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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   saturday was the coldest of the season

शनिवार रहा सीजन का सबसे ठंडा दिन,

Sat, 16 Jan 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Sat, 16 Jan 2016 11:11 PM IST
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बादलों के साथ पूरे दिन कोहरा भी छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 16 जबकि न्यूनतम 6 डिग्री दर्ज किया गया।
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कड़ाके की ठंड का सबसे अधिक असर नवजात बच्चों पर पड़ा। सामान्य अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार मौसम में आए अचानक बदलाव से बच्चों में सांस की दिक्कत और निमोनिया की शिकायतें आ रही हैं।
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बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों में रखना चाहिए। दूध पिलाने वाली मां को गर्म तासीर का खाना लेना चाहिए। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सीधे हवा के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए।
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अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर फसल के लिए अच्छा नहीं
जनवरी का महीना होने के बाद भी पिछले कई दिनों से गर्मी का एहसास होने लगा था। पिछले दिनों की बात करें तो अधिकतम तापमान 25 तो न्यूनतम 10 डिग्री के करीब पहुंच गया था।

न्यूनतम व अधिकतम तापमान में इतना अंतराल फसलों के लिए ठीक नहीं माना जाता है। जिसे लेकर किसानों के साथ कृषि विशेषज्ञ भी चिंतित थे। दिसंबर व जनवरी में तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक चल रहा था।

छाए रहेंगे बादल लेकिन बारिश के आसार नहीं
कोहरे व शीतलहर के कारण कंपकंपाती ठंड में स्कूली बच्चे कांपते नजर आए। सुबह व शाम को शीतलहर का प्रकोप ज्यादा रहा। मार्केट में दुकानदार आग जलाए बैठे नजर आए।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले दो सप्ताह तक ठंड आपको परेशान करेगी। हिसार स्थित हरियाणा कृषि विद्यालय मौसम विभाग के अध्यक्ष डा.राजसिंह के अनुसार बादल छाए रहेंगे लेकिन बूंदाबांदी के आसार नहीं हैं। रविवार को मौसम खुल सकता है लेकिन फिर अगले कुछ दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।

क्यों हिचकोले ले रहा है मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुआ है। रविवार को तापमान फिर बढ़ेगा। लेकिन 18 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सर्द हवाओं की गति को और तेज करेगा जो 25 जनवरी तक बना रहेगा।

88 हजार हेक्टेयर गेहूं के लिए जीवनदायिनी है कड़ाके की ठंड
तापमान में कमी खासकर गेहूं जैसी फसलों के लिए अच्छी है। मौजूदा मौसम गेहूं के लिए निश्चित रूप से नुकसान को कम करेगा। तापमान में आई गिरावट गेहूं के लिए फायदेमंद है।

जिले में एक लाख 88 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं और 15 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल लगी हुई है। दिसंबर के बाद तापमान बढ़ने से किसान चिंतित नजर आ रहे थे।


कृषि विभाग के उपनिदेशक बलवंत सिंह सहारण ने कहा कि पिछले तीन दिनों से मौसम में आए बदलाव के कारण गेहूं की अच्छी पैदावार होगी। उन्होंने कहा कि मौसम गेहूं के अनुकूल है। पहले तापमान अधिक चल रहा था, जिससे गेहूं को नुकसान हो सकता था।
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