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नंदीशाला प्रबंधन में फेरबदल की तैयारी, 14 को होगा निर्णय
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रविवार को नंदीशाला में पानी की टंकी में गिरी गाय।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। नंदीशाला में व्यवस्था को लेकर चल रही कलह बढ़ती जा रही है। इसी कलह के बीच प्रबंधन में फेरबदल की तैयारी चल रही है। 14 अक्तूबर को नंदीशाला में बैठक होनी है, जिसमें नंदीशाला के इंचार्ज प्रेम कुमार को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा प्रबंधन कमेटी में भी पदाधिकारी बदले जाने की संभावना है।
नंदीशाला में रोजाना सेवा करने वाले लोगों का कहना है कि नंदीशाला प्रबंधन ठीक से काम नहीं कर रहा। यदि ठीक से काम किया जाए तो व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। सेवादारों का यह भी कहना है कि यह जिम्मेदारी वे खुद संभालने को तैयार हैं। सेवादार टोनी व रामभगत इस संदर्भ में लगातार प्रशासन को शिकायतें भी दे रहे हैं कि व्यवस्था को दुुरुस्त किया जाए। इसके अलावा सोशल मीडिया में भी नंदीशाला की तस्वीरें वायरल की गई हैं।
नंदीशाला में अव्यवस्था का मामला पहले भी उठता रहा है, लेकिन इस बार बारिश के सीजन में पशुओं की बेहद दुर्गति हुई है। पशुओं को कीचड़ में पड़े रहने को छोड़ दिया गया। बड़े पशुओं के बीच छोटे पशुओं को रखा जाता है, जिसके चलते बड़े पशु छोटे बछड़ों पर हमला करके मार देते हैं। इसके अलावा आरोप ये भी है कि बीमार पशुओं की संभाल नहीं होती। इसी कारण पशुओं की संख्या लगातार कम हो रही है। इसको लेकर सेवादार लगातार शिकायतें कर रहे हैं।
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प्रशासन ने भी नहीं उठाया कोई कदम
टोनी व रामभगत की शिकायत पर करीब एक माह पहले प्रशासन ने जांच के लिए टीम भेजी थी। इस टीम में पशु पालन विभाग के अधिकारी थे। टीम ने नंदीशाला में जाकर हालातों का जायजा लिया। खर्चों व आय का भी ब्योरा लिया। तमाम रजिस्टर चेक करे। तब लग रहा था कि प्रशासन सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने वाला है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इसके चलते कलह बढ़ता गया।
कोट
नंदीशाला के इंचार्ज प्रेम कुमार ने काम में कभी कमी नहीं छोड़ी। बजट की दिक्कत रहती है। बजट के अभाव में काम नहीं हो पाते। फिलहाल 14 को बैठक होनी है। उस दिन निर्णय लिया जाएगा कि आगे इंचार्ज किसको बनाया जाता है।
-संजय रूखाया, प्रधान, नंदीशाला प्रबंधन समिति।
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नंदीशाला में रोजाना सेवा करने वाले लोगों का कहना है कि नंदीशाला प्रबंधन ठीक से काम नहीं कर रहा। यदि ठीक से काम किया जाए तो व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। सेवादारों का यह भी कहना है कि यह जिम्मेदारी वे खुद संभालने को तैयार हैं। सेवादार टोनी व रामभगत इस संदर्भ में लगातार प्रशासन को शिकायतें भी दे रहे हैं कि व्यवस्था को दुुरुस्त किया जाए। इसके अलावा सोशल मीडिया में भी नंदीशाला की तस्वीरें वायरल की गई हैं।
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नंदीशाला में अव्यवस्था का मामला पहले भी उठता रहा है, लेकिन इस बार बारिश के सीजन में पशुओं की बेहद दुर्गति हुई है। पशुओं को कीचड़ में पड़े रहने को छोड़ दिया गया। बड़े पशुओं के बीच छोटे पशुओं को रखा जाता है, जिसके चलते बड़े पशु छोटे बछड़ों पर हमला करके मार देते हैं। इसके अलावा आरोप ये भी है कि बीमार पशुओं की संभाल नहीं होती। इसी कारण पशुओं की संख्या लगातार कम हो रही है। इसको लेकर सेवादार लगातार शिकायतें कर रहे हैं।
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प्रशासन ने भी नहीं उठाया कोई कदम
टोनी व रामभगत की शिकायत पर करीब एक माह पहले प्रशासन ने जांच के लिए टीम भेजी थी। इस टीम में पशु पालन विभाग के अधिकारी थे। टीम ने नंदीशाला में जाकर हालातों का जायजा लिया। खर्चों व आय का भी ब्योरा लिया। तमाम रजिस्टर चेक करे। तब लग रहा था कि प्रशासन सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने वाला है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इसके चलते कलह बढ़ता गया।
कोट
नंदीशाला के इंचार्ज प्रेम कुमार ने काम में कभी कमी नहीं छोड़ी। बजट की दिक्कत रहती है। बजट के अभाव में काम नहीं हो पाते। फिलहाल 14 को बैठक होनी है। उस दिन निर्णय लिया जाएगा कि आगे इंचार्ज किसको बनाया जाता है।
-संजय रूखाया, प्रधान, नंदीशाला प्रबंधन समिति।