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Fatehabad News: गोरखपुर माइनर में लीकेज से खेतों में भरा पानी, किसानों ने दो घंटे में पाटा
Thu, 28 May 2026 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 28 May 2026 10:37 PM IST
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भूना। खेतों में फैला हुआ पानी। संवाद
भूना। फतेहाबाद ब्रांच नहर से निकलने वाले गोरखपुर माइनर भूना के कैरी रोड पर लीक हो गई। वीरवार सुबह करीब 5 बजे से लगातार पानी बहता रहा जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया। किसानों के अनुसार कई एकड़ में खड़ी मूंग, सब्जियों और पनीरी खराब हो गई। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी दी लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार उन्होंने अपने स्तर पर ही 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पानी को बंद किया।
किसान मोनू रेवड़ी, गर्व सिंह, जीत सिंह, रामफल, चांदीराम, कश्मीर सिंह आदि ने बताया कि पिछले तीन दिनों से फतेहाबाद ब्रांच से रजवाहे में पानी छोड़ा जा रहा था। इस दौरान माइनर लीक होकर धीरे-धीरे पानी बाहर निकल रहा था। किसानों का आरोप है कि उन्होंने तीन दिन पहले ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी थी लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
किसानों के अनुसार वीरवार सुबह पानी का बहाव तेज हो गया और देखते ही देखते खेतों में भरने लगा। आसपास की ढाणियों में रहने वाले लोगों को भी जलभराव का अंदेशा होने लगा। इसके बाद किसानों ने अपने स्तर पर पानी रोकने के प्रयास शुरू किए और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी लगातार स्थिति की जानकारी देते रहे।
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किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब तीन घंटे तक विभाग की ओर से कोई जेसीबी मौके पर नहीं भेजी गई। अधिकारी केवल फोन पर आश्वासन देते रहे। किसानों ने बताया कि पानी भरने से मूंग और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा खेतों में लगे तीन बोर भी पानी में डूब गए जबकि करीब 10 एकड़ में तैयार की गई धान की पनीरी भी खराब हो गई।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग समय रहते लीकेज रोकने के प्रबंध नहीं करता और बाद में किसानों पर ही पानी तोड़ने के आरोप लगाए जाते हैं। किसानों ने कहा कि एक ओर भीषण गर्मी में लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा वहीं दूसरी ओर हजारों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो गया। हालांकि किसानों ने 2 घंटे की कड़ी में मेहनत के बाद पानी को बंद किया परंतु मौके पर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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किसान मोनू रेवड़ी, गर्व सिंह, जीत सिंह, रामफल, चांदीराम, कश्मीर सिंह आदि ने बताया कि पिछले तीन दिनों से फतेहाबाद ब्रांच से रजवाहे में पानी छोड़ा जा रहा था। इस दौरान माइनर लीक होकर धीरे-धीरे पानी बाहर निकल रहा था। किसानों का आरोप है कि उन्होंने तीन दिन पहले ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी थी लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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किसानों के अनुसार वीरवार सुबह पानी का बहाव तेज हो गया और देखते ही देखते खेतों में भरने लगा। आसपास की ढाणियों में रहने वाले लोगों को भी जलभराव का अंदेशा होने लगा। इसके बाद किसानों ने अपने स्तर पर पानी रोकने के प्रयास शुरू किए और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी लगातार स्थिति की जानकारी देते रहे।
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किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब तीन घंटे तक विभाग की ओर से कोई जेसीबी मौके पर नहीं भेजी गई। अधिकारी केवल फोन पर आश्वासन देते रहे। किसानों ने बताया कि पानी भरने से मूंग और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा खेतों में लगे तीन बोर भी पानी में डूब गए जबकि करीब 10 एकड़ में तैयार की गई धान की पनीरी भी खराब हो गई।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग समय रहते लीकेज रोकने के प्रबंध नहीं करता और बाद में किसानों पर ही पानी तोड़ने के आरोप लगाए जाते हैं। किसानों ने कहा कि एक ओर भीषण गर्मी में लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा वहीं दूसरी ओर हजारों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो गया। हालांकि किसानों ने 2 घंटे की कड़ी में मेहनत के बाद पानी को बंद किया परंतु मौके पर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

भूना। खेतों में फैला हुआ पानी। संवाद