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Fatehabad News: चालान का डर नहीं, हेलमेट पहनने से परहेज कर रहे इलेक्ट्रिक स्कूटी चालक
Sat, 17 Jan 2026 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:36 PM IST
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शहर के बिघड़ चौक पर बिना हेलमेट इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता चालक। संवाद
फतेहाबाद। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के बावजूद शहर में इनके चालकों की सुरक्षा नियमों की अनदेखी चिंता का विषय बन गई है। अनुमान के मुताबिक शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 10 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटियां सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन ज्यादातर चालकों ने हेलमेट पहनने की अनदेखी की है।
विशेष रूप से लो-स्पीड मॉडल वाली स्कूटियों में चालान और रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता न होने के कारण लोग सुरक्षा नियमों की परवाह किए बिना जोखिम उठा रहे हैं। पेट्रोल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटी चालकों पर सख्ती न होने से यह स्थिति बनी है।
मुख्य बाजार जैसे जवाहर चौक, बस स्टैंड रोड और जीटी रोड पर ई-स्कूटियों की भीड़ देखी जा सकती है। स्कूली छात्र-छात्राओं से लेकर बुजुर्ग तक हर आयु वर्ग के लोग इन स्कूटियों का उपयोग कर रहे हैं। खास चिंता यह है कि कम उम्र के किशोर भी बिना हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरणों के भारी ट्रैफिक के बीच स्कूटी चला रहे हैं।
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गलतफहमी पड़ सकती है भारी हल्की है तो खतरा नहीं
स्कूटी चालकों के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटी हल्की होती है और इसकी रफ्तार कम है, इसलिए चोट लगने का खतरा कम है। पर यह सोच गलत है। सिर की चोट के लिए 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भी जानलेवा हो सकती है। सड़क पर चल रहे अन्य भारी वाहन की टक्कर की स्थिति में हेलमेट ही एकमात्र कवच होता है, जिसे लोग बोझ समझ रहे हैं।
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समय-समय पर इलेक्ट्रिक स्कूटी वाहन चालकों को यातायात पुलिस की ओर से स्कूलों से लेकर चौक चौराहों पर जागरूक किया जाता है। अगर छोटे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के बीच जागरूकता का अभाव है तो विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद।
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विशेष रूप से लो-स्पीड मॉडल वाली स्कूटियों में चालान और रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता न होने के कारण लोग सुरक्षा नियमों की परवाह किए बिना जोखिम उठा रहे हैं। पेट्रोल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटी चालकों पर सख्ती न होने से यह स्थिति बनी है।
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मुख्य बाजार जैसे जवाहर चौक, बस स्टैंड रोड और जीटी रोड पर ई-स्कूटियों की भीड़ देखी जा सकती है। स्कूली छात्र-छात्राओं से लेकर बुजुर्ग तक हर आयु वर्ग के लोग इन स्कूटियों का उपयोग कर रहे हैं। खास चिंता यह है कि कम उम्र के किशोर भी बिना हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरणों के भारी ट्रैफिक के बीच स्कूटी चला रहे हैं।
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गलतफहमी पड़ सकती है भारी हल्की है तो खतरा नहीं
स्कूटी चालकों के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटी हल्की होती है और इसकी रफ्तार कम है, इसलिए चोट लगने का खतरा कम है। पर यह सोच गलत है। सिर की चोट के लिए 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भी जानलेवा हो सकती है। सड़क पर चल रहे अन्य भारी वाहन की टक्कर की स्थिति में हेलमेट ही एकमात्र कवच होता है, जिसे लोग बोझ समझ रहे हैं।
समय-समय पर इलेक्ट्रिक स्कूटी वाहन चालकों को यातायात पुलिस की ओर से स्कूलों से लेकर चौक चौराहों पर जागरूक किया जाता है। अगर छोटे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के बीच जागरूकता का अभाव है तो विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद।