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Fatehabad News: डीएपी किल्लत के विरोध में प्रदर्शन 10 को
Sun, 05 Oct 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:43 PM IST
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फतेहाबाद। भट्टूकलां में किसान सभा के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते किसान नेतास्रोत : किसान सभा
फतेहाबाद/भट्टूकलां। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा का भट्टू में आयोजित दो दिवसीय राज्य सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। संगठन से राज्यभर में डीएपी की सुगम उपलब्धता की मांग को लेकर आंदोलन का आह्वान किया।
सम्मेलन ने 10 अक्तूबर को पूरे राज्य में डीएपी की कमी के खिलाफ और जबरन नैनो और अन्य सामग्री जबरन देने के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला लियर गया। 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने इस पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें अमेरिकी दबाव और भारत के कृषि बाजार में प्रवेश के लिए लगाए गए दंडात्मक शुल्कों के खिलाफ,किसान मजदूर की कर्ज मुक्ति के लिए, बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए, बिजली निजीकरण और स्मार्ट मीटरों के खिलाफ, साम्प्रदायिक और जातीय ध्रुवीकरण के खिलाफ तथा कानूनी खरीद गारंटी की मांग के लिए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
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उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार एमएसपी से नीचे दामों पर फसलें खरीद रही है और कॉरपोरेट कंपनियों को तैयार माल ऊंचे दामों पर बेचने की खुली छूट दी जा रही है। जिले के किसान कपास, मूंगफली एमएसपी से नीचे फसलों को बेचने को मजबूर हैं।
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सम्मेलन ने 10 अक्तूबर को पूरे राज्य में डीएपी की कमी के खिलाफ और जबरन नैनो और अन्य सामग्री जबरन देने के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला लियर गया। 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने इस पर अपने विचार रखे।
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सम्मेलन में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें अमेरिकी दबाव और भारत के कृषि बाजार में प्रवेश के लिए लगाए गए दंडात्मक शुल्कों के खिलाफ,किसान मजदूर की कर्ज मुक्ति के लिए, बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए, बिजली निजीकरण और स्मार्ट मीटरों के खिलाफ, साम्प्रदायिक और जातीय ध्रुवीकरण के खिलाफ तथा कानूनी खरीद गारंटी की मांग के लिए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
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उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार एमएसपी से नीचे दामों पर फसलें खरीद रही है और कॉरपोरेट कंपनियों को तैयार माल ऊंचे दामों पर बेचने की खुली छूट दी जा रही है। जिले के किसान कपास, मूंगफली एमएसपी से नीचे फसलों को बेचने को मजबूर हैं।