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Fatehabad: आटा नहीं आया पसंद तो गेहूं की भेजी मांग, स्कूलों में राशन खत्म तो बिस्कुट देकर चल रहा काम

Wed, 08 Nov 2023 01:00 PM IST
नवीन दलाल मुकेश खुराना, फतेहाबाद (हरियाणा)
मुकेश खुराना, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 08 Nov 2023 01:00 PM IST
सार

स्कूलों को पिछले दो माह से कुकिंग कोस्ट की राशि जारी नहीं हुई है। स्कूलों को उधार में राशन लेकर मिड-डे मील तैयार करवाना पड़ रहा है। वहीं शिक्षा विभाग ने पिछले चार माह से कुक को सैलरी भी जारी नहीं की है।

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Schools did not like flour so sent demand for wheat, ran out of ration so work going by giving biscuits
खाना खाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फतेहाबाद में मिड-डे मील में स्कूलों में भेजा गया आटा अफसरों के गले की फांस बना हुआ है। स्कूलों ने आटा लेने से मना कर दिया है और अब गेहूं की डिमांड भेजी है। रतिया खंड में 10 से ज्यादा स्कूलों ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित में भेज दिया है। शिक्षा विभाग ने अगस्त माह में आटा स्कूलों में भेजा था लेकिन कई जगह आटे में कंकड़ के अलावा लोहे के टुकड़े तक मिले थे। इसके अलावा हालात ये हैं कि कई स्कूलों में राशन भी नहीं है और बच्चों को बिस्कुट देकर काम चलाया जा रहा है।

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रतिया खंड की बात करें तो यहां के राजकीय प्राथमिक पाठशाला सहनाल, पालसर, अहरवां, रतिया, हांसपुर आदि के इंचार्ज ने पत्र लिखकर कहा है कि स्कूलों में इस दौरान गेहूं, आटा व चावल का स्टॉक नहीं है। आटा की जगह गेहूं भेजा जाए। पहले जो आटा भेजा गया था उसकी क्वालिटी खराब थी। राजकीय प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के हालात ये है कि यहां पर उधारी से मिड-डे मील चल रहा है।
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स्कूलों को पिछले दो माह से कुकिंग कोस्ट की राशि जारी नहीं हुई है। स्कूलों को उधार में राशन लेकर मिड-डे मील तैयार करवाना पड़ रहा है। वहीं शिक्षा विभाग ने पिछले चार माह से कुक को सैलरी भी जारी नहीं की है। मिड-डे मील तैयार करने के लिए स्कूलों में कुक तैनात किए गए है। लेकिन इनकी सेलरी को लेकर भी विभाग के पास बजट नहीं है। 
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ये है जिले में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल : 386
मिडिल स्कूल : 74
कुल विद्यार्थी : 77 हजार 600

ये मिलती है कुकिंग कोस्ट
प्राइमरी स्कूल : 5 रुपये 45 पैसे प्रति विद्यार्थी
मिडिल स्कूल : 8 रुपये 17 पैसे प्रति विद्यार्थी

अधिकारी के अनुसार
मिड-डे मील को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। स्कूलों में मिड-डे मील के लिए राशन नहीं है। कई स्कूलों में विद्यार्थियों को बिस्कुट देकर काम चल रहा है। कुकिंग कोस्ट जारी नहीं हुई है। आटा भेजा गया था वह भी खराब क्वालिटी का था। अधिकारियों को डिमांड भेजी गई है कि आटा की जगह गेहूं दिया जाए। - देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।


मिड-डे मील में गेहूं को लेकर स्कूलों से लिखित में आ रहा है कि आटा की जगह गेहूं दिया जाए। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। इसके अलावा कुकिंग कोस्ट और कुक के वेतन को लेकर भी डिमांड भेजी गई है। -वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।

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