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हाथ नहीं मिलाएंगे छात्र, मास्क लगाकर रखना जरूरी
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पूरे 107 दिन बाद शुक्रवार को स्कूल खुले। फिलहाल नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं लगेंगी। इसके लिए भी नियम ये है कि एक कक्षा के सिर्फ पचास फीसदी विद्यार्थी ही स्कूल में आएंगे। इसको लेकर सभी स्कूलों ने अपने अपने ढंग से व्यवस्था बनाई है। कई स्कूलों में यह प्रावधान किया गया है कि एक दिन लड़कियां आएंगी और दूसरे दिन सिर्फ लड़के आएंगे। इसके अलावा जहां पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार यह फार्मूला फिट नहीं बैठता, वहां पर विद्यार्थियों को आने के लिए वार निर्धारित किए गए हैं।
पहले दिन शुक्रवार को काफी विद्यार्थी आए ही नहीं। हालांकि विद्यार्थियों की संख्या संतोषजनक रही है। कक्षाओं में विद्यार्थियों के बैठने के दौरान सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा गया। एक बेंच पर सिर्फ एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति है। बेंचों के बीच में भी पर्याप्त दूरी रखी गई है। इसके अलावा हर विद्यार्थी के लिए मास्क जरूरी किया गया है। विद्यार्थियों को आते ही हिदायत दी जा रही है कि वे किसी छात्र से हाथ नहीं मिलाएंगे। विद्यार्थियों को बैठने के दौरान कोई उलझन न रहे, इसलिए पहले से बाहर रूम चार्ट लगा दिया गया। उस पर नंबर लगा दिए गए हैं कि कौन सा विद्यार्थी किस सीट पर बैठेगा। जैसे परीक्षा में होता है। शुक्रवार को स्कूल खुलने के बाद राजकीय संस्कृत मॉडल स्कूल में व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों से बातचीत की गई। वहां पर व्यवस्था संतोषजनक नजर आई। विद्यार्थियों भी काफी खुश नजर आए।
अवकाश ज्यादा दिन अच्छे नहीं लगते
आज हम कई दिन बाद स्कूल में आए हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। हालांकि विद्यार्थियों को छुट्टियां करना पसंद होता है, लेकिन हम ज्यादा दिन घर नहीं रह सकते। मुझे महसूस हो रहा है कि अब पढ़ाई वाला माहौल दोबारा बन गया है।
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-दीपक कक्षा नौवीं।
स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई गई
हमारे स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई गई है। किसी कमरे में ज्यादा भीड़ नहीं है। सभी को दूर दूर बैठने के लिए कहा गया है। यदि हम बातचीत भी करते हैं तो दूर रहकर करते हैं। हमें हिदायत दी गई है कि एक दूसरे के ज्यादा करीब नहीं बैठना और न ही हाथ मिलाना।
-सुमित, कक्षा नौवीं।
इसी तरह स्कूल खुलते रहने चाहिए
आज कई दिन बाद स्कूल में आया तो खुद को भी बहुत अच्छा लग रहा है। आज दोस्तों से मुलाकात हुई है। अब चाहता हूं कि इस तरह स्कूल खुलते रहने चाहिए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। जब महामारी बढ़ती है तो अलग बात है। अन्यथा स्कूल खुले ही रहने चाहिए।
-योगेश, कक्षा 12वीं।
हम भी सहयोग कर रहे
यहां हमारे स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई है। सभी छात्रों को हिदायत है कि वे मास्क लेकर आएंगे। एक दूसरी की पानी की बोतल भी इस्तेमाल नहीं करेंगे और न ही हाथ मिलाएंगे। महामारी पर नियंत्रण के लिए यह सब जरूरी भी है। हम भी सहयोग कर रहे हैं।
-विकास, कक्षा 12वीं।
निरीक्षण करते रहेंगे : डीईओ
स्कूलों के मुखियाओं को हिदायत दी गई है कि वे कोविड नियमों का पूरा ख्याल रखेंगे। बच्चे एक दूसरे के संपर्क में न आएं, इसका ध्यान रखना है। कोरोना संबंधी गाइडलाइन के अनुसार ही पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके अलावा अधिकारी रूटीन में निरीक्षण करते रहेंगे ताकि आदेशों की अवहेलना न हो।
-दयानंद सिहाग, डीईओ, फतेहाबाद।
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पहले दिन शुक्रवार को काफी विद्यार्थी आए ही नहीं। हालांकि विद्यार्थियों की संख्या संतोषजनक रही है। कक्षाओं में विद्यार्थियों के बैठने के दौरान सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा गया। एक बेंच पर सिर्फ एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति है। बेंचों के बीच में भी पर्याप्त दूरी रखी गई है। इसके अलावा हर विद्यार्थी के लिए मास्क जरूरी किया गया है। विद्यार्थियों को आते ही हिदायत दी जा रही है कि वे किसी छात्र से हाथ नहीं मिलाएंगे। विद्यार्थियों को बैठने के दौरान कोई उलझन न रहे, इसलिए पहले से बाहर रूम चार्ट लगा दिया गया। उस पर नंबर लगा दिए गए हैं कि कौन सा विद्यार्थी किस सीट पर बैठेगा। जैसे परीक्षा में होता है। शुक्रवार को स्कूल खुलने के बाद राजकीय संस्कृत मॉडल स्कूल में व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों से बातचीत की गई। वहां पर व्यवस्था संतोषजनक नजर आई। विद्यार्थियों भी काफी खुश नजर आए।
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अवकाश ज्यादा दिन अच्छे नहीं लगते
आज हम कई दिन बाद स्कूल में आए हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। हालांकि विद्यार्थियों को छुट्टियां करना पसंद होता है, लेकिन हम ज्यादा दिन घर नहीं रह सकते। मुझे महसूस हो रहा है कि अब पढ़ाई वाला माहौल दोबारा बन गया है।
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-दीपक कक्षा नौवीं।
स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई गई
हमारे स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई गई है। किसी कमरे में ज्यादा भीड़ नहीं है। सभी को दूर दूर बैठने के लिए कहा गया है। यदि हम बातचीत भी करते हैं तो दूर रहकर करते हैं। हमें हिदायत दी गई है कि एक दूसरे के ज्यादा करीब नहीं बैठना और न ही हाथ मिलाना।
-सुमित, कक्षा नौवीं।
इसी तरह स्कूल खुलते रहने चाहिए
आज कई दिन बाद स्कूल में आया तो खुद को भी बहुत अच्छा लग रहा है। आज दोस्तों से मुलाकात हुई है। अब चाहता हूं कि इस तरह स्कूल खुलते रहने चाहिए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। जब महामारी बढ़ती है तो अलग बात है। अन्यथा स्कूल खुले ही रहने चाहिए।
-योगेश, कक्षा 12वीं।
हम भी सहयोग कर रहे
यहां हमारे स्कूल में अच्छी व्यवस्था बनाई है। सभी छात्रों को हिदायत है कि वे मास्क लेकर आएंगे। एक दूसरी की पानी की बोतल भी इस्तेमाल नहीं करेंगे और न ही हाथ मिलाएंगे। महामारी पर नियंत्रण के लिए यह सब जरूरी भी है। हम भी सहयोग कर रहे हैं।
-विकास, कक्षा 12वीं।
निरीक्षण करते रहेंगे : डीईओ
स्कूलों के मुखियाओं को हिदायत दी गई है कि वे कोविड नियमों का पूरा ख्याल रखेंगे। बच्चे एक दूसरे के संपर्क में न आएं, इसका ध्यान रखना है। कोरोना संबंधी गाइडलाइन के अनुसार ही पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके अलावा अधिकारी रूटीन में निरीक्षण करते रहेंगे ताकि आदेशों की अवहेलना न हो।
-दयानंद सिहाग, डीईओ, फतेहाबाद।