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Fatehabad News: महापंचायत कर पंचायत मंत्री की प्रगति रैली के लिए मुसीबत खड़ी कर गए सरपंच
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सरपंच महापंचायत में भाग लेने आई विभिन्न जिलों से महिला सरपंच।
- फोटो : Fatehabad
समैन। ई-टेंडरिंग के विरोध को लेकर टोहाना में आयोजित सर्व हरियाणा सरपंच महापंचायत में प्रदेश के सरपंचों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली को कड़ा राजनीतिक संदेश देकर गए हैं। सर्व हरियाणा सरपंच महापंचायत में प्रदेश के लगभग सभी 22 जिलों से सरपंच हिस्सा लेने पहुंचे। इसके अलावा महासम्मेलन में सरपंचों की एकजुटता ने प्रदेश की मौजूदा सरकार को किसान आंदोलन की झलक दिखा दी है।
महासम्मेलन में सबसे ज्यादा सरपंच हिसार जिले से पहुंचे, जहां से सरपंचों की संख्या 307 बताई जा रही है। इसके अलावा सिरसा, करनाल, रोहतक, फतेहाबाद, जींद, कैथल, नूंह (मेवात), कुरुक्षेत्र, पलवल सहित सभी जिलों से सरपंचों की अच्छी मौजूदगी रही। महासम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह जिले करनाल व पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के गृह जिले फतेहाबाद के लगभग सभी खंडों से सरपंच व पंच प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने सरकार को यह अहसास करवा दिया कि अब अपनी मांगों को लेकर सरपंच पीछे नहीं हटेंगे।
महापंचायत में महिला सरपंचों की अच्छी-खासी मौजूदगी ने भी प्रदेश की सरकार को यह संदेश दे दिया है कि यदि प्रदेश में ई-टेंडरिंग को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ तो वह किसी भी सूरत में पीछे रहने वाली नहीं हैं।
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जींद जिले के मनोहरपुर से महापंचायत में हिस्सा लेने पहुंची महिला सरपंच प्रीति देवी ने कहा कि उसने बीए पास के साथ-साथ कंप्यूटर का डिप्लोमा व एनटीटी का कोर्स किया है। वह पढ़ी-लिखी सरपंच हैं। ग्रामीणों ने उन्हें इस उम्मीद के साथ चुना है कि वह पढ़ी-लिखी हैं व गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगी, लेकिन सरकार ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से सारी शक्तियां व अधिकार ही खत्म कर दिए हैं। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं व आने वाले समय में इस विरोध को तेज करेंगे। संवाद
अधिकारों पर नहीं डलने देंगे डाका
हिसार जिले के गांव कापड़ो की सरपंच सुशीला ने कहा कि वह नारनौंद ब्लॉक की 31 सरपंच व पंचों के साथ महासम्मेलन में पहुंची हैं। वह सरकार की ई-टेंडरिंग पॉलिसी का कड़ा विरोध करती हैं। यदि गांव के लोगों ने उन्हें किसी उम्मीद के साथ सरपंच चुना है तो वह गांव के अधिकारों पर किसी भी सूरत में डाका नहीं डलने देंगी।
भट्टू ब्लॉक के गांव ढांड से सरपंच चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री दोनों ही कान खोल कर अच्छी तरह सुन लें, यह तो सिर्फ शुरूआत है, आने वाले दिनों में यह आंदोलन इतना व्यापक होगा कि सरकार घुटने पर आने पर मजबूर होगी।
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महासम्मेलन में सबसे ज्यादा सरपंच हिसार जिले से पहुंचे, जहां से सरपंचों की संख्या 307 बताई जा रही है। इसके अलावा सिरसा, करनाल, रोहतक, फतेहाबाद, जींद, कैथल, नूंह (मेवात), कुरुक्षेत्र, पलवल सहित सभी जिलों से सरपंचों की अच्छी मौजूदगी रही। महासम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह जिले करनाल व पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के गृह जिले फतेहाबाद के लगभग सभी खंडों से सरपंच व पंच प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने सरकार को यह अहसास करवा दिया कि अब अपनी मांगों को लेकर सरपंच पीछे नहीं हटेंगे।
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महापंचायत में महिला सरपंचों की अच्छी-खासी मौजूदगी ने भी प्रदेश की सरकार को यह संदेश दे दिया है कि यदि प्रदेश में ई-टेंडरिंग को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ तो वह किसी भी सूरत में पीछे रहने वाली नहीं हैं।
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जींद जिले के मनोहरपुर से महापंचायत में हिस्सा लेने पहुंची महिला सरपंच प्रीति देवी ने कहा कि उसने बीए पास के साथ-साथ कंप्यूटर का डिप्लोमा व एनटीटी का कोर्स किया है। वह पढ़ी-लिखी सरपंच हैं। ग्रामीणों ने उन्हें इस उम्मीद के साथ चुना है कि वह पढ़ी-लिखी हैं व गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगी, लेकिन सरकार ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से सारी शक्तियां व अधिकार ही खत्म कर दिए हैं। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं व आने वाले समय में इस विरोध को तेज करेंगे। संवाद
अधिकारों पर नहीं डलने देंगे डाका
हिसार जिले के गांव कापड़ो की सरपंच सुशीला ने कहा कि वह नारनौंद ब्लॉक की 31 सरपंच व पंचों के साथ महासम्मेलन में पहुंची हैं। वह सरकार की ई-टेंडरिंग पॉलिसी का कड़ा विरोध करती हैं। यदि गांव के लोगों ने उन्हें किसी उम्मीद के साथ सरपंच चुना है तो वह गांव के अधिकारों पर किसी भी सूरत में डाका नहीं डलने देंगी।
भट्टू ब्लॉक के गांव ढांड से सरपंच चंद्रमोहन पोटलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री दोनों ही कान खोल कर अच्छी तरह सुन लें, यह तो सिर्फ शुरूआत है, आने वाले दिनों में यह आंदोलन इतना व्यापक होगा कि सरकार घुटने पर आने पर मजबूर होगी।