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Fatehabad News: फेसबुक पर परिचित बनकर 16.89 लाख रुपये की ठगी
Sun, 11 Oct 2026 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:34 PM IST
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फतेहाबाद। फेसबुक पर विदेश में रह रहे परिचित के नाम से संदेश भेजकर 16.89 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में फतेहाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने आगरा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपने बैंक खाते भी बेच रखे थे। अब पुलिस खातों के खरीदारों का पता लगा रही है।
पकड़े गए आरोपी रितेश, मृत्युंजय और ऋषि निगम उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला परसौती, सेवला जाट के निवासी हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाना फतेहाबाद में 2 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच अधिकारी राहुल देव के अनुसार टोहाना निवासी आर्यन बंसल ने शिकायत दी थी कि उसके पिता के फेसबुक पर विदेश में रह रहे एक परिचित के नाम से संदेश आया था। संदेश भेजने वाले ने खुद को अमेरिका में कानूनी परेशानी में फंसा बताया और जुर्माना भरने के लिए आर्थिक मदद मांगी।
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परिचित समझकर परिवार ने उसकी मदद की। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 16 लाख 89 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में परिवार ने वास्तविक परिचित से संपर्क किया तो ठगी का पता चला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते बेच रखे थे। अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने ये खाते खरीदे थे। नियमानुसार कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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पकड़े गए आरोपी रितेश, मृत्युंजय और ऋषि निगम उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला परसौती, सेवला जाट के निवासी हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाना फतेहाबाद में 2 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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जांच अधिकारी राहुल देव के अनुसार टोहाना निवासी आर्यन बंसल ने शिकायत दी थी कि उसके पिता के फेसबुक पर विदेश में रह रहे एक परिचित के नाम से संदेश आया था। संदेश भेजने वाले ने खुद को अमेरिका में कानूनी परेशानी में फंसा बताया और जुर्माना भरने के लिए आर्थिक मदद मांगी।
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परिचित समझकर परिवार ने उसकी मदद की। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 16 लाख 89 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में परिवार ने वास्तविक परिचित से संपर्क किया तो ठगी का पता चला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते बेच रखे थे। अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने ये खाते खरीदे थे। नियमानुसार कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।