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Fatehabad News: फाइलों में उलझी बेसहारा पशु समस्या
Tue, 22 Sep 2026 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 22 Sep 2026 10:37 PM IST
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फतेहाबाद के हिसार रोड पर पशुओं के झुंड में से गुजरते हुए वाहन चालक संवाद
फतेहाबाद। शहर में बेसहारा पशुओं और आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ रही है। नगर परिषद में रोजाना 10 से 15 शिकायतें पहुंच रही हैं। इसके बावजूद समाधान की रफ्तार धीमी है। नगर परिषद की ओर से लगाया गया कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का टेंडर भी अटका है।
इसमें रेट भी आ चुके हैं इसके बावजूद अधिकारी करीब दो माह से टेंडर नहीं खोल पाए हैं। ऐसे में कुत्तों की समस्या के समाधान का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पहले गो सेवा आयोग को जिम्मेदारी देने की तैयारी थी। बाद में यह फैसला बदल दिया गया।
नगर परिषद ने इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की। अब यह भी अटक गई है। ऐसे में शहर की सड़कों और गलियों में बेसहारा पशुओं के साथ आवारा कुत्ते भी लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। लोगों की शिकायतें लगातार नगर परिषद तक पहुंच रही हैं बावजूद कार्रवाई सीमित है।
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नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल शहर में 4100 कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की गई थी। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब नए टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है।
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अधिकारियों की टेबल पर फाइल
आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराने का मामला अधिकारियों की टेबल पर अटका हुआ है। संबंधित एजेंसी ने एक कुत्ते की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 1340 रुपये की मांग की है जबकि नगर निकाय 800 रुपये प्रति कुत्ता खर्च करने पर ही तैयार है। दर पर सहमति नहीं बन पाने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। वजह ये है कि नगर निकाय ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था अब मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है।
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पहले गो आयोग को दी थी जिम्मेदारी बाद में बदला फैसला
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए पहले गो आयोग को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया था। बाद में नगर निकाय ने अपना फैसला बदलते हुए खुद टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाया गया जिसमें तीन एजेंसियों ने भाग लिया। इसके बावजूद अभी तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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कुत्तों के काटने के रोजाना 20 लोग शिकार
नगर परिषद कार्यालय में बेसहारा पशुओं और आवारा कुत्तों को लेकर रोजाना करीब 10 से 15 शिकायतें पहुंच रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क पर घूमते पशु यातायात के लिए परेशानी बने हुए हैं वहीं गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के झुंड से लोग परेशान हैं। नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक कुत्तों के काटने पर रोजाना 20 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
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टेंडर लगा दिए गए थे, रेट पर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
- सुरेश कुमार, ईओ, नगर परिषद
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इसमें रेट भी आ चुके हैं इसके बावजूद अधिकारी करीब दो माह से टेंडर नहीं खोल पाए हैं। ऐसे में कुत्तों की समस्या के समाधान का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पहले गो सेवा आयोग को जिम्मेदारी देने की तैयारी थी। बाद में यह फैसला बदल दिया गया।
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नगर परिषद ने इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की। अब यह भी अटक गई है। ऐसे में शहर की सड़कों और गलियों में बेसहारा पशुओं के साथ आवारा कुत्ते भी लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। लोगों की शिकायतें लगातार नगर परिषद तक पहुंच रही हैं बावजूद कार्रवाई सीमित है।
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नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल शहर में 4100 कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की गई थी। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब नए टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है।
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अधिकारियों की टेबल पर फाइल
आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराने का मामला अधिकारियों की टेबल पर अटका हुआ है। संबंधित एजेंसी ने एक कुत्ते की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 1340 रुपये की मांग की है जबकि नगर निकाय 800 रुपये प्रति कुत्ता खर्च करने पर ही तैयार है। दर पर सहमति नहीं बन पाने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। वजह ये है कि नगर निकाय ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था अब मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है।
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पहले गो आयोग को दी थी जिम्मेदारी बाद में बदला फैसला
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए पहले गो आयोग को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया था। बाद में नगर निकाय ने अपना फैसला बदलते हुए खुद टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाया गया जिसमें तीन एजेंसियों ने भाग लिया। इसके बावजूद अभी तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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कुत्तों के काटने के रोजाना 20 लोग शिकार
नगर परिषद कार्यालय में बेसहारा पशुओं और आवारा कुत्तों को लेकर रोजाना करीब 10 से 15 शिकायतें पहुंच रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क पर घूमते पशु यातायात के लिए परेशानी बने हुए हैं वहीं गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के झुंड से लोग परेशान हैं। नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक कुत्तों के काटने पर रोजाना 20 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
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टेंडर लगा दिए गए थे, रेट पर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
- सुरेश कुमार, ईओ, नगर परिषद