फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The glorious history of the freedom struggle was showcased in an exhibition of historical documents

Fatehabad News: ऐतिहासिक दस्तावेज की प्रदर्शनी में दिखा स्वतंत्रता संग्राम का गौरवशाली इतिहास

Tue, 08 Sep 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 08 Sep 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
The glorious history of the freedom struggle was showcased in an exhibition of historical documents
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अ​धिकारी स्त्रोत प्रशासन
फतेहाबाद। क्षेत्रीय अभिलेखागार हिसार मंडल की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काजलहेड़ी में मंगलवार को ऐतिहासिक दस्तावेज और दुर्लभ छायाचित्रों की दो दिवसीय प्रदर्शनी शुरू हुई। एडीसी अनुराग ढालिया ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
विज्ञापन

प्रदर्शनी में वर्ष 1857 से 1947 तक के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें 1857 की क्रांति के वीर शहीद लाला हुक्म चंद जैन और मुनीर बेग, हांसी तथा झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खां, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम से जुड़ी सामग्री शामिल हैं।
विज्ञापन

19 अगस्त 1857 को हिसार के नागौरी गेट पर अंग्रेजों और स्वतंत्रता सेनानियों के बीच हुई लड़ाई से संबंधित सामग्री भी प्रदर्शित की गई है। हिसार जिले के नीलाम किए गए गांवों से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एडीसी ढालिया ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों और ग्रामीणों का ज्ञान बढ़ाती हैं। इससे लोग अपने इतिहास और स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित होते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने विद्यार्थियों को इतिहास के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इतिहास के ज्ञान से वर्तमान को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद मिलती है।
क्षेत्रीय अभिलेखागार हिसार मंडल के सहायक निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी में सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्थानीय इतिहास से परिचित करवाना है।
प्राध्यापक डॉ. बिट्टू इंदौरा ने कहा कि विद्यार्थी अक्सर दूर-दराज की ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं। वे अपने आसपास हुई महत्वपूर्ण घटनाओं और स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से अंजान रह जाते हैं।

-----------
बोस ने 1938 में की थी हिसार यात्रा
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन वृत्तांत भी प्रदर्शनी में रखे गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1938 में हिसार यात्रा से जुड़ी सामग्री आकर्षण का केंद्र है। फतेहाबाद और हिसार जिलों की ऐतिहासिक जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। 24 जनवरी 1950 के संविधान सभा सदस्यों के दुर्लभ छायाचित्र भी प्रदर्शनी में शामिल हैं। प्रदर्शनी में 20 विद्यालयों से एक-एक स्टाफ सदस्य और पांच-पांच विद्यार्थी शामिल हुए। अभिभावकों और आमजन ने भी ऐतिहासिक सामग्री का अवलोकन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed