{"_id":"6966953aa373056afd015bf7","slug":"rainwater-is-being-poured-into-the-drain-without-cleaning-it-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-146972-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बारिश का पानी बिना साफ किए रंगोई नाले में डाल रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बारिश का पानी बिना साफ किए रंगोई नाले में डाल रहे
Wed, 14 Jan 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। शहर के 75 फीसदी हिस्से में बारिश पानी की निकासी सीवरेज पाइप लाइन पर ही आधारित है। बारिश के दौरान शहर का पानी खैराती खेड़ा रोड पर बने एसटीपी पर पहुंचता है और यहां से रंगोई नाले में डाला जाता है। शहर को जलभराव से बचाने के लिए बारिश के दौरान एसटीपी पर पानी को ट्रीट किए बिना रंगोई नाले में डाला जाता है।
खैराती खेड़ा रोड पर 10 और 5 एमएलडी के दो प्लांट बने है। हालांकि ये प्लांट सक्रिय हैं और अन्य दिनों में पानी को ट्रीट करके खेतों में दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान पानी को बाइपास ही रंगोई नाले में निकाल दिया जाता है कि एसटीपी पर डालेंगे तो जलनिकासी पर दिक्कत खड़ी होगी। जिले के प्रत्येक शहर में एसटीपी प्लांट है।
-
25 फीसदी क्षेत्र की चिल्ली झील पर बने डिस्पोजल टैंक से निकासी
शहर के 25 फीसदी क्षेत्र में से बारिश पानी निकासी चिल्ली झील पर बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में हो रही है। इसमें शहर का पुरानी तहसील चौक, तुलसीदास चौक, जवाहर चौक, डीएसपी रोड का क्षेत्र शामिल है। वजह ये है कि प्राकृतिक रूप से पानी का ढलान चिल्ली की तरफ है। पानी चिल्ली झील क्षेत्र में पहुंचता है और यहां से मोटरों से रंगोई नाले में डाला जाता है। नगर परिषद की तरफ से साढ़े 6 करोड़ से पाइप लाइन रंगोई नाले तक बिछाई गई थी।
विज्ञापन
-
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
फतेहाबाद - 15 एमएलडी
फतेहाबाद एचएसवीपी - 2 एमएलडी
रतिया - 6 एफएलडी
टोहाना - 10 एमएलडी
जाखल - 3 एमएलडी
-
शहर में बारिश पानी की निकासी एसटीपी के जरिए होती है और कुछ हिस्से से चिल्ली क्षेत्र पर बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में पानी जाता है। बारिश के दौरान एसटीपी से बाईपास पानी रंगोई में डाल दिया जाता है। अगर एसटीपी को बंद करेंगे तो निकासी नहीं हो पाएगी।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
खैराती खेड़ा रोड पर 10 और 5 एमएलडी के दो प्लांट बने है। हालांकि ये प्लांट सक्रिय हैं और अन्य दिनों में पानी को ट्रीट करके खेतों में दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान पानी को बाइपास ही रंगोई नाले में निकाल दिया जाता है कि एसटीपी पर डालेंगे तो जलनिकासी पर दिक्कत खड़ी होगी। जिले के प्रत्येक शहर में एसटीपी प्लांट है।
विज्ञापन
-
25 फीसदी क्षेत्र की चिल्ली झील पर बने डिस्पोजल टैंक से निकासी
शहर के 25 फीसदी क्षेत्र में से बारिश पानी निकासी चिल्ली झील पर बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में हो रही है। इसमें शहर का पुरानी तहसील चौक, तुलसीदास चौक, जवाहर चौक, डीएसपी रोड का क्षेत्र शामिल है। वजह ये है कि प्राकृतिक रूप से पानी का ढलान चिल्ली की तरफ है। पानी चिल्ली झील क्षेत्र में पहुंचता है और यहां से मोटरों से रंगोई नाले में डाला जाता है। नगर परिषद की तरफ से साढ़े 6 करोड़ से पाइप लाइन रंगोई नाले तक बिछाई गई थी।
विज्ञापन
-
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
फतेहाबाद - 15 एमएलडी
फतेहाबाद एचएसवीपी - 2 एमएलडी
रतिया - 6 एफएलडी
टोहाना - 10 एमएलडी
जाखल - 3 एमएलडी
-
शहर में बारिश पानी की निकासी एसटीपी के जरिए होती है और कुछ हिस्से से चिल्ली क्षेत्र पर बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में पानी जाता है। बारिश के दौरान एसटीपी से बाईपास पानी रंगोई में डाल दिया जाता है। अगर एसटीपी को बंद करेंगे तो निकासी नहीं हो पाएगी।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग