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Fatehabad News: लेफ्टिनेंट बन कर पहुंचे कपिल जांगड़ा को किया सम्मानित
Sun, 08 Dec 2024 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 08 Dec 2024 11:22 PM IST
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भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर लेफ्टिनेट कपिल जांगड़ा का बुक्का देकर सम्मान करते ग्रामीण।
भट्टूकलां। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त करके कपिल जांगड़ा रविवार को अपने गांव बिराण जाने के लिए गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन से भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर उतरे। यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
इस दाैरान उनकी पत्नी अन्नू जांगड़ा भी साथ पहुंचीं। भादरा तहसील के गांव बिराण निवासी कपिल की शिक्षा और अन्य काम के लिए भट्टूकलां में ही लगाव रहा है। क्योंकि भट्टूकलां से भादरा तहसील के गांव बिराण की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है। भट्टूकलां में उनके परिजन भी रहते हैं। वह इन रिश्तेदारों के घर में ही ठहरे हैं।
लेफ्टिनेंट कपिल ने बताया कि उनकी इस कामयाबी के पीछे पिता दीवान जांगड़ा और चार बहनों का साथ रहा है। उनकी माता स्व. कमला देवी का साया उनकी कम उम्र में ही सिर से उठ गया था। इस दुख के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। उन्होंने बताया कि मेहनत के साथ लक्ष्य तय कर पूरी तैयारी की जाए तो आप उसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
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इस दाैरान मास्टर कुरड़ाराम, डॉ. सुरेंद्र बैनिवाल, मांगेराम, दिनेश, गंगाबिशन पूनियां, दुष्यंत लोयल, साहिल, राजबाला, कल्पना, कोमल आदि माैजूद रहे।
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इस दाैरान उनकी पत्नी अन्नू जांगड़ा भी साथ पहुंचीं। भादरा तहसील के गांव बिराण निवासी कपिल की शिक्षा और अन्य काम के लिए भट्टूकलां में ही लगाव रहा है। क्योंकि भट्टूकलां से भादरा तहसील के गांव बिराण की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है। भट्टूकलां में उनके परिजन भी रहते हैं। वह इन रिश्तेदारों के घर में ही ठहरे हैं।
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लेफ्टिनेंट कपिल ने बताया कि उनकी इस कामयाबी के पीछे पिता दीवान जांगड़ा और चार बहनों का साथ रहा है। उनकी माता स्व. कमला देवी का साया उनकी कम उम्र में ही सिर से उठ गया था। इस दुख के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। उन्होंने बताया कि मेहनत के साथ लक्ष्य तय कर पूरी तैयारी की जाए तो आप उसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
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इस दाैरान मास्टर कुरड़ाराम, डॉ. सुरेंद्र बैनिवाल, मांगेराम, दिनेश, गंगाबिशन पूनियां, दुष्यंत लोयल, साहिल, राजबाला, कल्पना, कोमल आदि माैजूद रहे।