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Fatehabad News: बीईओ का शिक्षकों को ‘मारने’ संबंधी बयान पर मचा बवाल
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फतेहाबाद। फतेहाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह श्योराण द्वारा प्राथमिक शिक्षकों को ‘मारने’ संबंधी दिए गए बयान पर जमकर बवाल मचा हुआ है। प्रदेश के तीन प्रमुख शिक्षक संगठनों राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन ने अधिकारी के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठनों का कहना है कि ऐसे अधिकारी को तुरंत शिक्षक वर्ग से माफी मांगनी चाहिए। इस बयान पर अधिकारी से जवाब तलब करने को लेकर तीनों शिक्षक संगठनों द्वारा सोमवार 8 अप्रैल को दोपहर 3 बजे फतेहाबाद में बीईओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान विकास टुटेजा ने बताया कि तीन दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र श्योराण द्वारा नामांकन अभियान व सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला करवाने को लेकर पहले प्राइमरी स्कूलों के मुखिया व दोपहर को मिडिल हेड की बैठक ली गई थी। इस बैठक में अधिकारी द्वारा प्राथमिक शिक्षकों को लेकर असभ्य भाषा का प्रयोग करते हुए कहा गया कि विभाग में कुछ टीचर इतने निकम्मे हैं कि उन्हें परमिशन मिल जाए तो रोज पांच टीचरों को मार दूं और कुल 50 टीचर को मार दूं तो उनका ब्लॉक सही हो जाएगा।
टुटेजा ने कहा कि शिक्षा विभाग में उच्च पद पर रहते हुए अधिकारी द्वारा इस तरह का बयान किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकारी स्कूलों के शिक्षक दिन-रात मेहनत कर स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला करवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं शिक्षकों की मेहनत की बदौलत सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में काफी सुधार आया है। ऐसे अधिकारी इन शिक्षकों की मेहनत को सराहने के बजाय उन्हें मारने जैसे बयान दे रहे हैं। इससे साबित होता है कि अधिकारी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। ऐसे अधिकारी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुरजीत दुसाद ने भी कहा कि शिक्षक वर्ग को समाज निर्माता कहा जाता है, वहीं कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जोकि इस वर्ग की तौहीन करने को अपनी शान समझते हैं। बीईओ ने अध्यापकों के प्रति जिस भाषा का प्रयोग किया है, उससे अध्यापक वर्ग में काफी गुस्सा है। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन से रामेश्वर मताना ने भी बीईओ के इस बयान की निंदा की।
कोट
मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। बैठक भी 3 अप्रैल को ली थी, अब चार दिन बाद यह आरोप लगाए जा रहे हैं। बैठक में मैंने सिर्फ नामांकन बढ़ाने के लिए मोटीवेट किया था। मेरे से किसी संगठन ने बात भी नहीं की है। अगर किसी को कोई गलतफहमी हुई है, तो मैं सोमवार को शिक्षक संगठनों को बुलाकर उनसे बातचीत कर लूंगा।
-महेंद्र सिंह श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान विकास टुटेजा ने बताया कि तीन दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र श्योराण द्वारा नामांकन अभियान व सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला करवाने को लेकर पहले प्राइमरी स्कूलों के मुखिया व दोपहर को मिडिल हेड की बैठक ली गई थी। इस बैठक में अधिकारी द्वारा प्राथमिक शिक्षकों को लेकर असभ्य भाषा का प्रयोग करते हुए कहा गया कि विभाग में कुछ टीचर इतने निकम्मे हैं कि उन्हें परमिशन मिल जाए तो रोज पांच टीचरों को मार दूं और कुल 50 टीचर को मार दूं तो उनका ब्लॉक सही हो जाएगा।
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टुटेजा ने कहा कि शिक्षा विभाग में उच्च पद पर रहते हुए अधिकारी द्वारा इस तरह का बयान किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकारी स्कूलों के शिक्षक दिन-रात मेहनत कर स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला करवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं शिक्षकों की मेहनत की बदौलत सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में काफी सुधार आया है। ऐसे अधिकारी इन शिक्षकों की मेहनत को सराहने के बजाय उन्हें मारने जैसे बयान दे रहे हैं। इससे साबित होता है कि अधिकारी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। ऐसे अधिकारी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुरजीत दुसाद ने भी कहा कि शिक्षक वर्ग को समाज निर्माता कहा जाता है, वहीं कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जोकि इस वर्ग की तौहीन करने को अपनी शान समझते हैं। बीईओ ने अध्यापकों के प्रति जिस भाषा का प्रयोग किया है, उससे अध्यापक वर्ग में काफी गुस्सा है। हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन से रामेश्वर मताना ने भी बीईओ के इस बयान की निंदा की।
कोट
मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। बैठक भी 3 अप्रैल को ली थी, अब चार दिन बाद यह आरोप लगाए जा रहे हैं। बैठक में मैंने सिर्फ नामांकन बढ़ाने के लिए मोटीवेट किया था। मेरे से किसी संगठन ने बात भी नहीं की है। अगर किसी को कोई गलतफहमी हुई है, तो मैं सोमवार को शिक्षक संगठनों को बुलाकर उनसे बातचीत कर लूंगा।
-महेंद्र सिंह श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद