फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   'Saheli' becomes Sakhi center for victims affected by wandering and violence

Fatehabad News: भटकीं और हिंसा से प्रभावित पीड़िताओं के लिए सखी सेंटर बना ‘सहेली’

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2023 11:48 PM IST
विज्ञापन
'Saheli' becomes Sakhi center for victims affected by wandering and violence
फतेहाबाद में स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर।
फतेहाबाद। घर से भटकी किशोरियों, युवती व प्रताड़ना से ग्रस्त महिलाओं के लिए फतेहाबाद में बना वन स्टॉप सेंटर (सखी) एक तरह से इनके लिए सहेली के तौर पर काम कर रहा है। राह से भटकी बेटियों सहित उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं को इस सेंटर से राहत मिल रही है। यहां उनको हर प्रकार की सुविधा दी जाती है और किसी भी प्रकार आवश्यकता हो, उनको यह सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन

भारत सरकार द्वारा हिंसा से प्रभावित महिलाओं का समर्थन और सहायता करने के लिए एक अप्रैल 2015 से वन स्टॉप सेंटर योजना लागू की गई थी। यह योजना मूल रूप से सखी के नाम से जानी जाती है। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक सखी वन स्टॉप सेंटर बनाए जाने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सेवाओं की एक विस्तृत शृंखला तक पहुंच की सुविधा प्रदान करना है। संवाद
विज्ञापन

फतेहाबाद में मार्च 2019 में हुआ था निर्माण
फतेहाबाद में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पांच मार्च 2019 को सखी सेंटर का निर्माण किया गया था। अब तक इस सेंटर में 865 महिलाएं, युवतियां लाभ ले चुकी हैं। विभाग की ओर से इनकी काउंसिलिंग की जाती है और उनको न्याय दिलवाया जाता है। सेंटर में अगर छह से आठ साल तक के बच्चे आते हैं, तो उनको अपनी मां के साथ रहने की अनुमति दी जाती है। सखी सेंटर में ऐसी पीड़िताओं को कम से कम पांच दिन तक रखा जाता है, लेकिन अगर डिमांड अधिक हो तो 10 दिन तक भी उनको रखने का प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनको मिलती है सुविधाएं
सखी वन स्टॉप सेंटर में दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, यौन शोषण, महिला तस्करी, बाल यौन शोषण, गुमशुदा या अपहरण, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक, साइबर क्राइम से पीड़ित महिलाओं को रखा जाता है। सेंटर में उनको पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, काउंसिलिंग सहित रहने व खाने पीने की हर सुविधा दी जा रही है। फतेहाबाद में अब तक आए 865 केसों में 100 महिलाओं व युवतियों को लीगल काउंसिलिंग, 71 को मनोरोग काउसिंलिंग, 152 की फोन पर काउंसिलिंग, 27 की पारिवारिक काउंसिलिंग, 483 को पुलिस सहायता, 11 को मेडिकल हेल्प, 38 महिलाओं व युवतियों का रेस्कयू, 18 को लीगल हेल्प व 28 महिलाओं व युवतियों को लंबे समय के लिए सेलटर दिया गया है।

इन मामलों में अब तक मिल चुका है पीड़िताओं को न्याय
केस संख्या
घरेलू हिंसा 418
घर से निकलना या अन्य 427
बाल विवाह 05
दुष्कर्म 03
मिसिंग 11
साइबर क्राइम 01
शरणार्थी 269
कोट
सखी वन स्टॉप सेंटर में हर प्रकार की पीड़ित महिलाओं व युवतियों को पूरा सहयोग दिया जाता है। भटकाव में आकर घर से जाने वाली लड़कियों से लेकर किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को यहां पर जो सुविधा उनको दी जानी चाहिए दी जाती है। साथ ही उनकी काउंसिलिंग भी करवाई जाती है।
-शिव कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed