{"_id":"636be7ddf9775256370834ba","slug":"stubble-burning-at-19-places-in-district-aqi-347-fatehabad-news-hsr6467073140","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 19 स्थानों पर जली पराली, एक्यूआई 347","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 19 स्थानों पर जली पराली, एक्यूआई 347
विज्ञापन
गांव धौलू में पराली प्रबंधन की जानकारी लेते कृषि एवं कलयाण विभाग के विशेष सचिव डॉ. मुनीष नागपाल।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले में पराली जलानेे घटनाएं लगातार जारी हैं। बुधवार को भी जिले में 19 स्थानों पर फायर लोकेशन मिली हैं। जिले में अब तक 629 स्थानों पर फायर लोकेशन मिल चुकी हैं। जिले में एक्यूआई का स्तर भी 347 पर पहुंच गया है। वहीं पराली जलाने की घटनाओं के चलते कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. मुनीष नागपाल ने जिले के कई गांवों का दौरा भी किया।
फतेहाबाद में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कृषि विभाग पराली जलाने वाले किसानों पर लगातार जुर्माना भी कर रहा है, लेकिन किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि विभाग अब तक 220 किसानों को पांच लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना कर चुका है। बुधवार को हरसेक ने जिला प्रशासन को 19 स्थानों की फायर लोकेशन भेजी, वहीं कृषि विभाग के पास अन्य स्रोत से कुलां व जाखल रोड के बीच एक स्थान पर पराली जलाने की सूचना प्राप्त हुई।
विशेष सचिव ने किया गांवों का दौरा
किसान कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. मुनीष नागपाल ने बुधवार को गांव पालसर, धौलू सहित विभिन्न गांवों के किसानों के खेतों में किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पराली जलाना पूरी मानवता के लिए खतरा है। जिला फतेहाबाद को पराली जलाने से मुक्त करना है, इस कार्य में किसान व आमजन अपना पूर्ण सहयोग दें। सरकार व जिला प्रशासन लगातार किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील कर रहा है तथा इसे एक जन आंदोलन का रूप देना है।
विज्ञापन
कोट
कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिसमें फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाने के साथ-साथ उसकी गांठे बनाने पर भी किसान को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। किसान पराली को जलाने की बजाए, सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
डॉ. मुनीष नागपाल, विशेष सचिव, कृषि एवं कल्याण विभाग।
विज्ञापन
फतेहाबाद में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कृषि विभाग पराली जलाने वाले किसानों पर लगातार जुर्माना भी कर रहा है, लेकिन किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि विभाग अब तक 220 किसानों को पांच लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना कर चुका है। बुधवार को हरसेक ने जिला प्रशासन को 19 स्थानों की फायर लोकेशन भेजी, वहीं कृषि विभाग के पास अन्य स्रोत से कुलां व जाखल रोड के बीच एक स्थान पर पराली जलाने की सूचना प्राप्त हुई।
विज्ञापन
विशेष सचिव ने किया गांवों का दौरा
किसान कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. मुनीष नागपाल ने बुधवार को गांव पालसर, धौलू सहित विभिन्न गांवों के किसानों के खेतों में किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पराली जलाना पूरी मानवता के लिए खतरा है। जिला फतेहाबाद को पराली जलाने से मुक्त करना है, इस कार्य में किसान व आमजन अपना पूर्ण सहयोग दें। सरकार व जिला प्रशासन लगातार किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील कर रहा है तथा इसे एक जन आंदोलन का रूप देना है।
विज्ञापन
कोट
कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिसमें फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाने के साथ-साथ उसकी गांठे बनाने पर भी किसान को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। किसान पराली को जलाने की बजाए, सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
डॉ. मुनीष नागपाल, विशेष सचिव, कृषि एवं कल्याण विभाग।