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चावल का निर्यातक बना जिला, परमाणु संयंत्र ने देश में दिलाई पहचान
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फतेहाबाद। प्रदेश के 56 सालों के इतिहास में 25 साल पहले जिले के रूप में सामने आए फतेहाबाद के विकास का सफर निरंतर जारी है। इन सालों में सामाजिक परिवेश से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में बड़े बदलाव हुए हैं। अपने यौवन काल में ही जिला जहां चावल का निर्यातक बना है, वहीं गोरखपुर में बन रहे परमाणु संयंत्र ने जिले को देश में पहचान दिलाई है। इस परमाणु संयंत्र के पूरा होने पर जिले में बनने वाली बिजली देशभर में सप्लाई हो सकेगी। बेटियां बचाने में भी जिला प्रदेश में अव्वल है। लिंगानुपात के मामले में पूरे प्रदेश में जिले का प्रथम स्थान रहा है। कृषि क्षेत्र में भी लगातार आत्मनिर्भर बनने में लगा है।
परमाणु संयंत्र में बनेगी 2800 मेगावाट बिजली
गांव गोरखपुर में तैयार हो रहा परमाणु संयंत्र 45 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का प्रोजेक्ट है। इसमें 2800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यहां 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाईं जाएंगी। फतेहाबाद जिले और हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों में भी यहां से बिजली की सप्लाई की जा सकेगी। इस संयंत्र के बनने के बाद रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
एक हजार बेटों के मुकाबले 965 बेटियां
जिले में एक हजार बेटों के मुकाबले 965 बेटियां जन्म ले रही हैं। यह सामाजिक स्तर पर सोच में आए बदलाव का ही नतीजा है। यही कारण है कि अब बेटियां खूब नाम कमा रही हैं। खेल के क्षेत्र में भी बेटियां आगे हैं। रामभतेरी गिल, मनीषा गिल, वर्षा गढ़वाल जैसी बेटियां कबड्डी और कुश्ती में राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत रही हैं।
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18 देशों में पांच लाख क्विंटल चावल निर्यात कर रहे
फतेहाबाद जिले से 18 देशों में पांच लाख क्विंटल चावल हर साल निर्यात किया जाता है। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, कीनिया, वेनीन, टर्की, कुवैत, सउदी अरब, ओमान, बहरीन, यूएई आदि देश शामिल हैं। रतिया, टोहाना व जाखल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान की फसल ली जाती है। धान का रकबा हर साल बढ़ रहा है।
भाखड़ा और घग्गर ने टोहाना, रतिया व जाखल को बनाया आत्मनिर्भर
भाखड़ा नहर व घग्गर नदी के पानी ने टोहाना, रतिया व जाखल को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। यहां कृषि कार्यों के लिए सिंचाई के पानी की कमी नहीं रहती है। यही कारण है कि यहां का किसान सुदृढ़ बन रहा है। जिले के सात खंडों में से सिर्फ भट्टू खंड ही बिरानी है। टोहाना में भाखड़ा की मुख्य नहर से छह छोटी नहरें निकलती हैं।
प्रदेश का पहला चार मंजिला बस स्टैंड फतेहाबाद में बना
जिले का नया बस स्टैंड भी ऐतिहासिकता को समेटे हुए है। जिला मुख्यालय पर स्थित यह नया बस स्टैंड प्रदेश का पहला चार मंजिला बस स्टैंड है। हाल ही में इस बस स्टैंड की शुरुआत हुई है। यहां ग्राउंड फ्लोर व प्रथम तल पर रोडवेज के कार्यालय व बूथ बने हुए हैं जबकि बाकी मंजिलों को किराये पर देकर रोडवेज प्रशासन आमदनी बढ़ा सकेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और सुधार की जरूरत ये है जिले की स्थिति प्रदेश बनने के 31 साल बाद जिला बना लेकिन 25 साल बाद भी जिला शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। सरकारी और निजी स्तर पर यहां बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की कमी है। इसी वजह से छात्र पढ़ाई के लिए आज भी हिसार-सिरसा या फिर अन्य जिलों में जाना पसंद कर रहे है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उपचार के लिए हिसार की तरफ ही लोग दौड़ रहे है। यहां एक नागरिक अस्पताल, एक उपमंडल नागरिक अस्पताल, पांच सीएचसी और 18 पीएचसी है।
जनसंख्या - 9 लाख 42 हजार (वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार)
खंड - 7
नगर परिषद - दो ( फतेहाबाद व टोहाना)
नगरपालिका - तीन (जाखल, भूना व रतिया )
क्षेत्रफल - 2538 स्केयर किलोमीटर
उपमंडल - तीन
विधानसभा - तीन
तहसील - तीन
200 बेड का नागरिक अस्पताल भी 2024 तक पूरा होगा
दो साल बाद जिले को 200 बेड का नागरिक अस्पताल भी मिल जाएगा। सेक्टर 9 में 234 करोड़ से अस्पताल का निर्माण हो रहा है। वर्ष 2024 में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश ने 56 साल में खूब तरक्की की है। पिछले आठ सालों से प्रदेश के विकास को और पंख लगे हैं। हर क्षेत्र में हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ फतेहाबाद जिले ने प्रगति की है। यह प्रगति का सफर निरंतर जारी है।
