{"_id":"67477eb266cfe188df0411b7","slug":"pollution-certificate-will-not-be-issued-for-vehicles-without-high-security-number-plate-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-125639-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जिले में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन का नहीं बनेगा प्रदूषण प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जिले में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन का नहीं बनेगा प्रदूषण प्रमाणपत्र
Thu, 28 Nov 2024 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 28 Nov 2024 01:48 AM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम के चल रहे वाहनों के खिलाफ संबंधित विभाग के द्वारा सख्ती की जा रही है। तीन दिन पहले यातायात पुलिस के द्वारा सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों को निर्देश भी दिए गए है कि वे किसी ऐसे वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र न बनाकर दें, जिस पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम न हो।
शहर में बने करीब 15 प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों द्वारा इन आदेशों को सख्ती से निभाया जा रहा है। प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों ने बताया यह आदेश उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देखे थे। शहर में कहीं भी अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम न होने पर प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे हैं।
अगर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं तो पहले करते हैं उसका आवेदन
- शहर में बने प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालक रोहित, बनवारी, सिकंदर, पवन आदि ने बताया कि जब से सरकार ने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम के बिना चल रहे वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने के लिए मना किया तब से वे उन आदेशों का पालन कर रहे हैं। अगर कोई वाहन चालक बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के अपना वाहन लेकर आता है तो प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने से पहले उसके वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया जाता है। उसके बाद ही वे उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र ही बनाते हैं।
विज्ञापन
प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर होता है 10 हजार रुपये का चालान
- जिले में 5 लाख से ज्यादा छोटे व बड़े वाहन रजिस्टर्ड हैं। अगर किसी चालक के पास अपने वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है तो यातायात पुलिस 10 हजार रुपये तक का चालान काट सकती है। वहीं यातायात पुलिस के द्वारा इन दिनों जारी हुए आदेशों के बीच वाहन चालकों को प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर चालकों को जागरूक भी किया गया है।
जिले के सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों को लिखित में आदेश जारी कर दिए गए हैं। समय-समय पर टीमों के द्वारा प्रदूषण जांच केंद्रों की जांच की जाती है। अगर कोई प्रदूषण जांच केंद्र का संचालक बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करता है तो उसके खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।
- संजय बिश्नोई, आरटीए सचिव, फतेहाबाद।
विज्ञापन
शहर में बने करीब 15 प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों द्वारा इन आदेशों को सख्ती से निभाया जा रहा है। प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों ने बताया यह आदेश उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देखे थे। शहर में कहीं भी अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम न होने पर प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
अगर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं तो पहले करते हैं उसका आवेदन
- शहर में बने प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालक रोहित, बनवारी, सिकंदर, पवन आदि ने बताया कि जब से सरकार ने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और होलोग्राम के बिना चल रहे वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने के लिए मना किया तब से वे उन आदेशों का पालन कर रहे हैं। अगर कोई वाहन चालक बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के अपना वाहन लेकर आता है तो प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने से पहले उसके वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया जाता है। उसके बाद ही वे उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र ही बनाते हैं।
विज्ञापन
प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर होता है 10 हजार रुपये का चालान
- जिले में 5 लाख से ज्यादा छोटे व बड़े वाहन रजिस्टर्ड हैं। अगर किसी चालक के पास अपने वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है तो यातायात पुलिस 10 हजार रुपये तक का चालान काट सकती है। वहीं यातायात पुलिस के द्वारा इन दिनों जारी हुए आदेशों के बीच वाहन चालकों को प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर चालकों को जागरूक भी किया गया है।
जिले के सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों को लिखित में आदेश जारी कर दिए गए हैं। समय-समय पर टीमों के द्वारा प्रदूषण जांच केंद्रों की जांच की जाती है। अगर कोई प्रदूषण जांच केंद्र का संचालक बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करता है तो उसके खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।
- संजय बिश्नोई, आरटीए सचिव, फतेहाबाद।