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संकट में अपने : यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को चार दिन से एक ही समय मिल रहा खाना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 11:50 PM IST
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Students trapped in Ukraine are getting food at the same time for four days
टोहाना की युक्ता सैनी (बाएं)। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/टोहाना। रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के बाद यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे भारतीय मूल के नागरिकों और विद्यार्थियों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। एक समय का ही खाना मिल पा रहा है और पानी की बोतलें भी खत्म हो चुकी हैं। एक विद्यार्थी की वहां गोलीबारी में मौत होने के बाद से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
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विद्यार्थी अपने परिजनों को वीडियो कॉल के जरिये आपबीती सुना रहे हैं। विपरीत हालत होने की वजह से विद्यार्थी तत्काल यूक्रेन से सकुशल भारत पहुंचाने की गुहार लगा रहे हैं। टोहाना के हरपाल चौक निवासी युक्ता सैनी भी खारकीव शहर में फंसी हुई थी। वह वहां की बीएन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। युक्ता सैनी ने परिजनों को बताया है कि वह हॉस्टल में हैं। मगर चार दिन से सिर्फ एक ही समय खाना मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि बर्तन साफ करने के बाद बचा हुआ पानी पीने को मजबूर हैं।
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50 भारतीय विद्यार्थियों के साथ रोमानिया बॉर्डर जाएंगी युक्ता
युक्ता सैनी के पिता बलजीत सैनी ने बताया कि युक्ता 50 भारतीय विद्यार्थियों के दल के साथ है। वे खारकीव मेट्रो स्टेशन से रोमानिया बॉर्डर पर जाएंगे। वहां से भारत आने के लिए फ्लाइट का इंतजार करेंगे। युक्ता के साथ हांसी का छात्र कमल व कैथल की छात्रा काजल भी है। बलजीत सैनी ने बताया कि खारकीव शहर में भारी गोलाबारी हो रही है। इस कारण पल-पल बच्चों की चिंता सता रही है।
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बिस्कुट खाकर बिता रहे दिन
युक्ता ने परिजनों को बताया है कि उनके पास पानी की बोतलें खत्म हो चुकी है। हॉस्टल में केवल एक ही समय का खाना मिल रहा था। अधिकांश विद्यार्थी बिस्कुट खाकर अपना पेट भरने को मजबूर हैं। किसी भी तरह की मदद उन्हें नहीं मिल पा रही है। हर विद्यार्थी यही चाह रहा है कि भारत सरकार उन्हें वहां से तुरंत निकालकर सकुशल दिल्ली तक पहुंचा दें।

हंगरी पहुंचा रत्ताखेड़ा का विपिन
यूक्रेन के कीव शहर में ही फंसे गांव रत्ताखेड़ा के विपिन के परिजनों के लिए भी राहत की सूचना आई है। विपिन ट्रेन के जरिये यूक्रेन से निकलकर हंगरी पहुंच गया है। विपिन के भाई हरीश कुमार ने बताया कि विपिन को एक महीने के लिए हंगरी का वीजा मिल गया है। फिलहाल वह सुरक्षित है और खाने-पीने की व्यवस्था भी ठीक मिल रही है। लगातार वह वीडियो कॉल के जरिये उससे संपर्क बनाए हुए हैं।
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