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Fatehabad News: अमित शाह की रैली का विरोध करने जा रहे सरपंचों को रास्ते में किया गिरफ्तार
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थाने में बैठे सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया व अन्य सरपंच।
फतेहाबाद/टोहाना/भूना/भट्टू कलां। सिरसा में हुई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली को लेकर सरपंच एसोसिएशन द्वारा पहले से ही विरोध जताने की घोषणा के बाद रविवार को पुलिस ने विरोधी सरपंचों को हिरासत में ले लिया। भट्टूकलां क्षेत्र के सरपंचों को अलसुबह ही पहले घर में ही बंद कर लिया गया और बाद में उनको थाने में लाया गया। सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर गिल अपने गांव से लोगों के साथ समैन से निकले तो रास्ते में ही पुलिस ने उनको रोक लिया और हिरासत में ले लिया। प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया को उनके घर में बंद किया गया और बाद में अन्य सरपंचों सहित थाने में लाया गया। एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता हेमंत बैजलपुरिया को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह की रैली को लेकर रविवार अलसुबह ही पुलिस अलर्ट मोड में दिखाई दी। सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल जब रविवार को अपने समर्थकों सहित विरोध के लिए रवाना हुए तो तो नांगली रोड पर रास्ते में ही उनको पुलिस ने रोक लिया और हिरासत में ले लिया। उनके साथ संदीप गिल को भी हिरासत में लिया गया है। रणबीर गिल ने गिरफ्तारी के दौरान कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। हम शांतिपूर्वक तरीके से अपनी बात अमित शाह के सामने रखना चाहते थे और सरकार की नाकामियों को केंद्र सरकार के सामने उजागर करना चाहते थे, लेकिन हमारी बात को कुचला जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता एवं भट्टूकलां खंड सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रमोहन पोटलिया को अलसुबह ही घर में बंद कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे ही उनके घर में पुलिस पहुंच गई और उनको घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। चंद्रमोहन पोटलिया के साथ-साथ विरोधी सरपंचों गांव किरढ़ान के राजेश भिंचर, भट्टूकलां के सरपंच प्रहलाद, सरवरपुर के सरपंच अनूप देहड़ू, ढिंगसरा के सरपंच सुभाष मुंड, ढाबीकलां के सरपंच बलवंत जाखड़ को भी सुबह पहले ही नजरबंद कर दिया गया। बाद में इन सभी को भट्टूकलां थाने में ले आया गया। वहीं गांव धारनिया के सरपंच हनुमान पोटलिया को घर में ही नजरबंद रखा गया। भूना से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता हेमंत बैजलपुरिया को भी रास्ते में ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले हेमंत बैजलपुरिया ने गांव में जनसभा को संबोधित किया और अपने साथियों सहित सिरसा के लिए कूच किया, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया और थाने में ले आई।
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शाम छह बजे किया सभी को रिहा
जिला पुलिस ने सुबह से लेकर शाम तक पकड़े गए सरपंचों को थानों में ही बिठाए रखा। शाम को छह बजे के बाद सरपंचों को रिहा कर दिया गया।
लोकतंत्र का घोटा गया गला
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश में सरपंचों के साथ सरकार अन्याय कर रही है और हम केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी बात रखने जा रहे थे, लेकिन सरकार के आदेशों पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि समय बलवान है और 2024 में सरकार के तानाशाही रवैये का सरपंच ही नहीं, किसान व जनता मुंहतोड़ जवाब देगी और इस सरकार को सत्ता से बाहर निकालने का काम करेगी।
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह की रैली को लेकर रविवार अलसुबह ही पुलिस अलर्ट मोड में दिखाई दी। सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल जब रविवार को अपने समर्थकों सहित विरोध के लिए रवाना हुए तो तो नांगली रोड पर रास्ते में ही उनको पुलिस ने रोक लिया और हिरासत में ले लिया। उनके साथ संदीप गिल को भी हिरासत में लिया गया है। रणबीर गिल ने गिरफ्तारी के दौरान कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। हम शांतिपूर्वक तरीके से अपनी बात अमित शाह के सामने रखना चाहते थे और सरकार की नाकामियों को केंद्र सरकार के सामने उजागर करना चाहते थे, लेकिन हमारी बात को कुचला जा रहा है।
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वहीं दूसरी ओर सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता एवं भट्टूकलां खंड सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रमोहन पोटलिया को अलसुबह ही घर में बंद कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े तीन बजे ही उनके घर में पुलिस पहुंच गई और उनको घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। चंद्रमोहन पोटलिया के साथ-साथ विरोधी सरपंचों गांव किरढ़ान के राजेश भिंचर, भट्टूकलां के सरपंच प्रहलाद, सरवरपुर के सरपंच अनूप देहड़ू, ढिंगसरा के सरपंच सुभाष मुंड, ढाबीकलां के सरपंच बलवंत जाखड़ को भी सुबह पहले ही नजरबंद कर दिया गया। बाद में इन सभी को भट्टूकलां थाने में ले आया गया। वहीं गांव धारनिया के सरपंच हनुमान पोटलिया को घर में ही नजरबंद रखा गया। भूना से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता हेमंत बैजलपुरिया को भी रास्ते में ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले हेमंत बैजलपुरिया ने गांव में जनसभा को संबोधित किया और अपने साथियों सहित सिरसा के लिए कूच किया, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया और थाने में ले आई।
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शाम छह बजे किया सभी को रिहा
जिला पुलिस ने सुबह से लेकर शाम तक पकड़े गए सरपंचों को थानों में ही बिठाए रखा। शाम को छह बजे के बाद सरपंचों को रिहा कर दिया गया।
लोकतंत्र का घोटा गया गला
सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश में सरपंचों के साथ सरकार अन्याय कर रही है और हम केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी बात रखने जा रहे थे, लेकिन सरकार के आदेशों पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि समय बलवान है और 2024 में सरकार के तानाशाही रवैये का सरपंच ही नहीं, किसान व जनता मुंहतोड़ जवाब देगी और इस सरकार को सत्ता से बाहर निकालने का काम करेगी।