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बच्चे-बूढे़ और जवान, नशे के खिलाफ संकल्प भरी दौड़
अमर उजाला/ ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 07 Aug 2016 12:22 AM IST
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मैराथन रन में हिस्सा लेते आईजी ओपी सिंह एवं एसपी ओपी नरवाल।
- फोटो : FATEHABAD
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शनिवार को टोहाना वासियों ने नशे के खिलाफ हल्ला बोला। सबके चेहरे पर मुस्कान, होठों पर देशभक्ति गीत और पांवों में नृत्य की थिरकन थी। मौका रहा नशे और हिंसा के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस द्वारा आयोजित मैराथन रन का। पांच किलोमीटर लंबी इस मैराथन में भले ही अधिकतर लोग हांफते नजर आए लेकिन मंच पर जब आईजी ओपी सिंह ने माइक थामा तो लोगों की थकान गायब हो गई। लोग उत्साह और जज्बे के साथ नाचते-गाते दिखाई दिए। टोहाना शहर के लोगों ने आईजी को पलक-पावड़ों पर बिठा लिया। क्या बच्चे, क्या बूढे़ और क्या जवान, सभी मेें आईजी के साथ सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। आईजी ने भी किसी को निराश नहीं किया। कार्यक्रम के अंत में सड़क पर जादू दिखाने वाले जादूगर की बेटी मिलने आई तो आईजी ने उसे गोद में उठाकर दुलार भी किया।
हजारों की भीड़, लेकिन अधिकतर स्कूली बच्चे
टोहाना मैराथन रन की घोषणा महज दो दिन पहले की गई थी। इसके बावजूद हिसार रोड स्थित टाउन पार्क में काफी संख्या में लोग जुटे। हालांकि, बड़ी संख्या स्कूली बच्चों की थी। मंच के सामने खड़े स्कूली बच्चों से उन्होंने जमकर संवाद स्थापित किया। उनके बीच शोर मचाने की प्रतिस्पर्धा करवाई, जीतने पर उनकी पसंद के गाने बजवाए। उन गानों पर खुद भी थिरके, जिले के पुलिस कप्तान ओपी नरवाल को भी थिरकने पर मजबूर कर दिया। उनके साथ ही नाचे टाउन पार्क में जुटे सभी स्कूलों के बच्चे, विभिन्न समाजसेवी संगठनों के सदस्य और आम शहरी। कार्यक्रम के बाद प्रत्येक स्कूल के बच्चों के ग्रुप से मिले, उनके साथ फोटो खिंचवाई और आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
आईजी, एसपी और एएसपी ने पूरी की मैराथन, अधिकतर लोग हांफे
नशे और हिंसा के खिलाफ पुलिस विभाग की इस मैराथन रन में पांच किलोमीटर का सफर तय करना था। रूट तय था, टाउन पार्क से निकलकर शहर के सभी मुख्य मार्गों से होते हुए वापस टाउन पार्क तक आना था। आईजी सिंह, एसपी नरवाल और एएसपी गंगाराम पूनियां के नेतृत्व में हजारों लोग टाउन पार्क से उत्साह में दौड़ते हुए निकले। लेकिन, आधा किलोमीटर पहुंचते ही अधिकतर लोगों की सांसें फूलनी लगी। कई लोगों ने बाकायदा पुलिस अधिकारियों की ताल से ताल मिलाई और मैराथन को पूरा भी किया। पुलिस अधिकारियों में से मुख्य तौर पर आईजी ओपी सिंह, एसपी ओपी नरवाल और एएसपी गंगाराम पूनियां ने ही हिस्सा लिया और तीनों अधिकारियों ने अपनी मैराथन दौड़ पूरी की। हालांकि, टाउन पार्क वापस पहुंचते समय जरूर एसपी नरवाल आईजी और एएसपी से पिछड़ गए।
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बच्चों ने दिखाया जोश, बड़े पिछड़े
पुलिस विभाग द्वारा आयोजित मैराथन रन में मैदान में मौजूद स्कूली बच्चों ने जहां उत्साह दिखाया, वहीं बड़े लोग इस मामले में कहीं दूर पिछड़ गए। खुद आईजी सिंह भी उस वक्त हैरत में पड़ गए जब बार-बार नाचने के लिए कहने पर भी लोगों ने नाचने में कुछ ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। हालांकि स्कूली बच्चे ना केवल थिरके, बल्कि उन्होंने तो एसपी नरवाल और आईजी सिंह को भी साथ नाचने पर मजबूर कर दिया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का भी दिया संदेश, महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ
टोहाना में आयोजित मैराथन दौड़ में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा भी हिस्सा लिया गया। इस दौरान जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी वर्करों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश वाले बैनर लिए हुए थे। कार्यक्रम के बाद आईजी ओपी सिंह ने सिटी थाने में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया।
आईजी ने कहा, नशे और हिंसा के खिलाफ ये नया युद्ध
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह से जब पूछा गया कि पुलिस नशे और क्राइम पर रोक लगाने के लिए अब परंपरागत तरीकों को छोड़ रही है तो उनका साफ कहना था कि कार्यवाही अपनी जगह है और लोगों को क्राइम से दूर रखने के लिए प्रेरित करना अलग जगह है। पहले एक काम ज्यादा होता था, अब दोनों काम साथ होंगे। उन्होंने उदाहरण दिया कि रेंज में पिछले एक माह में लगभग 200 नशा तस्कर पकड़े गए, काफी मात्रा में उनसे नशीले पदार्थ भी बरामद हुए। हालांकि, उन्होंने यह माना कि रेंज की पुलिस अभी तक छोटी मछलियों तक ही पहुंची है। लेकिन उन्होंने साथ ये भी जोड़ा कि जांच का मतलब कड़ी से कड़ी जोड़ना होता है। छोटी मछलियां हमने पकड़ ली हैं, उनसे नशे की मांग आम आदमी ना करे, इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। ऐसे में बड़ी मछलियों को बाहर आना ही पड़ेगा। इस मौके पर टोहाना शहर के नप अध्यक्ष कुलदीप सिंह, सभी पार्षद, सभी समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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हजारों की भीड़, लेकिन अधिकतर स्कूली बच्चे
टोहाना मैराथन रन की घोषणा महज दो दिन पहले की गई थी। इसके बावजूद हिसार रोड स्थित टाउन पार्क में काफी संख्या में लोग जुटे। हालांकि, बड़ी संख्या स्कूली बच्चों की थी। मंच के सामने खड़े स्कूली बच्चों से उन्होंने जमकर संवाद स्थापित किया। उनके बीच शोर मचाने की प्रतिस्पर्धा करवाई, जीतने पर उनकी पसंद के गाने बजवाए। उन गानों पर खुद भी थिरके, जिले के पुलिस कप्तान ओपी नरवाल को भी थिरकने पर मजबूर कर दिया। उनके साथ ही नाचे टाउन पार्क में जुटे सभी स्कूलों के बच्चे, विभिन्न समाजसेवी संगठनों के सदस्य और आम शहरी। कार्यक्रम के बाद प्रत्येक स्कूल के बच्चों के ग्रुप से मिले, उनके साथ फोटो खिंचवाई और आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
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आईजी, एसपी और एएसपी ने पूरी की मैराथन, अधिकतर लोग हांफे
नशे और हिंसा के खिलाफ पुलिस विभाग की इस मैराथन रन में पांच किलोमीटर का सफर तय करना था। रूट तय था, टाउन पार्क से निकलकर शहर के सभी मुख्य मार्गों से होते हुए वापस टाउन पार्क तक आना था। आईजी सिंह, एसपी नरवाल और एएसपी गंगाराम पूनियां के नेतृत्व में हजारों लोग टाउन पार्क से उत्साह में दौड़ते हुए निकले। लेकिन, आधा किलोमीटर पहुंचते ही अधिकतर लोगों की सांसें फूलनी लगी। कई लोगों ने बाकायदा पुलिस अधिकारियों की ताल से ताल मिलाई और मैराथन को पूरा भी किया। पुलिस अधिकारियों में से मुख्य तौर पर आईजी ओपी सिंह, एसपी ओपी नरवाल और एएसपी गंगाराम पूनियां ने ही हिस्सा लिया और तीनों अधिकारियों ने अपनी मैराथन दौड़ पूरी की। हालांकि, टाउन पार्क वापस पहुंचते समय जरूर एसपी नरवाल आईजी और एएसपी से पिछड़ गए।
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बच्चों ने दिखाया जोश, बड़े पिछड़े
पुलिस विभाग द्वारा आयोजित मैराथन रन में मैदान में मौजूद स्कूली बच्चों ने जहां उत्साह दिखाया, वहीं बड़े लोग इस मामले में कहीं दूर पिछड़ गए। खुद आईजी सिंह भी उस वक्त हैरत में पड़ गए जब बार-बार नाचने के लिए कहने पर भी लोगों ने नाचने में कुछ ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। हालांकि स्कूली बच्चे ना केवल थिरके, बल्कि उन्होंने तो एसपी नरवाल और आईजी सिंह को भी साथ नाचने पर मजबूर कर दिया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का भी दिया संदेश, महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ
टोहाना में आयोजित मैराथन दौड़ में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा भी हिस्सा लिया गया। इस दौरान जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी वर्करों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश वाले बैनर लिए हुए थे। कार्यक्रम के बाद आईजी ओपी सिंह ने सिटी थाने में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया।
आईजी ने कहा, नशे और हिंसा के खिलाफ ये नया युद्ध
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह से जब पूछा गया कि पुलिस नशे और क्राइम पर रोक लगाने के लिए अब परंपरागत तरीकों को छोड़ रही है तो उनका साफ कहना था कि कार्यवाही अपनी जगह है और लोगों को क्राइम से दूर रखने के लिए प्रेरित करना अलग जगह है। पहले एक काम ज्यादा होता था, अब दोनों काम साथ होंगे। उन्होंने उदाहरण दिया कि रेंज में पिछले एक माह में लगभग 200 नशा तस्कर पकड़े गए, काफी मात्रा में उनसे नशीले पदार्थ भी बरामद हुए। हालांकि, उन्होंने यह माना कि रेंज की पुलिस अभी तक छोटी मछलियों तक ही पहुंची है। लेकिन उन्होंने साथ ये भी जोड़ा कि जांच का मतलब कड़ी से कड़ी जोड़ना होता है। छोटी मछलियां हमने पकड़ ली हैं, उनसे नशे की मांग आम आदमी ना करे, इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। ऐसे में बड़ी मछलियों को बाहर आना ही पड़ेगा। इस मौके पर टोहाना शहर के नप अध्यक्ष कुलदीप सिंह, सभी पार्षद, सभी समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।