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Fatehabad News: रेवाड़ी की एजेंसी ने 1290 रुपये प्रति पशु पकड़ने का मांगा रेट
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फतेहाबाद में गलियों में घूमते हुए बेसहारा पशु
फतेहाबाद। शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रेवाड़ी की एजेंसी ने 1290 रुपये प्रति पशु रेट मांगा है। बेसहारा पशुओं को पकडऩे के लिए नगर परिषद ने टेंडर लगाया था। इस टेंडर को लेकर दो एजेंसी आई है। रेवाड़ी की रॉयल इंटरप्राइजिज एजेंसी ने 1290 रुपये प्रति पशु का रेट मांगा है। नगर परिषद द्वारा अगस्त माह में टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन ये प्रक्रिया अटकी हुई है। अब सिरे चढ़ने की उम्मीद है।
नगर परिषद कार्यालय ने वीरवार को एजेंसी को निगोशिएशन के लिए पत्र लिख कर कहा है कि रेट कम किया जाए जो कि बहुत ज्यादा है। एजेंसी को शुक्रवार तक में नेगोसिएशन करनी है। अगर नगर परिषद अफसर रेट से सहमत हो जाते है तो एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी होगा। एजेंसी को करीब 27 शर्तों के साथ पशु पकडऩे होंगे और इनकी टैगिंग करवानी होगी। ये ही नहीं इसकी रिपोर्ट पशु पालन विभाग के अफसरों को भी देंगे। फिलहाल हालत ये है कि शहर में आवारा पशुओं के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
जगजीवनपुरा मोहल्ले में बच्चे को उठाकर पटकने के बाद बढ़ा था विवाद
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला में अगस्त माह में पशुओं के झुंड ने गली में खेल रहे बच्चे को घेर लिया था और फिर दो से तीन बार उठाकर पटका था। इस घटना के बाद शहर के लोगों में गुस्सा बढ़ गया और पार्षदों ने भी विरोध जताते हुए टेंडर लगाकर पकड़ने की मांग उठाई थी। इसके बाद नगर परिषद अफसरों ने प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि प्रस्ताव की फाइल पहले तैयार हो गई थी लेकिन टेबल पर ही रुकी हुई थी।
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एजेंसी के लिए नगर परिषद ने तय की है ये मुख्य शर्तें
- पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका एक साल के लिए होगा।
- पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित गौशाला में छोडऩा होगा।
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी पशुओं की टैगिंग करेंगे।
- गाड़ी में क्षमता से कम ही पशु लोड करने होंगे
- नगर परिषद सीमा में एक साल तक अगर पशु मिलता है तो उसे एजेंसी ही पकड़ेगी।
- एजेंसी के कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल नंबर ऑन रखना होगा।
- नगर परिषद सीमा में जब भी एजेंसी पशु पकड़ेगी तो पहले मुनादी करवानी होगी ताकि कोई हादसा न हो सके।
- नगर परिषद सीमा में अगर बेसहारा पशु के कारण कोई चोटिल होता है या फिर मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -बेसहारा पशुओं को पकडऩे के लिए टेंडर लगाया गया था। एजेंसी ने जो रेट दिया है वह बहुत ज्यादा है। रेट कम करने के लिए एजेंसी को पत्र लिखा गया है। अगर एजेंसी रेट कम करती है और सभी सहमत होते है तो एजेंसी को वर्क ऑर्डर दे दिया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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नगर परिषद कार्यालय ने वीरवार को एजेंसी को निगोशिएशन के लिए पत्र लिख कर कहा है कि रेट कम किया जाए जो कि बहुत ज्यादा है। एजेंसी को शुक्रवार तक में नेगोसिएशन करनी है। अगर नगर परिषद अफसर रेट से सहमत हो जाते है तो एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी होगा। एजेंसी को करीब 27 शर्तों के साथ पशु पकडऩे होंगे और इनकी टैगिंग करवानी होगी। ये ही नहीं इसकी रिपोर्ट पशु पालन विभाग के अफसरों को भी देंगे। फिलहाल हालत ये है कि शहर में आवारा पशुओं के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
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जगजीवनपुरा मोहल्ले में बच्चे को उठाकर पटकने के बाद बढ़ा था विवाद
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला में अगस्त माह में पशुओं के झुंड ने गली में खेल रहे बच्चे को घेर लिया था और फिर दो से तीन बार उठाकर पटका था। इस घटना के बाद शहर के लोगों में गुस्सा बढ़ गया और पार्षदों ने भी विरोध जताते हुए टेंडर लगाकर पकड़ने की मांग उठाई थी। इसके बाद नगर परिषद अफसरों ने प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि प्रस्ताव की फाइल पहले तैयार हो गई थी लेकिन टेबल पर ही रुकी हुई थी।
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एजेंसी के लिए नगर परिषद ने तय की है ये मुख्य शर्तें
- पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका एक साल के लिए होगा।
- पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित गौशाला में छोडऩा होगा।
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी पशुओं की टैगिंग करेंगे।
- गाड़ी में क्षमता से कम ही पशु लोड करने होंगे
- नगर परिषद सीमा में एक साल तक अगर पशु मिलता है तो उसे एजेंसी ही पकड़ेगी।
- एजेंसी के कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल नंबर ऑन रखना होगा।
- नगर परिषद सीमा में जब भी एजेंसी पशु पकड़ेगी तो पहले मुनादी करवानी होगी ताकि कोई हादसा न हो सके।
- नगर परिषद सीमा में अगर बेसहारा पशु के कारण कोई चोटिल होता है या फिर मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद