{"_id":"60be588c8ebc3e7fec2cd182","slug":"tohana-farmers-protest-fatehabad-news-rtk611968687","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाने में पहुंचे चार जिलों से 3500 किसान, धरना उठने पर प्रशासन को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थाने में पहुंचे चार जिलों से 3500 किसान, धरना उठने पर प्रशासन को मिली राहत
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सदर थाने में चल रहा किसानों का धरना करीब 51 घंटे बाद सोमवार शाम को समाप्त हो गया। किसान नेताओं ने जैसे ही धरने की समाप्ति की घोषणा की, प्रशासन के चेहरे पर रौनक आ गई। इससे पहले दिन भर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। एक तरफ चार जिलों के करीब 3500 किसान थे। दूसरी तरफ किसी भी टकराव पूर्ण स्थिति से निपटने के लिए 22 कंपनियों के लगभग 2200 जवान भी थे। राहत की बात ये थी कि किसानों ने सुबह ही प्रदेश भर के थानों के घेराव का निर्णय वापस ले लिया। इसलिए अन्य थानों की पुलिस भी टोहाना में ही बुला ली गई थी। सोमवार को जेल में बंद किसान नेता विकास सिंसर, रवि आजाद भी धरनास्थल पर पहुंचे। 500 के करीब महिलांए भी शामिल हुई। एक तरफ किसान नेताओं की प्रशासन के साथ बातचीत चल रही थी। दूसरी तरफ धरने पर बैठे किसान नेता मंच पर संबोधित कर रहे थे।
उच्चाधिकारियों से फोन पर बात करते रहे अधिकारी : डीएसपी आवास पर जिला प्रशासन व किसानों के बीच बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान अधिकारी बार-बार बाहर आकर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले बारे अवगत करवाते हुए नजर आए। करीब तीन घंटे की बैठक के बाद किसान नेताओं ने पंचायत में आकर सकारात्मक बात करते हुए कहा कि 2 घंटे बाद मक्खन सिंह हमारे बीच में होंगे। वहीं लोकल कमेटी से रणजीत सिंह व अन्य नेता विधायक के निजी सचिव के साथ मिलकर एफिडेविट की प्रक्रिया को पूरा करने में लगे रहे ताकि किसान को जमानत मिल सके।
हरियाणा वालों ने भाजपा की नाक में दम कर दिया: गुरनाम सिंह चढूनी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा लोकतंत्र की बात करती है लेकिन लोकतंत्र में लोगों का राज होता है। भाजपा वाले बईमान हो गए हैं। पूंजीपतियों का राज पूंजीपतियों के द्वारा पूंजीपतियों के लिए हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर घर में तीनों कानूनों के प्रति रोष है। चढूनी ने कहा कि जनता ने भाजपा को लठ मारने व जेल भेजने के लिए सत्ता नहीं दी थी। ये अंग्रेजों की नीति पर आ चुके हैं। अब भाजपा को उखाड़ने का समय आ चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा यूपी व उत्तराखंड से इनकी जड़ें उखाड़ने का काम करेगी। हम ये कानून भी वापस करवा कर ही मानेंगे।
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धरने पर पहुंची पंजाबी अभिनेत्री, भरी हुंकार : पंजाबी अभिनेत्री सोनिया मान भी धरने में शामिल हुईं। सदर थाने में आने के बाद युवा उनके साथ सेल्फी लेते नजर आए। मंच पर सोनिया मान ने कहा कि पंजाब हमेशा हरियाणा के साथ संघर्ष में साथ रहा है इसलिए वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के विधायक यह बात कहते हैं कि वह किसानों के साथ हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़कर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। विधायकों को सरकार गिराकर मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए ताकि किसानों की मांगें मानी जा सकें। विधायकों को कुर्सी का मोह छोड़ देना चाहिए।
हमनै खून कोनी कर राख्या :जींद के कंडेला गांव से आई बुजुर्ग महिला ने भाषण देते हुए कहा कि म्हारे किसान बिना खोट के सरकार ने पकड़ राखै हैं हम सरकार के बार नै पर बैठे हां। म्हाने भी भीतर कर दो। सरकार ये सोच रही है कि किसानों को जेल कर देंगे तो कृषि कानूनों की लड़ाई छोड़ देंगे लेकिन उस लडाई को भी जीतकर ही मानेंगे। सरकार हामनैं घुमा रही है लेकिन हामं सरकार की बातां मै नही आएंगे, म्हारें धौरे घनी जसंख्या है हामं घबराने वालों मे नही है। इस खट्टर अर मोदी की कड लाकैं न जीत के जावेेंगे। महिला ने कहा कि बबली नै यो खेडा छेडा था जो इब प्रशासन गल्ले उलझ गया है। सरकार को ये समझना चाहिए कि ये किसान जब मोदी की टक्कर ले रहे हैं तो खट्टर की तो कोई औकात नहीं है। महिला ने कहा कि जिन किसानों पर 307 लगी है। उन्होंने कोई खून नहीं किया। जो जुर्म किसानों ने किया है, वह हम भी कर रहे हैं। हमें भी गिरफ्तार कर लेना चाहिए।
बच्चों ने संभाली लंगर की सेवा : किसान नेता विभिन्न गांवों व जिलों से सदर थाने में पहुंच रहे थे। हर वर्ग के लोग उनके लिए लंगर सेवा में लगे हुए थे। सदर थाने के बाहर आने वाले किसानों को दाल व रोटी की सेवा गांव कूदनी के रहने वाले 14 वर्षीय अंशप्रीत व 12 वर्षीय सुखमन ने संभाल रखी थी। दोनों ने कहा कि उनके परिवार खेती करते हैं। वे अपने मन से सेवा भाव के साथ आए हैं ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। सदर थाने के बाहर गंाव डांगरा के युवा छबील लगाकर लोगों को मीठा पानी पिलाते हुए नजर आए।
थाने के साथ लगती दुकानें व होटल रहे बंद : शहर के हिसार रोड पर कैंची चौक से नागरिक अस्पताल तक किसानों के वाहन खड़े थे। प्रशासन ने अनेक जगहों से रूट को डायवर्ट कर दिया ताकि आमजन को परेशानी न हो। सदर थाने के पास लगती दुकानों के दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके घर चले गए ताकि कोई परेशानी न हो। सैकड़ों किसान थाने के बाहर दुकानों के आगे बैठकर नेताओं के भाषण को सुनते हुए नजर आए।
106 घंटे बाद जेल से बाहर आए रवि आजाद व विकास : किसान नेता विकास सिंसर व रवि आजाद को करीब 106 घंटे बाद जेल से रिहा कर दिया गया। सोमवार को अलसुबह वे किसानों के धरने पर सदर थाने में पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले किसान नेता राकेश टिकैत व अन्य नेताओं से मुलाकात की। रवि व विकास को 2 जून को बिढाईखेड़ा से गिरफ्तार किया गया था। 7 जून को रात्रि करीब एक बजे जेल से रिहा किया गया। विकास सिंसर ने बताया कि जेल में उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। जानवरों जैसा खाना दिया गया। सरकार ने किसानों के दबाव के चलते रात को छोड़ा है। उन्होंने मुचलका नहीं भरा। उन्होंने बताया कि सरकार ने ही मुचलका भरवा कर उन्हें छुड़वाया है। उन्होंने बताया कि पुलिस उन्हें पिछले दरवाजे से जेल में लेकर गई। वहां डराने धमकाने का प्रयास किया गया।
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उच्चाधिकारियों से फोन पर बात करते रहे अधिकारी : डीएसपी आवास पर जिला प्रशासन व किसानों के बीच बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान अधिकारी बार-बार बाहर आकर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले बारे अवगत करवाते हुए नजर आए। करीब तीन घंटे की बैठक के बाद किसान नेताओं ने पंचायत में आकर सकारात्मक बात करते हुए कहा कि 2 घंटे बाद मक्खन सिंह हमारे बीच में होंगे। वहीं लोकल कमेटी से रणजीत सिंह व अन्य नेता विधायक के निजी सचिव के साथ मिलकर एफिडेविट की प्रक्रिया को पूरा करने में लगे रहे ताकि किसान को जमानत मिल सके।
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हरियाणा वालों ने भाजपा की नाक में दम कर दिया: गुरनाम सिंह चढूनी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा लोकतंत्र की बात करती है लेकिन लोकतंत्र में लोगों का राज होता है। भाजपा वाले बईमान हो गए हैं। पूंजीपतियों का राज पूंजीपतियों के द्वारा पूंजीपतियों के लिए हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर घर में तीनों कानूनों के प्रति रोष है। चढूनी ने कहा कि जनता ने भाजपा को लठ मारने व जेल भेजने के लिए सत्ता नहीं दी थी। ये अंग्रेजों की नीति पर आ चुके हैं। अब भाजपा को उखाड़ने का समय आ चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा यूपी व उत्तराखंड से इनकी जड़ें उखाड़ने का काम करेगी। हम ये कानून भी वापस करवा कर ही मानेंगे।
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धरने पर पहुंची पंजाबी अभिनेत्री, भरी हुंकार : पंजाबी अभिनेत्री सोनिया मान भी धरने में शामिल हुईं। सदर थाने में आने के बाद युवा उनके साथ सेल्फी लेते नजर आए। मंच पर सोनिया मान ने कहा कि पंजाब हमेशा हरियाणा के साथ संघर्ष में साथ रहा है इसलिए वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के विधायक यह बात कहते हैं कि वह किसानों के साथ हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़कर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। विधायकों को सरकार गिराकर मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए ताकि किसानों की मांगें मानी जा सकें। विधायकों को कुर्सी का मोह छोड़ देना चाहिए।
हमनै खून कोनी कर राख्या :जींद के कंडेला गांव से आई बुजुर्ग महिला ने भाषण देते हुए कहा कि म्हारे किसान बिना खोट के सरकार ने पकड़ राखै हैं हम सरकार के बार नै पर बैठे हां। म्हाने भी भीतर कर दो। सरकार ये सोच रही है कि किसानों को जेल कर देंगे तो कृषि कानूनों की लड़ाई छोड़ देंगे लेकिन उस लडाई को भी जीतकर ही मानेंगे। सरकार हामनैं घुमा रही है लेकिन हामं सरकार की बातां मै नही आएंगे, म्हारें धौरे घनी जसंख्या है हामं घबराने वालों मे नही है। इस खट्टर अर मोदी की कड लाकैं न जीत के जावेेंगे। महिला ने कहा कि बबली नै यो खेडा छेडा था जो इब प्रशासन गल्ले उलझ गया है। सरकार को ये समझना चाहिए कि ये किसान जब मोदी की टक्कर ले रहे हैं तो खट्टर की तो कोई औकात नहीं है। महिला ने कहा कि जिन किसानों पर 307 लगी है। उन्होंने कोई खून नहीं किया। जो जुर्म किसानों ने किया है, वह हम भी कर रहे हैं। हमें भी गिरफ्तार कर लेना चाहिए।
बच्चों ने संभाली लंगर की सेवा : किसान नेता विभिन्न गांवों व जिलों से सदर थाने में पहुंच रहे थे। हर वर्ग के लोग उनके लिए लंगर सेवा में लगे हुए थे। सदर थाने के बाहर आने वाले किसानों को दाल व रोटी की सेवा गांव कूदनी के रहने वाले 14 वर्षीय अंशप्रीत व 12 वर्षीय सुखमन ने संभाल रखी थी। दोनों ने कहा कि उनके परिवार खेती करते हैं। वे अपने मन से सेवा भाव के साथ आए हैं ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। सदर थाने के बाहर गंाव डांगरा के युवा छबील लगाकर लोगों को मीठा पानी पिलाते हुए नजर आए।
थाने के साथ लगती दुकानें व होटल रहे बंद : शहर के हिसार रोड पर कैंची चौक से नागरिक अस्पताल तक किसानों के वाहन खड़े थे। प्रशासन ने अनेक जगहों से रूट को डायवर्ट कर दिया ताकि आमजन को परेशानी न हो। सदर थाने के पास लगती दुकानों के दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके घर चले गए ताकि कोई परेशानी न हो। सैकड़ों किसान थाने के बाहर दुकानों के आगे बैठकर नेताओं के भाषण को सुनते हुए नजर आए।
106 घंटे बाद जेल से बाहर आए रवि आजाद व विकास : किसान नेता विकास सिंसर व रवि आजाद को करीब 106 घंटे बाद जेल से रिहा कर दिया गया। सोमवार को अलसुबह वे किसानों के धरने पर सदर थाने में पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले किसान नेता राकेश टिकैत व अन्य नेताओं से मुलाकात की। रवि व विकास को 2 जून को बिढाईखेड़ा से गिरफ्तार किया गया था। 7 जून को रात्रि करीब एक बजे जेल से रिहा किया गया। विकास सिंसर ने बताया कि जेल में उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। जानवरों जैसा खाना दिया गया। सरकार ने किसानों के दबाव के चलते रात को छोड़ा है। उन्होंने मुचलका नहीं भरा। उन्होंने बताया कि सरकार ने ही मुचलका भरवा कर उन्हें छुड़वाया है। उन्होंने बताया कि पुलिस उन्हें पिछले दरवाजे से जेल में लेकर गई। वहां डराने धमकाने का प्रयास किया गया।