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सरकारी अस्पतालों में 50 फीसदी दवाइयां भी नहीं, मरीजों को नहीं मिल रही एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:36 PM IST
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There are not even 50 per cent medicines in government hospitals, patients are not getting antibiotics and painkillers.
फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को 50 फीसदी दवाइयां भी नहीं मिल रही हैं। डॉक्टर जो दवाइयां पर्ची पर लिखकर दे रहे हैं उनमें से 50 फीसदी दवाइयां ऐसी हैं जो डिस्पेंसरी में नहीं हैं। मजबूरन मरीजों को महंगे रेटों पर बाहर दवा की दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वेयर हाउस हिसार से एंटीबायोटिक, दर्द निवारक गोलियां व आयरन टेबलेट समेत कई दवाइयों की सप्लाई नहीं आ रही है।
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नागरिक अस्पताल में सोमवार को जब ग्राउंड रिपोर्टिंग की गई तो पता चला कि अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को दवा लेने के लिए दो-दो घंटे तक लाइनों में लगना पड़ रहा है। जब दवा के लिए बारी आती है तो आधी थमा दी जाती है और जवाब मिलता है कि चार में से दो दवाइयां स्टॉक में नहीं हैं। पड़ताल में सामने आया कि मरीजों को यहां पर एलर्जी और अन्य बीमारी की दवा ही मिल रही हैं। संवाद
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वेयर हाउस से सप्लाई नहीं, पोर्टल पर ऐसी शर्तें की पूरी ही नहीं कर पाते
जिले के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वेयर हाउस हिसार से दवा की सप्लाई आती हैं। जो दवाइयां नहीं आती है उन्हें अस्पताल पोर्टल के जरिये निजी एजेंसी से खरीदते हैं। फार्मेसी ऑफिसर का कहना है पोर्टल पर जब डिमांड डाली जाती है तो पिछले तीन माह की खपत मांगी जाती है। कई बार लंबे समय तक दवा नहीं मिलती है तो खपत न के बराबर रह जाती है। तीन माह की खपत रिकॉर्ड न मिलने के कारण ऑर्डर नहीं हो पाता। नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एमएमआईवाई यानि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत दवाइयां खरीद लेते हैं लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका बजट भी नहीं होता है।
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12 पीएचसी पर फार्मेसी ऑफिसर भी नहीं :
जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मेसी ऑफिसर के 51 पद स्वीकृत हैं लेकिन 28 ही कार्यरत हैं। जानकर हैरानी होगी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 18 में से 6 ही फार्मेसी ऑफिसर हैं।

जिले में फार्मेसी ऑफिसर की स्थिति :
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 9 7
नागरिक अस्पताल टोहाना 9 6
नागरिक अस्पताल रतिया 3 2
सीएचसी भट्टू कलां 2 1
सीएचसी जाखल 2 1
सीएचसी भूना 2 0
सीएचसी बड़ोपल 2 2
सीएचसी भूथन कलां 2 1
फील्ड 18 6
अस्पताल में इलाज के लिए आई थी, डॉक्टर ने दवाई लिखकर दी। लेने के लिए एक घंटा लाइन में खड़ी रही लेकिन आधी ही दवाइयां मिली हैं।
- कलोबाई, निवासी गुल्लरवाला
सरकारी अस्पताल में बहू के उपचार के लिए आई थी, डॉक्टर ने जो दवाएं लिखी उसमें से आधी ही मिली हैं। अब आधी दवा बाहर से खरीदनी पड़ेंगी।
- कांता रानी, निवासी फतेहाबाद।
जिले भर के सरकारी अस्पतालों में दवाई को लेकर स्थिति खराब है। वेयर हाउस से दवाइयों की सप्लाई नहीं आ रही है। एंटी बायटिक और दर्द निवारक दवाइयां नहीं है। यहां तक कि आयरन टेबलेट तक नहीं है। पोर्टल से निजी दवा का ऑर्डर किया जाता है लेकिन इसमें भी किल्लत आ रही है, शर्तें ऐसी हैं कि उनकी वजह से दवा का ऑर्डर नहीं किया जा सकता है। जिले में स्थायी फार्मेसी ऑफिसर के 23 पद खाली है। इस तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए।
- कृष्ण बिश्नोई, जिला प्रधान, एसोसिएशन राजकीय फार्मेसी ऑफिसर

फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में दवा काउंटर के बाहर लगी लाइन।

फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में दवा काउंटर के बाहर लगी लाइन।- फोटो : Fatehabad

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