सुनीता दुग्गल, सांसद, लोकसभा
हरियाणा बने हुए 56 साल हो गए हैं। 25 साल पहले फतेहाबाद तहसील से जिला बना। इन सालों के सफर में जिले ने विकास की रफ्तार पकड़ी है। कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। कई पर काम जारी है।
दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
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परमाणु संयंत्र में बनेगी 2800 मेगावाट बिजली
गांव गोरखपुर में तैयार हो रहा परमाणु संयंत्र 45 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का प्रोजेक्ट है। इसमें 2800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यहां 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाईं जाएंगी। फतेहाबाद जिले और हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों में भी यहां से बिजली की सप्लाई की जा सकेगी। इस संयंत्र के बनने के बाद रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
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एक हजार बेटों के मुकाबले 965 बेटियां
जिले में एक हजार बेटों के मुकाबले 965 बेटियां जन्म ले रही हैं। यह सामाजिक स्तर पर सोच में आए बदलाव का ही नतीजा है। यही कारण है कि अब बेटियां खूब नाम कमा रही हैं। खेल के क्षेत्र में भी बेटियां आगे हैं। रामभतेरी गिल, मनीषा गिल, वर्षा गढ़वाल जैसी बेटियां कबड्डी और कुश्ती में राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत रही हैं।
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18 देशों में पांच लाख क्विंटल चावल निर्यात कर रहे
फतेहाबाद जिले से 18 देशों में पांच लाख क्विंटल चावल हर साल निर्यात किया जाता है। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, कीनिया, वेनीन, टर्की, कुवैत, सउदी अरब, ओमान, बहरीन, यूएई आदि देश शामिल हैं। रतिया, टोहाना व जाखल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर धान की फसल ली जाती है। धान का रकबा हर साल बढ़ रहा है।
भाखड़ा और घग्गर ने टोहाना, रतिया व जाखल को बनाया आत्मनिर्भर
भाखड़ा नहर व घग्गर नदी के पानी ने टोहाना, रतिया व जाखल को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। यहां कृषि कार्यों के लिए सिंचाई के पानी की कमी नहीं रहती है। यही कारण है कि यहां का किसान सुदृढ़ बन रहा है। जिले के सात खंडों में से सिर्फ भट्टू खंड ही बिरानी है। टोहाना में भाखड़ा की मुख्य नहर से छह छोटी नहरें निकलती हैं।
प्रदेश का पहला चार मंजिला बस स्टैंड फतेहाबाद में बना
जिले का नया बस स्टैंड भी ऐतिहासिकता को समेटे हुए है। जिला मुख्यालय पर स्थित यह नया बस स्टैंड प्रदेश का पहला चार मंजिला बस स्टैंड है। हाल ही में इस बस स्टैंड की शुरुआत हुई है। यहां ग्राउंड फ्लोर व प्रथम तल पर रोडवेज के कार्यालय व बूथ बने हुए हैं जबकि बाकी मंजिलों को किराये पर देकर रोडवेज प्रशासन आमदनी बढ़ा सकेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और सुधार की जरूरत ये है जिले की स्थिति प्रदेश बनने के 31 साल बाद जिला बना लेकिन 25 साल बाद भी जिला शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। सरकारी और निजी स्तर पर यहां बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की कमी है। इसी वजह से छात्र पढ़ाई के लिए आज भी हिसार-सिरसा या फिर अन्य जिलों में जाना पसंद कर रहे है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उपचार के लिए हिसार की तरफ ही लोग दौड़ रहे है। यहां एक नागरिक अस्पताल, एक उपमंडल नागरिक अस्पताल, पांच सीएचसी और 18 पीएचसी है।
जनसंख्या - 9 लाख 42 हजार (वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार)
खंड - 7
नगर परिषद - दो ( फतेहाबाद व टोहाना)
नगरपालिका - तीन (जाखल, भूना व रतिया )
क्षेत्रफल - 2538 स्केयर किलोमीटर
उपमंडल - तीन
विधानसभा - तीन
तहसील - तीन
200 बेड का नागरिक अस्पताल भी 2024 तक पूरा होगा
दो साल बाद जिले को 200 बेड का नागरिक अस्पताल भी मिल जाएगा। सेक्टर 9 में 234 करोड़ से अस्पताल का निर्माण हो रहा है। वर्ष 2024 में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश ने 56 साल में खूब तरक्की की है। पिछले आठ सालों से प्रदेश के विकास को और पंख लगे हैं। हर क्षेत्र में हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ फतेहाबाद जिले ने प्रगति की है। यह प्रगति का सफर निरंतर जारी है।
सुनीता दुग्गल, सांसद, लोकसभा
हरियाणा बने हुए 56 साल हो गए हैं। 25 साल पहले फतेहाबाद तहसील से जिला बना। इन सालों के सफर में जिले ने विकास की रफ्तार पकड़ी है। कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। कई पर काम जारी है।
दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद