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Fatehabad News: रतिया और जाखल में खुलेंगे सेटेलाइट ओएसटी केंद्र
Sun, 11 Oct 2026 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:25 PM IST
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फतेहाबाद में नशा मुक्ति केंद्र संवाद
फतेहाबाद। नशे की लत से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे मरीजों को अब इलाज के लिए करीब 60 किलोमीटर दूर नागरिक अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग रतिया और जाखल में सेटेलाइट ओएसटी केंद्र शुरू करने की तैयारी कर रहा है। दोनों केंद्रों को मंजूरी मिल चुकी है और कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी करवाई जा चुकी है।
इंजेक्शन से नशा लेने वाले कई मरीज दूरी के कारण नियमित इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में वे बीच में ही दवा छोड़ देते हैं। इससे उपचार प्रभावित होता है और एचआईवी व हेपेटाइटिस-सी जैसे गंभीर संक्रमणों का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर सेटेलाइट ओएसटी केंद्र शुरू करने के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें रतिया और जाखल के दो केंद्रों को मंजूरी मिली है। कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब केंद्र शुरू करने की तैयारी है।
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जिले में फिलहाल नागरिक अस्पताल में ओएसटी केंद्र संचालित है। यहां विशेषज्ञ की निगरानी में मरीजों को दवा दी जाती है। ओएसटी यानी ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी के तहत नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को नियमित उपचार दिया जाता है।
दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए बार-बार नागरिक अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है। दूरी और आने-जाने की परेशानी के कारण कुछ मरीज इलाज जारी नहीं रख पाते। रतिया और जाखल में नए केंद्र शुरू होने से मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार मिल सकेगा। इससे नियमित इलाज जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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मार्च 2026 तक 582 मरीज पंजीकृत
वर्ष 2026 के मार्च तक इंजेक्शन के माध्यम से नशा लेने वाले 582 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। जांच के दौरान इनमें से 111 मरीज एचआईवी और 287 मरीज हेपेटाइटिस-सी पॉजिटिव मिले हैं। ये आंकड़े नशे के साथ संक्रमण की चुनौती की गंभीरता भी दिखाते हैं।
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स्कूल-कॉलेज की उम्र में नशे की लत
आंकड़ों के अनुसार पंजीकृत मरीजों में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 214 और 26 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 292 मरीज शामिल हैं। यानी इन दोनों आयु वर्गों में कुल 506 मरीज हैं। यह संख्या बताती है कि इंजेक्शन से नशा लेने की समस्या युवाओं को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। स्कूल-कॉलेज की उम्र से ही नशे के दलदल में फंस रहे हैं।
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ओएसटी उपचार का उद्देश्य मरीजों को ओपिओइड नशे की निर्भरता से उबरने में मदद देना और उपचार की निरंतरता बनाए रखना है। इसके लिए विशेषज्ञ की निगरानी में निर्धारित दवा दी जाती है। रतिया और जाखल में प्रस्तावित सेटेलाइट केंद्रों से मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार मिल सकेगा। ये केंद्र जल्द शुरू होंगे।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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इंजेक्शन से नशा लेने वाले कई मरीज दूरी के कारण नियमित इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में वे बीच में ही दवा छोड़ देते हैं। इससे उपचार प्रभावित होता है और एचआईवी व हेपेटाइटिस-सी जैसे गंभीर संक्रमणों का खतरा भी बढ़ सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर सेटेलाइट ओएसटी केंद्र शुरू करने के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें रतिया और जाखल के दो केंद्रों को मंजूरी मिली है। कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब केंद्र शुरू करने की तैयारी है।
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जिले में फिलहाल नागरिक अस्पताल में ओएसटी केंद्र संचालित है। यहां विशेषज्ञ की निगरानी में मरीजों को दवा दी जाती है। ओएसटी यानी ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी के तहत नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को नियमित उपचार दिया जाता है।
दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए बार-बार नागरिक अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है। दूरी और आने-जाने की परेशानी के कारण कुछ मरीज इलाज जारी नहीं रख पाते। रतिया और जाखल में नए केंद्र शुरू होने से मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार मिल सकेगा। इससे नियमित इलाज जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मार्च 2026 तक 582 मरीज पंजीकृत
वर्ष 2026 के मार्च तक इंजेक्शन के माध्यम से नशा लेने वाले 582 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। जांच के दौरान इनमें से 111 मरीज एचआईवी और 287 मरीज हेपेटाइटिस-सी पॉजिटिव मिले हैं। ये आंकड़े नशे के साथ संक्रमण की चुनौती की गंभीरता भी दिखाते हैं।
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स्कूल-कॉलेज की उम्र में नशे की लत
आंकड़ों के अनुसार पंजीकृत मरीजों में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 214 और 26 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 292 मरीज शामिल हैं। यानी इन दोनों आयु वर्गों में कुल 506 मरीज हैं। यह संख्या बताती है कि इंजेक्शन से नशा लेने की समस्या युवाओं को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। स्कूल-कॉलेज की उम्र से ही नशे के दलदल में फंस रहे हैं।
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ओएसटी उपचार का उद्देश्य मरीजों को ओपिओइड नशे की निर्भरता से उबरने में मदद देना और उपचार की निरंतरता बनाए रखना है। इसके लिए विशेषज्ञ की निगरानी में निर्धारित दवा दी जाती है। रतिया और जाखल में प्रस्तावित सेटेलाइट केंद्रों से मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार मिल सकेगा। ये केंद्र जल्द शुरू होंगे।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन