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Fatehabad News: तापमान 40 डिग्री, अस्पताल में पंखे बंद, मरीज बेहाल
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर जहां पर बंद है पंखा
फतेहाबाद। गर्मी का प्रकोप शुरू होने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। गर्मी के मौसम में खानपान में लापरवाही बरतने पर बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 40 फीसदी मरीज डायरिया के आ रहे हैं। गर्मी के चलते बड़े भी बीमार पड़ रहे हैं। वायरल बुखार की ओपीडी अस्पताल में बढ़ी है।
जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों को भीषण गर्मी का अहसास हुआ। न्यूनतम तापमान भी बढ़ने से रात को भी गर्मी परेशानी बढ़ा रही है। नागरिक अस्पताल में वायरल के रोजाना 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर की माने तो ऐसे मरीजों की खून जांच में इंफेक्शन नहीं मिल रहा है। चार से पांच दिन में बुखार ठीक हो रहा है। हालांकि अस्पताल में विशेषज्ञ न होने के चलते एनसीडी क्लीनिक में कंसलटेंट डॉ. सुनीता सोखी ओपीडी देख रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी और लू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एसएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में पंखे, कूलर व एसी सुचारू रूप से चलते होने चाहिए। लेकिन नागरिक अस्पताल में पड़ताल की गई तो सामने आया कि आने वाले मरीजों को ओपीडी पर्ची कटवाने से लेकर काउंटर दवाई लेने तक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को अस्पताल के दोनों काउंटर की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यहां पंखे ही बंद थे। ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रोजाना 650 से 700 मरीज पर्ची कटवाते हैं लेकिन दोपहर को यहां पंखे बंद मिले। इसके अलावा दवाई काउंटर पर एक पंखा उतरा मिला तो दूसरा बंद था।
हेपेटाइटिस और टीबी मरीजों का भी कंसलटेंट पर भार
नागरिक अस्पताल में फिजिशियन का पद खाली है। टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा कई दिनों से छुट्टी पर है। ऐसे में एनसीडी क्लीनिक में सामान्य मरीजों के साथ-साथ हेपेटाइटिस सी और टीबी मरीजों की भी लाइन लग रही है। परामर्शदाता डॉ. सुनीता सोखी का कहना है कि अस्पताल में वायरल मरीजों की ओपीडी बढ़ी है। मौसम में बदलाव के चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं लेकिन जांच के दौरान टीएलसी की रिपोर्ट ठीक मिल रही है। ऐसे मरीज चार से पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि खान-पान पर ध्यान रखें। गर्मी में बाहर जाने से बचें।
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पेयजल में सावधानी न बरतने से बीमार हो रहे बच्चे
नागरिक अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण मुंजाल का कहना है कि गर्मी के कारण ओपीडी बढ़ी है। हालांकि बच्चे ज्यादा पानी के कारण बीमार हो रहे है। डायरिया की चपेट में आ रहे है, यहां तक उल्टियां लग रही है। बच्चे को पानी उबालकर और ठंडा करके पिलाएं। ओआरएस का घोल देते रहे। इसके अलावा बच्चे के खानपान पर ध्यान रखें। गलत खानपान के कारण भी बच्चे बीमार हो रहे है।
हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर ये बरतें सावधानी
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, सफर के दौरान पानी साथ में रखें। धूप के चश्में, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें
- हीट स्ट्रोक के लक्षणों जैसे कमजोरी आना, चक्कर आना, सिर दर्द, पसीना आना आदि को पहचानें
- खुले में कार्य कर रहे हैं तो सिर, चेहरा, हाथ व पैरों को गीले कपड़े से ढंककर रखें और छाते का प्रयोग करें।
- शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थों का प्रयोग करें।
- जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें, नंगे पैर बाहर न निकलें। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन करने से बचें।
- अधिक गर्मी वाली जगहों पर खाना बनाने से बचें।
- गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक तापमान की स्थिति में कार्य करने के विषय में अपने चिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए।
कोट
हीट स्ट्रोक को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से एडवाइजरी जारी गई है। अस्पताल के एसएमओ को भी निर्देश दिए गए है कि वह सुनिश्चित करें कि बिजली प्रबंध 24 घंटे है। इसके अलावा अस्पताल की इमरजेंसी में पंखे, कूलर अच्छे से चल रहे हैं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
कोट
नागरिक अस्पताल में पंखे और कूलर वर्किंग में करने के लिए कर्मचारियों को पहले ही निर्देश दिए थे और मरम्मत भी करवाई गई है। अगर कहीं नहीं चल रहा है तो शनिवार को चेक करवाया जाएगा।
- डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
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जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों को भीषण गर्मी का अहसास हुआ। न्यूनतम तापमान भी बढ़ने से रात को भी गर्मी परेशानी बढ़ा रही है। नागरिक अस्पताल में वायरल के रोजाना 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर की माने तो ऐसे मरीजों की खून जांच में इंफेक्शन नहीं मिल रहा है। चार से पांच दिन में बुखार ठीक हो रहा है। हालांकि अस्पताल में विशेषज्ञ न होने के चलते एनसीडी क्लीनिक में कंसलटेंट डॉ. सुनीता सोखी ओपीडी देख रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी और लू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एसएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में पंखे, कूलर व एसी सुचारू रूप से चलते होने चाहिए। लेकिन नागरिक अस्पताल में पड़ताल की गई तो सामने आया कि आने वाले मरीजों को ओपीडी पर्ची कटवाने से लेकर काउंटर दवाई लेने तक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को अस्पताल के दोनों काउंटर की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यहां पंखे ही बंद थे। ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रोजाना 650 से 700 मरीज पर्ची कटवाते हैं लेकिन दोपहर को यहां पंखे बंद मिले। इसके अलावा दवाई काउंटर पर एक पंखा उतरा मिला तो दूसरा बंद था।
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हेपेटाइटिस और टीबी मरीजों का भी कंसलटेंट पर भार
नागरिक अस्पताल में फिजिशियन का पद खाली है। टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा कई दिनों से छुट्टी पर है। ऐसे में एनसीडी क्लीनिक में सामान्य मरीजों के साथ-साथ हेपेटाइटिस सी और टीबी मरीजों की भी लाइन लग रही है। परामर्शदाता डॉ. सुनीता सोखी का कहना है कि अस्पताल में वायरल मरीजों की ओपीडी बढ़ी है। मौसम में बदलाव के चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं लेकिन जांच के दौरान टीएलसी की रिपोर्ट ठीक मिल रही है। ऐसे मरीज चार से पांच दिन में ठीक हो रहे हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि खान-पान पर ध्यान रखें। गर्मी में बाहर जाने से बचें।
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पेयजल में सावधानी न बरतने से बीमार हो रहे बच्चे
नागरिक अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण मुंजाल का कहना है कि गर्मी के कारण ओपीडी बढ़ी है। हालांकि बच्चे ज्यादा पानी के कारण बीमार हो रहे है। डायरिया की चपेट में आ रहे है, यहां तक उल्टियां लग रही है। बच्चे को पानी उबालकर और ठंडा करके पिलाएं। ओआरएस का घोल देते रहे। इसके अलावा बच्चे के खानपान पर ध्यान रखें। गलत खानपान के कारण भी बच्चे बीमार हो रहे है।
हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर ये बरतें सावधानी
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, सफर के दौरान पानी साथ में रखें। धूप के चश्में, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें
- हीट स्ट्रोक के लक्षणों जैसे कमजोरी आना, चक्कर आना, सिर दर्द, पसीना आना आदि को पहचानें
- खुले में कार्य कर रहे हैं तो सिर, चेहरा, हाथ व पैरों को गीले कपड़े से ढंककर रखें और छाते का प्रयोग करें।
- शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थों का प्रयोग करें।
- जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें, नंगे पैर बाहर न निकलें। उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन करने से बचें।
- अधिक गर्मी वाली जगहों पर खाना बनाने से बचें।
- गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक तापमान की स्थिति में कार्य करने के विषय में अपने चिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए।
कोट
हीट स्ट्रोक को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से एडवाइजरी जारी गई है। अस्पताल के एसएमओ को भी निर्देश दिए गए है कि वह सुनिश्चित करें कि बिजली प्रबंध 24 घंटे है। इसके अलावा अस्पताल की इमरजेंसी में पंखे, कूलर अच्छे से चल रहे हैं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
कोट
नागरिक अस्पताल में पंखे और कूलर वर्किंग में करने के लिए कर्मचारियों को पहले ही निर्देश दिए थे और मरम्मत भी करवाई गई है। अगर कहीं नहीं चल रहा है तो शनिवार को चेक करवाया जाएगा।
- डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल