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Fatehabad News: नशा मुक्ति केंद्र में शुरू होगा ओएसटी सेंटर, सिरसा में होगी ट्रेनिंग
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फतेहाबाद। नशा मुक्ति केंद्र में आखिरकार ओएसटी सेंटर शुरू होने जा रहा है। पांच साल से ये प्रोजेक्ट अटका हुआ था जो कि अब सिरे चढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने ओएसटी सेंटर के लिए मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। विभाग ने ओएसटी सेंटर के लिए विभाग से दवाइयों को लेकर अनुमति मांगी है। मरीजों को काउंसिलिंग और दवा के जरिये ही नशा छुड़वाया जाएगा।
ये ही नहीं ओएसटी सेंटर के काउंसलर और डाटा मैनेजर को सिरसा के ओएसटी सेंटर में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रोग्राम से यहां पर एएनएम की भर्ती की जाएगी। नशा मुक्ति केंद्र वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, तब से ओएसटी सेंटर का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। इन पांच सालों में नशा मुक्ति केंद्र में डेढ़ हजार से ज्यादा मरीज दाखिल हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों ओएसटी सेंटर के लिए काउंसलर और डाटा मैनेजर की भर्ती किए थे। चयनित कर्मचारी ज्वाइन भी कर चुके हैं। संवाद
अपनी निगरानी में मरीजों को दवा देंगे कर्मचारी
ओएसटी सेंटर में नशा छोडऩे वाले मरीजों की जांच के साथ-साथ काउंसिलिंग होगी। नशे की लत को खत्म करने के लिए मरीजों को जीभ के नीचे रखने की बुपरेनॉर्फिन नाम की दवा दी जाएगी। दवा से मरीज को नशे की लत नहीं होगी। धीरे-धीरे मरीज की दवा डोज कम करके उसे नशे की लत को खत्म किया जाएगा। ये दवा कर्मचारी अपनी निगरानी में देंगे
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मनोचिकित्सक के पास पिछले तीन सालों में नशा छोड़ने के लिए ये पहुंचे मरीज
वर्ष ओपीडी में आए दाखिल हुए
2020-21 3279 18
2021-22 1473 193
2022-23 2635 379
ये गांव पुलिस विभाग ने लिए थे गोद
- अयाल्की
- हिजरावां कलां
- भरपूर
- रत्ताखेड़ा
- लाली
- नकटा
- पिलछियां
- रत्तनगढ़
- ब्राहम्णवाला
- महमड़ा
- खुनन
- हिजरावां खुर्द
- अहलीसदर
- किरढ़ान
- दरियापुर
- फूलां
वर्ष 2018 में ओएसटी सेंटर रतिया में खोलने का बनाया गया था प्रस्ताव
नशा लेने वाले मरीजों के लिए वर्ष 2018 में ओएसटी सेंटर खोला जाना था। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने रतिया में ओएसटी सेंटर खोलने की मंजूरी दी थी। सेंटर चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद ने इस दौरान डॉक्टर, नर्स, काउंसलर व डाटा मैनेजर के पदों पर भर्ती भी कर ली। जब दोबारा मंजूरी के लिए मुख्यालय में भेजा गया तो एसीएस ने मंजूरी नहीं दी। सिविल सर्जन कार्यालय ने 25 फरवरी 2020 को भर्ती रद्द कर दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने रतिया की जगह फतेहाबाद जिला नागरिक अस्पताल में ओएसटी सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी थी लेकिन इसके बाद भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण ये प्रोजेक्ट अटका रहा था।
175 मरीज छोड़ चुके है नशा :
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्र में करीब 1249 मरीज दाखिल हो चुके है। फॉलोअप रिपोर्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीजों में से 175 मरीज नशा छोड़ चुके है। 257 मरीज दवाई ले रहे है। 17 मरीज ऐसे है जो नशा और दवा दोनों ले रहे है। 250 मरीज ऐसे है जो कि नशा ले रहे है। इसके अलावा 38 मरीजों की मौत हो चुकी है।
कोट
नशा मुक्ति केंद्र में ओएसटी सेंटर शुरू किया जा रहा है। मरीजों को काउंसिलिंग और दवा के जरिए नशा छुड़वाया जाएगा और मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र में डेढ़ हजार से ज्यादा मरीज दाखिल होकर उपचार ले चुके हैं।
-डॉ. गिरीश, नोडल अधिकारी ओएसटी सेंटर एवं नशा मुक्ति केंद्र
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ये ही नहीं ओएसटी सेंटर के काउंसलर और डाटा मैनेजर को सिरसा के ओएसटी सेंटर में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रोग्राम से यहां पर एएनएम की भर्ती की जाएगी। नशा मुक्ति केंद्र वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, तब से ओएसटी सेंटर का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। इन पांच सालों में नशा मुक्ति केंद्र में डेढ़ हजार से ज्यादा मरीज दाखिल हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों ओएसटी सेंटर के लिए काउंसलर और डाटा मैनेजर की भर्ती किए थे। चयनित कर्मचारी ज्वाइन भी कर चुके हैं। संवाद
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अपनी निगरानी में मरीजों को दवा देंगे कर्मचारी
ओएसटी सेंटर में नशा छोडऩे वाले मरीजों की जांच के साथ-साथ काउंसिलिंग होगी। नशे की लत को खत्म करने के लिए मरीजों को जीभ के नीचे रखने की बुपरेनॉर्फिन नाम की दवा दी जाएगी। दवा से मरीज को नशे की लत नहीं होगी। धीरे-धीरे मरीज की दवा डोज कम करके उसे नशे की लत को खत्म किया जाएगा। ये दवा कर्मचारी अपनी निगरानी में देंगे
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मनोचिकित्सक के पास पिछले तीन सालों में नशा छोड़ने के लिए ये पहुंचे मरीज
वर्ष ओपीडी में आए दाखिल हुए
2020-21 3279 18
2021-22 1473 193
2022-23 2635 379
ये गांव पुलिस विभाग ने लिए थे गोद
- अयाल्की
- हिजरावां कलां
- भरपूर
- रत्ताखेड़ा
- लाली
- नकटा
- पिलछियां
- रत्तनगढ़
- ब्राहम्णवाला
- महमड़ा
- खुनन
- हिजरावां खुर्द
- अहलीसदर
- किरढ़ान
- दरियापुर
- फूलां
वर्ष 2018 में ओएसटी सेंटर रतिया में खोलने का बनाया गया था प्रस्ताव
नशा लेने वाले मरीजों के लिए वर्ष 2018 में ओएसटी सेंटर खोला जाना था। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने रतिया में ओएसटी सेंटर खोलने की मंजूरी दी थी। सेंटर चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद ने इस दौरान डॉक्टर, नर्स, काउंसलर व डाटा मैनेजर के पदों पर भर्ती भी कर ली। जब दोबारा मंजूरी के लिए मुख्यालय में भेजा गया तो एसीएस ने मंजूरी नहीं दी। सिविल सर्जन कार्यालय ने 25 फरवरी 2020 को भर्ती रद्द कर दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने रतिया की जगह फतेहाबाद जिला नागरिक अस्पताल में ओएसटी सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी थी लेकिन इसके बाद भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण ये प्रोजेक्ट अटका रहा था।
175 मरीज छोड़ चुके है नशा :
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्र में करीब 1249 मरीज दाखिल हो चुके है। फॉलोअप रिपोर्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीजों में से 175 मरीज नशा छोड़ चुके है। 257 मरीज दवाई ले रहे है। 17 मरीज ऐसे है जो नशा और दवा दोनों ले रहे है। 250 मरीज ऐसे है जो कि नशा ले रहे है। इसके अलावा 38 मरीजों की मौत हो चुकी है।
कोट
नशा मुक्ति केंद्र में ओएसटी सेंटर शुरू किया जा रहा है। मरीजों को काउंसिलिंग और दवा के जरिए नशा छुड़वाया जाएगा और मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र में डेढ़ हजार से ज्यादा मरीज दाखिल होकर उपचार ले चुके हैं।
-डॉ. गिरीश, नोडल अधिकारी ओएसटी सेंटर एवं नशा मुक्ति केंद्र