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हड़ताल : रोडवेज को 20 लाख का घाटा, तीन दिन से सफाई न होने पर शहर में 150 टन फैला कचरा
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फतेहाबाद। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बैंकों में भी करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा है। सबसे अधिक परेशानी शहरवासियों को कचरे का उठान न होने से हुई। रविवार की छुट्टी के बाद दो दिन की हड़ताल से शहर में 150 टन कचरा जमा हो गया है। मंगलवार को भी कर्मचारी संगठनों ने शहर में रोष प्रदर्शन करके सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
रोडवेज की 140 बसों का पहिया जाम होने से यात्रियों को प्राइवेट बसों से ही गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। सबसे अधिक ग्रामीण भट्टू रूट पर परेशान हुए। इस रूट पर अधिकांश बसें रोडवेज की ही चलती हैं। वहीं, तीन दिन से कचरा नहीं उठने से शहर के प्रमुख रास्तों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। बस स्टैंड के सामने, पीएनबी मुख्य ब्रांच के सामने, बीघड़ रोड, भट्टू रोड पर बुरा हाल हो गया। कूड़े के ढेर के कारण राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि हड़ताल खत्म होने के साथ ही बुधवार सुबह से ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू करवा दिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि एक ही दिन में सारा कूड़ा उठवाकर शहर से बाहर भिजवाया जा सके। संवाद
गनीमत रही बिजली का नहीं आया फाल्ट
दो दिनों की हड़ताल के दौरान गनीमत रही कि बिजली सप्लाई में कोई बड़ा फाल्ट नहीं आया। इस कारण बिजली सप्लाई बाधित नहीं हुई। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन से जुड़े बिजली कर्मचारी पूर्णतया हड़ताल पर रहे। कई सब स्टेशनों पर कच्चे कर्मियों के सहारे काम चलाया गया।
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पेयजल सप्लाई भी जारी रही
शहर में दो समय पेयजल सप्लाई होती है। हड़ताल के दौरान पेयजल सप्लाई भी बाधित नहीं हुई। दोनों समय पानी की सप्लाई छोड़ी गई। इससे शहरवासियों को पेयजल संबंधी परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
तपती गर्मी में सड़कों पर उतरे कर्मचारी
सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, इंटक, एटक सहित किसानों मजदूरों ने मिलकर सभी छह ब्लाकों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। तपती गर्मी में कर्मचारी मुख्य रास्तों से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गुजरे। सबसे पहले कर्मचारी, मजदूर व किसान अनाज मंडी के शेड के नीचे एकत्रित हुए और यहां से शहर में प्रदर्शन करने निकले। नगरपालिका कर्मचारियों ने झाड़ू साथ लेकर प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूपसिंह भडोलावाली, सीआईटीयू के जिला प्रधान मदन सिंह, एटक प्रधान विक्रम सिंह आदि ने संयुक्त रूप से नेतृत्व किया। संचालन सीटू नेता बेगराज ने किया।
ये रही कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी बनाने, समान काम-समान वेतन देने, सेवा सुरक्षा प्रदान करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल-6 में 35 हजार 400 वेतन और पेंशनर्स को पंजाब एवं हरियाणा की तर्ज पर पेंशन बढ़ोत्तरी करने 18 महीने के डीए के एरियर का भुगतान करने एचआरए के स्लैब में बदलाव करने, ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति में लगाई गई पांच साल की शर्त को हटाकर दो साल करने, ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति का कोटा 20 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने, आठ घंटे कार्यदिवस का मासिक न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने की मांग की। इस मौके पर सीएन भारती, राजेंद्र बाटू, रामकुमार जबलपुरिया, मास्टर योगेंद्र भूथन कला, इंद्र घासी, लादूराम, मास्टर राजपाल मिताथल, रामनिवास शर्मा, सुरजीत दुसाद सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
टोहाना ब्लॉक के 400 कर्मचारी रहे हड़ताल पर, 15 बसें चलाई
टोहाना। टोहाना ब्लॉक के 400 कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से आमजन की परेशानियों को दूर करने के लिए प्रशासन ने 15 बसों से काम चलाया। इन 15 बसों में पांच बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल रहीं। इन बसों में अनुबंधित कर्मचारियों को लगाया गया। सर्व कर्मचारी संघ टोहाना ब्लॉक के पूर्व प्रधान सुभाष शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन विभिन्न विभागों से लगभग 400 से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। (संवाद)
पटवारियों ने धरना देकर की नारेबाजी
भट्टू कलां। भट्टू कलां उप तहसील में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में पटवारियों ने मंगलवार को धरना देकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता कानूनगो भूपसिंह ने की। पटवारी अशोक कुमार, अनूप सिंह, सतपाल, सिताराम, रुली राम ने कहा कि सरकार को पटवारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को तुरंत पूरा करना चाहिए। कर्मचारी नेता भगत सिंह बेनीवाल, हनुमान रिवाड़, जिला सचिव देसराज माचरा, कृष्ण जाखड़ ने बताया कि निजीकरण, नई पेंशन नीति, नई शिक्षा नीति के विरोध व अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल में स्कूलों में 121 अध्यापकों और क्लर्कों, 52 पार्ट टाइम और एमडीएम वर्कर व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चार कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। (संवाद)
हड़ताल के कारण काफी बसें रूटों पर नहीं जा पाई। हालांकि, कुछ किलोमीटर स्कीम की बसें चलाई भी गई हैं। डिपो की रोजाना आमदनी 10 लाख रुपये से अधिक होती है। ऐसे में हड़ताल से नुकसान हुआ है, लेकिन अभी आकलन नहीं किया है।
शेरसिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज
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रोडवेज की 140 बसों का पहिया जाम होने से यात्रियों को प्राइवेट बसों से ही गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। सबसे अधिक ग्रामीण भट्टू रूट पर परेशान हुए। इस रूट पर अधिकांश बसें रोडवेज की ही चलती हैं। वहीं, तीन दिन से कचरा नहीं उठने से शहर के प्रमुख रास्तों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। बस स्टैंड के सामने, पीएनबी मुख्य ब्रांच के सामने, बीघड़ रोड, भट्टू रोड पर बुरा हाल हो गया। कूड़े के ढेर के कारण राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि हड़ताल खत्म होने के साथ ही बुधवार सुबह से ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू करवा दिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि एक ही दिन में सारा कूड़ा उठवाकर शहर से बाहर भिजवाया जा सके। संवाद
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गनीमत रही बिजली का नहीं आया फाल्ट
दो दिनों की हड़ताल के दौरान गनीमत रही कि बिजली सप्लाई में कोई बड़ा फाल्ट नहीं आया। इस कारण बिजली सप्लाई बाधित नहीं हुई। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन से जुड़े बिजली कर्मचारी पूर्णतया हड़ताल पर रहे। कई सब स्टेशनों पर कच्चे कर्मियों के सहारे काम चलाया गया।
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पेयजल सप्लाई भी जारी रही
शहर में दो समय पेयजल सप्लाई होती है। हड़ताल के दौरान पेयजल सप्लाई भी बाधित नहीं हुई। दोनों समय पानी की सप्लाई छोड़ी गई। इससे शहरवासियों को पेयजल संबंधी परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।
तपती गर्मी में सड़कों पर उतरे कर्मचारी
सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, इंटक, एटक सहित किसानों मजदूरों ने मिलकर सभी छह ब्लाकों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। तपती गर्मी में कर्मचारी मुख्य रास्तों से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गुजरे। सबसे पहले कर्मचारी, मजदूर व किसान अनाज मंडी के शेड के नीचे एकत्रित हुए और यहां से शहर में प्रदर्शन करने निकले। नगरपालिका कर्मचारियों ने झाड़ू साथ लेकर प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूपसिंह भडोलावाली, सीआईटीयू के जिला प्रधान मदन सिंह, एटक प्रधान विक्रम सिंह आदि ने संयुक्त रूप से नेतृत्व किया। संचालन सीटू नेता बेगराज ने किया।
ये रही कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी बनाने, समान काम-समान वेतन देने, सेवा सुरक्षा प्रदान करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, लिपिक को पे-मैट्रिक्स लेवल-6 में 35 हजार 400 वेतन और पेंशनर्स को पंजाब एवं हरियाणा की तर्ज पर पेंशन बढ़ोत्तरी करने 18 महीने के डीए के एरियर का भुगतान करने एचआरए के स्लैब में बदलाव करने, ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति में लगाई गई पांच साल की शर्त को हटाकर दो साल करने, ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति का कोटा 20 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने, आठ घंटे कार्यदिवस का मासिक न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने की मांग की। इस मौके पर सीएन भारती, राजेंद्र बाटू, रामकुमार जबलपुरिया, मास्टर योगेंद्र भूथन कला, इंद्र घासी, लादूराम, मास्टर राजपाल मिताथल, रामनिवास शर्मा, सुरजीत दुसाद सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
टोहाना ब्लॉक के 400 कर्मचारी रहे हड़ताल पर, 15 बसें चलाई
टोहाना। टोहाना ब्लॉक के 400 कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से आमजन की परेशानियों को दूर करने के लिए प्रशासन ने 15 बसों से काम चलाया। इन 15 बसों में पांच बसें किलोमीटर स्कीम की शामिल रहीं। इन बसों में अनुबंधित कर्मचारियों को लगाया गया। सर्व कर्मचारी संघ टोहाना ब्लॉक के पूर्व प्रधान सुभाष शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन विभिन्न विभागों से लगभग 400 से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। (संवाद)
पटवारियों ने धरना देकर की नारेबाजी
भट्टू कलां। भट्टू कलां उप तहसील में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में पटवारियों ने मंगलवार को धरना देकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता कानूनगो भूपसिंह ने की। पटवारी अशोक कुमार, अनूप सिंह, सतपाल, सिताराम, रुली राम ने कहा कि सरकार को पटवारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को तुरंत पूरा करना चाहिए। कर्मचारी नेता भगत सिंह बेनीवाल, हनुमान रिवाड़, जिला सचिव देसराज माचरा, कृष्ण जाखड़ ने बताया कि निजीकरण, नई पेंशन नीति, नई शिक्षा नीति के विरोध व अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल में स्कूलों में 121 अध्यापकों और क्लर्कों, 52 पार्ट टाइम और एमडीएम वर्कर व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चार कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। (संवाद)
हड़ताल के कारण काफी बसें रूटों पर नहीं जा पाई। हालांकि, कुछ किलोमीटर स्कीम की बसें चलाई भी गई हैं। डिपो की रोजाना आमदनी 10 लाख रुपये से अधिक होती है। ऐसे में हड़ताल से नुकसान हुआ है, लेकिन अभी आकलन नहीं किया है।
शेरसिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज

फतेहाबाद बस स्टैंड के बाहर प्राइवेट बस में सवार होती सवारियां।- फोटो : Fatehabad