{"_id":"685301be4e003d6b2705d94f","slug":"three-indian-red-snakes-and-two-indian-sand-boa-species-of-snakes-were-caught-fatehabad-news-c-127-1-shsr1019-135670-2025-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ प्रजाति के सांप पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ प्रजाति के सांप पकड़े
Wed, 18 Jun 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 18 Jun 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
घर में घुसे सांपों का रेस्यकू करते नवजोत ढिल्लो।
टोहाना। गांव धोलू की ढाणी में एक घर के पास उपलों के ढेर से टीम ने 5 सांपों को रेस्क्यू किया है। जिसके बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली है। सहारा रेस्क्यू टीम ने सभी पांचों सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
टीम ने सांप पकड़े हैं उनमें तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ प्रजाति के हैं। ग्रामीणों के अनुसार सांप अक्सर घर के आसपास दिखाई दे रहे थे। लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा था कि वे कहां छिप रहे हैं। परिवार दहशत में जीवन यापन कर रहा था। उन्होंने इस बारे में सहारा स्नेक रेस्क्यू टीम के नवजोत सिंह ढिल्लों को सूचना दी। सूचना मिली तो स्नेक मैन नवजोत सिंह ढिल्लों तुरंत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने पहले घर के भीतर तलाश की। जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने उपलों के ढेर को जांचना शुरू किया। ढेर से तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ को रेस्क्यू किया। नवजोत ढिल्लों ने बताया कि ये सांप विषैले नहीं होते हैं, हालांकि इनके काटने से हल्का संक्रमण हो सकता है, लेकिन जान का खतरा नहीं होता। ये सांप बेहद फुर्तीले और तेज होते हैं। अगर ये एक बार हाथ से छूट जाएं, तो इन्हें दोबारा पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम ने सांप पकड़े हैं उनमें तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ प्रजाति के हैं। ग्रामीणों के अनुसार सांप अक्सर घर के आसपास दिखाई दे रहे थे। लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा था कि वे कहां छिप रहे हैं। परिवार दहशत में जीवन यापन कर रहा था। उन्होंने इस बारे में सहारा स्नेक रेस्क्यू टीम के नवजोत सिंह ढिल्लों को सूचना दी। सूचना मिली तो स्नेक मैन नवजोत सिंह ढिल्लों तुरंत मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने पहले घर के भीतर तलाश की। जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने उपलों के ढेर को जांचना शुरू किया। ढेर से तीन इंडियन रेड स्नेक और दो इंडियन सैंड बोआ को रेस्क्यू किया। नवजोत ढिल्लों ने बताया कि ये सांप विषैले नहीं होते हैं, हालांकि इनके काटने से हल्का संक्रमण हो सकता है, लेकिन जान का खतरा नहीं होता। ये सांप बेहद फुर्तीले और तेज होते हैं। अगर ये एक बार हाथ से छूट जाएं, तो इन्हें दोबारा पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन