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Fatehabad News: बंदर हो रहे उत्पाती, सड़कों पर बेसहारा पशु, छह माह में ही ठेका हुआ खत्म

Thu, 23 Jan 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 23 Jan 2025 11:18 PM IST
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Monkeys are creating nuisance in the city, the city council kept a budget of only five lakhs, the contract ended in just 6 months
फतेहाबाद के भट@टू रोड पर सड़क किनारे खड़े बेसहारा पशुसंवाद
फतेहाबाद। शहर में बंदरों का उत्पात थम नहीं रहा है। शहर की कॉलोनियों में घरों में घुसकर बंदर सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोग नगर परिषद को बंदरों को पकड़ने के लिए फोन कर रहे लेकिन उनको जवाब मिल रहा है कि परमिशन खत्म हो गई है।
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दूसरी तरफ हकीकत ये है कि नगर परिषद ने करीब 6 माह पहले ही एजेंसी को 2200 रुपये प्रति बंदर पकड़ने का ठेका दिया गया, लेकिन एस्टीमेट में रखा गया बजट समय से पहले ही पूरा हो गया और ठेके पर ब्रेक लग गई। नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि एजेंसी 227 बंदर पकड़ चुकी है और ठेका भी आगे बढ़ाने की अनुमति मिल चुकी है।
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इधर स्थिति ये है कि शहर के उद्यम सिंह कॉलोनी, श्याम विहार, जगजीवनपुरा मोहल्ला, नहर कॉलोनी, लाजपत नगर, अनाज मंडी क्षेत्र में बंदरों का झुंड घूम रहा है। श्याम विहार निवासी प्रेमचंद, कालीचरण, रामेश्वर का कहना है कि उनकी कॉलोनी में बंदरों का झुंड घूम रहा है। इनसे बच्चों और बुजुर्गों पर हमले का डर रहता है। इन बंदरों के चलते बच्चे खेलने के लिए घर से बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं। नगर परिषद अधिकारियों को फोन किया जाता है तो जवाब मिल रहा है कि अनुमति खत्म हो गई है।
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- दो महिलाओं की टूट चुकी है टांग

बंदरों के कारण शहर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। पिछले साल बंदरों द्वारा हमला करने से दो महिलाओं की टांग भी टूट गई थी। इस दौरान घायल महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर 24 घंटे तक नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया गया था। इसके बाद जागे प्रशासन ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी।

- सड़कों पर घूम रहे हैं बेसहारा पशु

नगर परिषद ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए भी रेवाड़ी की निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। ये ठेका 920 रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया गया है। नगर परिषद का दावा है कि एक हजार पशु पकड़े जा चुके हैं। लेकिन हकीकत ये है कि शहर की मुख्य सड़कों पर ही बेसहारा पशुओं का झुंड घूम रहा है। बताया जा रहा है कि पशुओं को पकड़ने के बाद एजेंसी को छोड़ने के लिए जगह न मिलने के कारण अभियान बीच में अटका हुआ है। गोशाला संचालक इन पशुओं को रखने को तैयार नहीं है।


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शहर में बंदरों और बेसहारा पशुओं का जमावड़ा है। ठेके दिए जाने के बाद स्थिति जस की तस है। नगर परिषद को गंभीरता से काम लेना चाहिए।

- हरदीप सिंह, अध्यक्ष, जिंदगी संस्था

- बेसहारा पशुओं को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। पार्षद होने के नाते उनके पास रोजाना लोग आकर शिकायत करते हैं। अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बात करके इस समस्या का समाधान जल्द करवाना चाहिए।

- मोहन लाल नारंग, पार्षद वार्ड 12

-बंदरों के उत्पात को लेकर कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं। इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाएगी और जल्द ही इन्हें पकड़ने के लिए व्यवस्था की जाएगी।

- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद
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