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Fatehabad News: 40 से अधिक गांवों के लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर शुरू किया धरना

Sun, 03 Sep 2023 06:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 03 Sep 2023 06:58 PM IST
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People from more than 40 villages started protest outside the Mini Secretariat
फतेहाबाद। हरपाल सिंह बिश्नोई की पुलिस कस्टडी में रोहतक पीजीआई में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक का परिवार और 40 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने रविवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरने में गांव नाढोड़ी, बोस्ती, धांगड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़, अयाल्की, भूना, आदमपुर, सदलपुर, चौधरीवास, काजला, भोडिय़ा बिश्रोईयान,भाणा, शेखुपुर, खैरमपुर आदि के ग्रामीण शामिल हैं। हालांकि मृतक की पत्नी बीमार होने के चलते धरने पर नहीं पहुंची। पत्नी ने खाना भी छोड़ रखा है।
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सुबह शुरू हुए धरने में मृतक गांव नाढोड़ी हाल फतेहाबाद के हुडा सेक्टर तीन निवासी हरपाल के पिता आत्माराम, भाई कुलदीप और धरने में मौजूद लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। धरने में मौजूद लोगों का कहना है कि हरपाल बिश्नोई की मौत के जिम्मेदार आरोपी पुलिसकर्मी हैं। हरपाल सिंह को इतना टॉर्चर किया गया कि वह कोमा में चला गया और उसकी मौत हो गई। जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होता है तब तक धरना जारी रहेगा और वह रोहतक पीजीआई से शव भी नहीं लेकर आएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। बिश्नोई समाज के लोगों ने कहा कि हिसार में जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्यक्रम है, अगर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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इंस्पेक्टर पवन पर लगाए गंभीर आरोप
धरने का नेतृत्व कर रहे सतबीर सहारण ने आरोप लगाते हुए कहा कि हरपाल सिंह बिश्नोई नाढोड़ी गांव का निवासी है और फतेहाबाद के हुडा सेक्टर तीन में रह रहा था। एक जुलाई को पुलिस की नारकोटिक्स सेल टीम ने झूठे आरोप लगाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था। दो जुलाई की सुबह परिवार के पास नारकोटिक्स सेल के एएसआई हेमराज का फोन आया और कहा कि हरपाल सिंह को पुलिस ने पकड़ लिया है और रोहतक अर्बन स्टेट थाने में है। परिवार को रोहतक में मिलने नहीं दिया गया। कोर्ट के गेट पर हरपाल सिंह ने अपनी पत्नी को कहा था कि ये लोग पीट रहे हैं और उसे मार देंगे। 15-20 लाख रुपये का इंतजाम कर लो नहीं तो मुझे पीटकर व पानी में डुबोकर मार देंगे। इसके बाद वैसा ही हुआ पैसों के लिए पुलिस कर्मियों ने हरपाल सिंह को इतना मारा गया कि उसका ब्रेन हेमरेज हो गया और वह कोमा में चला गया। उसकी 31 अगस्त को मौत हो गई। सतबीर सहारण ने एसटीएफ नारकोटिक्स सेल हिसार के इंचार्ज इंस्पेक्टर पवन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसके खिलाफ प्रताड़ना के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। एक मामले में युवक को इतना पीटा गया कि उसकी अंगुलियां ही तोड़ दी गईं। कोर्ट ने आरोपी इंस्पेक्टर पवन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे लेकिन नहीं हुई।
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किसान भी धरने के समर्थन में आए
हरपाल की मौत मामले में किसान भी समर्थन में आए गए हैं। किसानों ने भी लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। धरने में संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान सभा, खेती बचाओ संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी आदि संगठन शामिल हुए। -------

प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता था हरपाल
हरपाल सिंह बिश्नोई गाड़ी की खरीद- बेच के साथ प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता था। बताया जा रहा है कि उसने कई विभागों में अनुबंध पर गाड़ी भी लगा रखी थी। हरपाल सिंह अपनी पत्नी सुमन और बेटे आदित्य के साथ हुडा सेक्टर तीन में रह रहा था।
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धरने पर लगाया बैनर: मेरे पापा के हत्यारों को गिरफ्तार करो
लघु सचिवालय के बाहर लगाए धरने में मेरे पापा के हत्यारों को गिरफ्तार करो के बैनर लगाए गए हैं। वहीं सीआईडी भी धरने को लेकर पल-पल की रिपोर्ट ले रही है।
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