पर दी जाने वाली दवाई इत्यादि का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों के लिए स्थान, पानी, बिजली, ऑपरेशन थियेटर, पंखा, दवाई रखने के लिए फ्रिज, सामान रखने के लिए अलमारी व फर्नीचर का प्रबंध करना होगा।
कुत्तों को पकड़ते समय कोई निर्दयता नहीं बरती जानी चाहिए। वर्ष 2001 व 2023 में दी गई हिदायतों का अनुपालन करना होगा।
- ठेकेदार द्वारा जिस क्षेत्र से नर व मादा कुत्तों को पकड़ा जाएगा, उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा तथा ऑपरेशन के बाद कुत्तों को पकड़े गए स्थान पर छोड़ना होगा।
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-स्थान की पहचान के लिए कुत्ते के गले में उस क्षेत्र के नाम का टैग लगा हो और छोडने बाद उस टैग को हटाना होगा।
- कुत्तों को पकडऩे के लिए खुद का वाहन होना चाहिए। वाहन के आगे नगर परिषद का बैनर लगा होना चाहिए।
- बिल की अदायगी पशुपालन विभाग के डॉक्टर व इस कार्य के लिए गठित की गई कमेटी के द्वारा सत्यापन बाद की जाएगी।
- कुत्तों को पकडऩे के लिए एजेंसी चिमटे व तारों का इस्तेमाल नही करेगी।
- नसबंदी हेतु शल्य क्रिया से ठीक होने के बाद कुत्तों को कम से कम 4 दिन के लिए चयनित जगह पर रखा जाएगा।
आज से पशु पकड़ने शुरू करेगी रेवाड़ी की एजेंसी
शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने रेवाड़ी की एजेंसी को ठेका दिया था। एजेंसी 920 रुपये में एक पशु पकड़ेगी। अधिकारियों की माने तो बुधवार से इन पशुओं को पकडऩे का काम शुरू हो सकता है। इन पशुओं को पकड़कर टैगिंग की जाएगी और नंदीशाला व गौशाला में छोड़ा जाएगा।
कोट
कुत्तों को पकड़कर उनके वैक्सीनेशन और नसबंदी को लेकर एजेंसी ने 1500 रुपये मांगे थे लेकिन रेट कम करवाया गया है। जो रेट कम हुआ है उसे मंजूरी के लिए डीएमसी के पास भेजा जाएगा।
- राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद
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नगर परिषद ने एजेंसी को रेट कम करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन एजेंसी ने 110 ही रेट कम किया है। इसके पीछे कारण ये भी है कि एक ही एजेंसी ने कुत्तों को लेकर टेंडर भरा था। हालांकि पहली बार में कम से कम तीन एजेंसी होने पर ही टेंडर खोला जाता है। लेकिन अधिकारियों ने आचार संहिता का हवाला देकर टेंडर खोल दिया है। नगर परिषद अधिकारी अब कम किए गए रेट का प्रस्ताव डीएमसी के पास भेजेंगे। डीएमसी की अनुमति के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी हो सकता है। नगर परिषद ने पहले एक पशु को पकड़ने का 920 रुपये और एक बंदर को पकड़ने का 2150 रुपये में ठेका दे चुका है। बता दें कि शहर के मॉडल टाउन, एमसी कॉलोनी, लाजपत नगर, अशोक नगर, हंस कॉलोनी, नहर कॉलोनी, स्वामी नगर आदि क्षेत्र में सबसे ज्यादा कुत्तों का आतंक है। रोजाना 15 से 20 लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में एंटी रैबीज लगवाने के लिए रोजाना 35 से 40 लोग पहुंच रहे हैं।
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नगर परिषद ने कुत्तों को लेकर एजेंसी के लिए ये लगाई है शर्तें
- वर्क आर्डर मिलने के एक सप्ताह में नियम व शर्तों के अनुरूप नगर परिषद से इकरारनामा करना होगा।
- अनुभवी कर्मचारियों को ही कुत्ते पकडऩे के लिए रखा जाएगा, वेटरनरी डॉक्टर का प्रबंध करना होगा।
- कुत्ते पकड़े के साधन, एंटी रेबीज दवाई, कुत्ते की खुराक, बीमार होने पर दी जाने वाली दवाई इत्यादि का प्रबंध करना होगा।
- कुत्तों के लिए स्थान, पानी, बिजली, ऑपरेशन थियेटर, पंखा, दवाई रखने के लिए फ्रिज, सामान रखने के लिए अलमारी व फर्नीचर का प्रबंध करना होगा।
कुत्तों को पकड़ते समय कोई निर्दयता नहीं बरती जानी चाहिए। वर्ष 2001 व 2023 में दी गई हिदायतों का अनुपालन करना होगा।
- ठेकेदार द्वारा जिस क्षेत्र से नर व मादा कुत्तों को पकड़ा जाएगा, उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा तथा ऑपरेशन के बाद कुत्तों को पकड़े गए स्थान पर छोड़ना होगा।
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-स्थान की पहचान के लिए कुत्ते के गले में उस क्षेत्र के नाम का टैग लगा हो और छोडने बाद उस टैग को हटाना होगा।
- कुत्तों को पकडऩे के लिए खुद का वाहन होना चाहिए। वाहन के आगे नगर परिषद का बैनर लगा होना चाहिए।
- बिल की अदायगी पशुपालन विभाग के डॉक्टर व इस कार्य के लिए गठित की गई कमेटी के द्वारा सत्यापन बाद की जाएगी।
- कुत्तों को पकडऩे के लिए एजेंसी चिमटे व तारों का इस्तेमाल नही करेगी।
- नसबंदी हेतु शल्य क्रिया से ठीक होने के बाद कुत्तों को कम से कम 4 दिन के लिए चयनित जगह पर रखा जाएगा।
आज से पशु पकड़ने शुरू करेगी रेवाड़ी की एजेंसी
शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने रेवाड़ी की एजेंसी को ठेका दिया था। एजेंसी 920 रुपये में एक पशु पकड़ेगी। अधिकारियों की माने तो बुधवार से इन पशुओं को पकडऩे का काम शुरू हो सकता है। इन पशुओं को पकड़कर टैगिंग की जाएगी और नंदीशाला व गौशाला में छोड़ा जाएगा।
कोट
कुत्तों को पकड़कर उनके वैक्सीनेशन और नसबंदी को लेकर एजेंसी ने 1500 रुपये मांगे थे लेकिन रेट कम करवाया गया है। जो रेट कम हुआ है उसे मंजूरी के लिए डीएमसी के पास भेजा जाएगा।
- राजेंद्र सोनी, ईओ नगर परिषद