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Fatehabad News: जांच कमेटी ने सेवानिवृत्त हो चुके उप-सिविल सर्जन के दर्ज किए बयान, ब्लड बैंक का जांचा रिकॉर्ड
Tue, 01 Oct 2024 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 01 Oct 2024 01:12 AM IST
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फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में राशि को लेकर गड़बड़ी सामने आने के बाद जांच जारी है। सोमवार को ब्लड बैंक के इंचार्ज रहे सेवानिवृत्त डॉक्टर हनुमान सिंह के बयान दर्ज किए गए। इससे पहले ब्लड बैंक के इंचार्ज रह चुके डॉक्टरों के बयान दर्ज हो चुके हैं।
वहीं कैश रजिस्टर की जांच के लिए टीम ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया, लेकिन कैश बुक नहीं मिली। इसको लेकर टीम ने ब्लड बैंक इंचार्ज को नोटिस भी जारी किया था। टीम ने ब्लड बैंक में वर्ष 2016 के लेखाकार को रिकॉर्ड जांच को लेकर बुलाया है। लेखाकार से पुराने रिकॉर्ड को लॉकर जानकारी ली जाएगी। तीन अधिकारी मामले कि जांच कर रहे हैं।
क्या है मामला
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में निजी अस्पताल से आने वाले मरीज से चार्ज के रूप में राशि ली जाती है। लेकिन वर्ष 2019 के बाद राशि बैंक में जमा नही करवाई गई। गड़बड़ी सामने आने के बाद कमेटी जांच कर रही है। जांच कमेटी अब तक एसएमओ कार्यालय में डॉ. प्रीति, डॉ. असमिता, डॉ. नेहा, डॉ. लवलीन व डॉ. रसीद, डॉ. गौरव सैनी, डॉ. हनुमान के बयान दर्ज कर चुकी है। इन डाक्टरों के पास ब्लड बैंक का दायित्व रहा था, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि फाइनेंस का चार्ज इनके पास नहीं था। जांच कमेटी में मेजर डॉ. शरद तूली, डॉ. गुंजन व अकाउंटेंट रविंद्र को शामिल किया गया है।
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वहीं कैश रजिस्टर की जांच के लिए टीम ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया, लेकिन कैश बुक नहीं मिली। इसको लेकर टीम ने ब्लड बैंक इंचार्ज को नोटिस भी जारी किया था। टीम ने ब्लड बैंक में वर्ष 2016 के लेखाकार को रिकॉर्ड जांच को लेकर बुलाया है। लेखाकार से पुराने रिकॉर्ड को लॉकर जानकारी ली जाएगी। तीन अधिकारी मामले कि जांच कर रहे हैं।
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क्या है मामला
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में निजी अस्पताल से आने वाले मरीज से चार्ज के रूप में राशि ली जाती है। लेकिन वर्ष 2019 के बाद राशि बैंक में जमा नही करवाई गई। गड़बड़ी सामने आने के बाद कमेटी जांच कर रही है। जांच कमेटी अब तक एसएमओ कार्यालय में डॉ. प्रीति, डॉ. असमिता, डॉ. नेहा, डॉ. लवलीन व डॉ. रसीद, डॉ. गौरव सैनी, डॉ. हनुमान के बयान दर्ज कर चुकी है। इन डाक्टरों के पास ब्लड बैंक का दायित्व रहा था, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि फाइनेंस का चार्ज इनके पास नहीं था। जांच कमेटी में मेजर डॉ. शरद तूली, डॉ. गुंजन व अकाउंटेंट रविंद्र को शामिल किया गया है।
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