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शहर से निकले पानी ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 10:30 PM IST
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The water coming out of the city increased the problems of the farmers
मानावाली के खेत में भरा पानी दिखाता किसान। - फोटो : Fatehabad
जिले में लगातार जारी बारिश एकबारगी थम गई है। मगर शहर से निकला बारिश का पानी अब किसानों के लिए आफत बन गया है। शहर से निकासी करने के दौरान बारिश का पानी खेतों में छोड़ा गया। इस कारण खेतों में कमर तक पानी भर गया है। शनिवार को सड़कें तो सूखी नजर आई, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान किसान दिखे। खेतों में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। कई किसानों की फसल खराब हो चुकी है। खेतों का पानी सूखने में वक्त लगेगा। अलग-अलग गांवों के किसानों ने डीसी से मुलाकात कर विशेष गिरदावरी करवाकर तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की। इनमें गांव हिजरावां कलां, मानावाली, सरवरपुर, बहबलपुर रत्ताटिब्बा व अकांवाली गांव के किसान शामिल रहे।
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गौरतलब है कि तीन दिन तक शहर में भारी बारिश के बाद जलभराव से बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। तुलसीदास चौक, धर्मशाला रोड पर सबसे अधिक बुरे हालात रहे। यहां कमर तक पानी भरा रहा और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। यहां से आए किसान सतनाम सिंह, उमेद, रमेश ढाका, महेंद्र कुमार, दलीप सिंह, जसपाल सिंह, राजेंद्र व तरसेम सिंह आदि ने बताया कि बीते तीन दिन में हुई बारिश से खेतों में भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह जलभराव है। खेतों से पानी की निकासी नहीं हो रही। नरमे व कपास के अलावा धान की फसल भी डूब रही है। इसके अलावा खेतों के रास्ते जलभराव के कारण बंद पड़े हैं। किसानों को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाई जाए। खराब हुई फसलों की एवज में मुआवजा मिलना चाहिए। इस संदर्भ में उपायुक्त महावीर कौशिक ने तहसीलदार को दिशा निर्देश दिए हैं कि खेतों में जाकर हालातों का जायजा लिया जाए। किसानों को फसल बीमा दिलवाना सुनिश्चित किया जाए।
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नमी से मकानों में आईं दरारें
तीन दिन तक लगातार हुई बारिश मकानों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हुई है। कुछ जगहों पर पुराने व जर्जर मकान गिर गए। वहीं, नए मकानों की दीवारों में अंदर तक नमी चली गई। लोगों की छतें तक टपकने शुरू हो गई। घरों व दुकानों में पानी घुसने से दीवारों व फर्श में सीलन आ चुकी है। इस सीलन को सूखने में कई दिन लग सकते हैं। नींव में पानी भरने के कारण शहर में जगह-जगह लोगों के नए मकानों में दरारें आ चुकी हैं। अभी भी बारिश का मौसम बना हुआ है।
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शनिवार को तापमान
अधिकतम : 33 डिग्री
न्यूनतम : 27 डिग्री
हवा में नमी : 73 प्रतिशत
अभी बारिश की संभावना बरकरार
मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के मुताबिक फिलहाल राज्य में बारिश की संभावना बनी हुई है। अगले कुछ दिन तक बादलवाही का मौसम बना रहेगा और बीच-बीच में कहीं पर हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
खेतों का पानी सूखने में लगेगा वक्त
किसानों की मानें तो खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होती। जमीन सीमित मात्रा में पानी सोख पाती है। जहां पर जमीन सख्त व मिट्टी चिकनी है, वहां पर कई दिन तक पानी नहीं सूखता। खेतों का पानी धूप व हवा में भाप बनकर ही सूखता है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो और नुकसान हो सकता है। धान के खेतों में पानी सूखने में ज्यादा समय लगता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन पर गिरी गाज, तबादला
शहर में जलभराव से पनपे हालातों के बीच जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन गौरव कंसल पर गाज गिर गई है। उनका तबादला फतेहाबाद से कैथल कर दिया गया है। सूत्रों की मानें, तो विधायक की अनुशंसा पर यह तबादला हुआ है। टोहाना के एक्सईएन आदर्श सिंगला को फतेहाबाद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

कोट
यह बारिश का मौसम है। किसान को जल प्रबंधन जरूर करना चाहिए। खेत में एकत्रित हुआ पानी बहकर बाहर चला जाए तो मिट्टी के पोषक तत्व भी उसके साथ बह जाते हैं। इसलिए किसान डोलाबंदी कर पानी को खेत से बाहर न जाने दें। अगर कपास के खेत में पानी अधिक हो गया है तो धान के खेत में छोड़कर संतुलन बनाएं। वर्षा बारानी क्षेत्र के किसानों के लिए काफी लाभदायक है। अधिक जलभराव फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग।

मांग पत्र दिखाते डीसी से मिलने पहुंचे किसान।

मांग पत्र दिखाते डीसी से मिलने पहुंचे किसान। - फोटो : Fatehabad

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