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Fatehabad News: धान घोटाले में तीन आरोपी गिरफ्तार
Fri, 08 Aug 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:30 PM IST
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रतिया। आर्थिक अपराध शाखा फतेहाबाद ने वर्ष 2020 की खरीफ सीजन के दौरान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर बड़े स्तर पर किए गए फर्जी पंजीकरण और करोड़ों रुपये के धान घोटाले के मामले में तीन आरोपियों को वीरवार रात गिरफ्तार किया है।
आरोपी भूपिंदर सिंह निवासी बुर्ज, बलिहार सिंह निवासी रतिया और केवल सिंह निवासी नंहेड़ी को शुक्रवार न्यायालय में पेश किया, जहां से भूपिंदर को जेल भेज दिया, जबकि बलिहार और केवल सिंह को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
आरोप है कि भूपिंदर सिंह, बलिहार सिंह, केवल सिंह ने किसानों की भूमि का फर्जी पंजीकरण कर सरकारी खरीद एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री की। इस दौरान उन्होंने अन्य राज्यों से सस्ती दरों पर धान खरीदकर उसे हरियाणा में एमएसपी पर बेचा, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया।
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इस घोटाले में रतिया मार्केट कमेटी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हरियाणा राज्य गोदाम निगम के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीएम फ्लाइंग हिसार को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि रतिया क्षेत्र में 22 व्यक्तियों की भूमि पर खरीफ सीजन 2020 की फसल का फर्जी पंजीकरण किया गया था, जबकि असली मालिकों को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
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आरोपी भूपिंदर सिंह निवासी बुर्ज, बलिहार सिंह निवासी रतिया और केवल सिंह निवासी नंहेड़ी को शुक्रवार न्यायालय में पेश किया, जहां से भूपिंदर को जेल भेज दिया, जबकि बलिहार और केवल सिंह को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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आरोप है कि भूपिंदर सिंह, बलिहार सिंह, केवल सिंह ने किसानों की भूमि का फर्जी पंजीकरण कर सरकारी खरीद एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री की। इस दौरान उन्होंने अन्य राज्यों से सस्ती दरों पर धान खरीदकर उसे हरियाणा में एमएसपी पर बेचा, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया।
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इस घोटाले में रतिया मार्केट कमेटी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हरियाणा राज्य गोदाम निगम के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीएम फ्लाइंग हिसार को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि रतिया क्षेत्र में 22 व्यक्तियों की भूमि पर खरीफ सीजन 2020 की फसल का फर्जी पंजीकरण किया गया था, जबकि असली मालिकों को इसकी जानकारी तक नहीं थी।