फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Liberating the district from the stigma of corona

जिले को कोरोना के कलंक से मुक्ति

Tue, 14 Apr 2020 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2020 11:03 PM IST
विज्ञापन
Liberating the district from the stigma of corona
जिले को कोरोना के कलंक से मुक्ति,
विज्ञापन

अग्रोहा मेडिकल से लौटा पहला कोरोना पॉजिटिव पाया युवक, स्वास्थ्य विभाग ने घोषित किया निगेटिव
-डिप्टी सिविल सर्जन ने माना, पॉजिटिव घोषित करना थी गलती, दो बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद अब स्थिति स्पष्ट
-युवक बोला, मैं एक बार बाहर निकला तो इतनी मुश्किलें आई, खौफ से भरे थे सभी पल, सब लोग अंदर रहें
फिलहाल अपने परिवार सहित अग्रवाल धर्मशाला में किया है क्वारंटीन, अगले एक सप्ताह रहेगा यहीं
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। आखिरकार फतेहाबाद जिले को कोरोना के कलंक से मुक्ति मिल गई। जिले के एकमात्र पॉजिटिव पाए मरीज को स्वास्थ्य विभाग ने निगेटिव घोषित कर दिया है और इतना ही नहीं, जांडवाला बागड़ गांव के इस युवक को डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान खुद अग्रोहा मेडिकल लेने गए और विशेष कोविड-19 की एंबुलेंस में फतेहाबाद लेकर आए। फिलहाल युवक को बस स्टैंड के नजदीक अग्रवाल धर्मशाला में बनाए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इस सेंटर में युवक का परिवार क्वारंटीन है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो युवक व उसके परिवार को आगामी एक सप्ताह यहीं रहना होगा। इसके बाद उन्हें अपने घर जाने की अनुमति मिलेगी।
डिप्टी सीएमओ ने माना, स्क्रीनिंग आधार पर पॉजिटिव घोषित करना था गलत, दो रिपोर्ट्स ने साफ की स्थिति
मामले की शुरू से जांच कर रहे डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने अग्रवाल धर्मशाला में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में माना कि महज स्क्रीनिंग के आधार पर युवक को पहले कोरोना पॉजिटिव करार दे दिया था जो गलत था। बाद में दूसरी रिपोर्ट और सोमवार देर रात आई तीसरी रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि युवक कोरोना निगेटिव है और पूरी तरह स्वस्थ है।
विज्ञापन

परिवार सहित किया है क्वारंटीन, सात दिन तक रहना होगा अग्रवाल धर्मशाला
अब जांडवाला बागड़ के ग्रामीण युवक को फिलहाल उसके गांव नहीं भेजा जा रहा। उसे अग्रवाल धर्मशाला में बनाए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है जहां पर उसका परिवार भी पिछले सात दिन से रुका हुआ था। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और इसी के चलते युवक व उसके परिवार को सात दिन के लिए अग्रवाल धर्मशाला में ही रहना होगा। सात दिन के बाद सामान्य मेडिकल के बाद उन्हें गांव स्थित अपने घर जाने की अनुमति मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

युवक बोला, खौफ में गुजारे पल, डाक्टरों ने बढ़ाया हौसला, घर पर रहें सभी
इस दौरान ‘अमर उजाला’ से बातचीत में युवक ने इस सारे एपिसोड को खौफनाक अनुभव बताया। उसने कहा कि अग्रोहा मेडिकल में गुजारा एक-एक पल खौफनाक लग रहा था लेकिन वहां के डॉक्टर्स और स्टाफ लगातार हौसला बढ़ाते रहे। कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों को संदेश देते हुए युवक ने कहा कि उन्हें अपनी विल पावर को मजबूत करना होगा और चिकित्सकों के निर्देशानुसार सारे कदम उठाने होंगे। और सामान्य लोगों को दिए अपने संदेश में कहा कि मैं एक दिन के लिए बाहर निकला और इतनी मुश्किलें आ गई। सभी लोग घर के अंदर रहें और सुरक्षित रहें।
14एफटीबीपी08 : अग्रोहा मेडिकल में डिस्चार्ज के दौरान चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ युवक को विदा करते हुए ।
14एफटीबीपी09 : फतेहाबाद की अग्रवाल धर्मशाला में युवक को लेकर जाते डिप्टी सिविल सर्जन डा. हनुमान ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed