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यूरिया खाद न मिलने पर किसानों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 17 Dec 2014 12:16 AM IST
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यूरिया खाद न मिलने पर सैकड़ों किसानों ने नई दिल्ली-फाजिल्का नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया और भाजपा के बैनर तथा झंडों को आग लगा दी। जाम की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने किसानों को हटाने के लिए लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें कई किसान घायल हो गए।
इस दौरान हंगामा कर रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। लाठी चार्ज के बाद किसान मौके से गायब हो गए और उसके बाद पुलिस ने लाल बत्ती चौक पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
किसानों ने यूरिया खाद को लेकर सोमवार को भी लाल बत्ती चौक पर जाम लगाया था। जिसके बाद प्रशासन की ओर से 36 हजार कट्टे यूरिया खाद देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन मंगलवार को तीन एजेंसियों पर मात्र 4200 बैग ही पहुंचे और बाकी की खाद टोहाना भेज दी गई।
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मंगलवार सुबह खाद मिलने की सूचना मिलने पर 5 हजार से ज्यादा किसान तीनों एजेंसियों पर पहुंच गए लेकिन स्टॉक कम था। जिसके बाद किसानों ने अनाजमंडी मार्केंटिग सोसायटी, अग्रवाल ब्रदर्स तथा मित्तल पेस्टीसाइड का घेराव कर लिया और धक्का-मुक्की शुरू कर दी और इस दौरान सेल काउंटर भी तोड़ डाले।
दोपहर बाद तीनों एजेंसियों में स्टाक खत्म होते ही गुस्साए किसानों ने नए बस स्टैंड के बाहर जाम लगा दिया। जाम लगाने के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसान नारेबाजी करते रहे और भाजपा नेताओं के बैनर फाड़ते और जलाते रहे।
फतेहाबाद की पुलिस रतिया में होने के कारण किसानों ने बस स्टैंड के बाहर खूब हंगामा मचाया और सामान्य अस्पताल से आ रही एंबुलेंस को भी रोक लिया। लेकिन बाद में पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर एंबुलेंस को निकाला। एक घंटा बस स्टैंड के बाहर जाम लगाने के बाद किसान नारे लगाते हुए लाल बत्ती चौक पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
लालबत्ती चौक पर भी किसानों ने भाजपा के बैनर जलाए। सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी जुगल किशोर तथा इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ आते ही किसानों को समझाने का प्रयास किया।
लेकिन किसान जब नहीं माने और चौक पर हंगामा करने लगे तो पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया और किसानों को मौके से खदेड़ दिया। लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने किसानों को दौड़ा-दौड़ा़ कर पीटा। पुलिस ने इस दौरान कई किसानों को अपनी हिरासत में भी ले लिया। किसानों को खदेड़ने के बाद पुलिस ने लाल बत्ती चौक पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जाम खुलवाने नहीं आया कोई अधिकारी
बस स्टैंड तथा लाल बत्ती चौक पर सैकड़ों किसान यूरिया खाद के लिए हंगामा कर रहे थे और कोई प्रशासनिक अधिकारी किसानों को आश्वासन तक देने नहीं आया। नए बस स्टैंड पर जब किसान हंगामा कर रहे थे तो मात्र पुलिसकर्मी तैनात थे जो भी किसानों के आगे बेबस बने हुए थे।
सुबह से इंतजार के बाद भी नहीं मिला एक भी बैग
गुस्साए किसानों का कहना था कि वह सुबह 5 बजे से आकर लाइन में लगे हुए हैं और उन्हें दोपहर बाद खाद न होने का कहकर लौट जाने का कह दिया। हंगामा कर रहे किसान कुलदीप चिंदड़, विनोद दैयड़, महाबीर, रामसिंह गोदारा, दिनेश कुमार ने बताया कि 36 हजार बैगों का रैक आया था तो वह कहां गया और उन्हें सोमवार को सोसायटी की ओर से पर्ची काटकर भी दी गई थी लेकिन मंगलवार को सोसायटी पर ही मात्र 800 बैग खाद पहुंची और वह भी अधिकारियों ने अपने चहेतों में बांट दी और किसानों को एक बैग भी खाद नहीं दी गई।
सेल्समैनों के काउंटर तोड़े
अनाजमंडी में अग्रवाल ब्रदर्स पर 1200 बैग तथा मित्तल पेस्टीसाइड पर 2000 बैग पहुंचे थे लेकिन वहां भी हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए। खाद न मिलने किसानों ने दोनों एजेंसियों का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने इस दौरान सेल्समैनों के काउंटर तक तोड़ डाले।
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इस दौरान हंगामा कर रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। लाठी चार्ज के बाद किसान मौके से गायब हो गए और उसके बाद पुलिस ने लाल बत्ती चौक पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
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किसानों ने यूरिया खाद को लेकर सोमवार को भी लाल बत्ती चौक पर जाम लगाया था। जिसके बाद प्रशासन की ओर से 36 हजार कट्टे यूरिया खाद देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन मंगलवार को तीन एजेंसियों पर मात्र 4200 बैग ही पहुंचे और बाकी की खाद टोहाना भेज दी गई।
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मंगलवार सुबह खाद मिलने की सूचना मिलने पर 5 हजार से ज्यादा किसान तीनों एजेंसियों पर पहुंच गए लेकिन स्टॉक कम था। जिसके बाद किसानों ने अनाजमंडी मार्केंटिग सोसायटी, अग्रवाल ब्रदर्स तथा मित्तल पेस्टीसाइड का घेराव कर लिया और धक्का-मुक्की शुरू कर दी और इस दौरान सेल काउंटर भी तोड़ डाले।
दोपहर बाद तीनों एजेंसियों में स्टाक खत्म होते ही गुस्साए किसानों ने नए बस स्टैंड के बाहर जाम लगा दिया। जाम लगाने के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसान नारेबाजी करते रहे और भाजपा नेताओं के बैनर फाड़ते और जलाते रहे।
फतेहाबाद की पुलिस रतिया में होने के कारण किसानों ने बस स्टैंड के बाहर खूब हंगामा मचाया और सामान्य अस्पताल से आ रही एंबुलेंस को भी रोक लिया। लेकिन बाद में पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर एंबुलेंस को निकाला। एक घंटा बस स्टैंड के बाहर जाम लगाने के बाद किसान नारे लगाते हुए लाल बत्ती चौक पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
लालबत्ती चौक पर भी किसानों ने भाजपा के बैनर जलाए। सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी जुगल किशोर तथा इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ आते ही किसानों को समझाने का प्रयास किया।
लेकिन किसान जब नहीं माने और चौक पर हंगामा करने लगे तो पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया और किसानों को मौके से खदेड़ दिया। लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने किसानों को दौड़ा-दौड़ा़ कर पीटा। पुलिस ने इस दौरान कई किसानों को अपनी हिरासत में भी ले लिया। किसानों को खदेड़ने के बाद पुलिस ने लाल बत्ती चौक पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जाम खुलवाने नहीं आया कोई अधिकारी
बस स्टैंड तथा लाल बत्ती चौक पर सैकड़ों किसान यूरिया खाद के लिए हंगामा कर रहे थे और कोई प्रशासनिक अधिकारी किसानों को आश्वासन तक देने नहीं आया। नए बस स्टैंड पर जब किसान हंगामा कर रहे थे तो मात्र पुलिसकर्मी तैनात थे जो भी किसानों के आगे बेबस बने हुए थे।
सुबह से इंतजार के बाद भी नहीं मिला एक भी बैग
गुस्साए किसानों का कहना था कि वह सुबह 5 बजे से आकर लाइन में लगे हुए हैं और उन्हें दोपहर बाद खाद न होने का कहकर लौट जाने का कह दिया। हंगामा कर रहे किसान कुलदीप चिंदड़, विनोद दैयड़, महाबीर, रामसिंह गोदारा, दिनेश कुमार ने बताया कि 36 हजार बैगों का रैक आया था तो वह कहां गया और उन्हें सोमवार को सोसायटी की ओर से पर्ची काटकर भी दी गई थी लेकिन मंगलवार को सोसायटी पर ही मात्र 800 बैग खाद पहुंची और वह भी अधिकारियों ने अपने चहेतों में बांट दी और किसानों को एक बैग भी खाद नहीं दी गई।
सेल्समैनों के काउंटर तोड़े
अनाजमंडी में अग्रवाल ब्रदर्स पर 1200 बैग तथा मित्तल पेस्टीसाइड पर 2000 बैग पहुंचे थे लेकिन वहां भी हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए। खाद न मिलने किसानों ने दोनों एजेंसियों का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने इस दौरान सेल्समैनों के काउंटर तक तोड़ डाले।