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युक्ति ने एसडीएम से की कमला भुक्कर की गिरफ्तारी की मांग

Tue, 10 Sep 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2019 12:15 AM IST
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kamla's demand for arrest
जिला परिषद की चुनावी बैठक में कमला भुक्कर का विरोध करती पार्षद युक्ति गोदारा । - फोटो : Fatehabad
जिला परिषद चेयरमैन की चुनावी बैठक में सोमवार को उस समय ऊहोपाह की स्थिति बन गई जब जिला परिषद सदस्य युक्ति गोदारा ने अपनी साथी पार्षद एवं उपाध्यक्ष कमला भुक्कर को पार्षद घूसकांड मामले की पीओ बताते हुए सबके सामने एसडीएम से उन्हें तुरंत गिरफ्तार करवाने की मांग रख दी। युक्ति गोदारा द्वारा गिरफ्तारी की मांग रखते ही कमला भुक्कर तुरंत बैठक से बाहर निकली और सचिवालय के बाहर खड़ी अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गई। इसी मामले की वजह से कमला भुक्कर पिछले आठ माह से जिला परिषद की बैठकों में ही शामिल नहीं हो रही थी। उधर इस मामले में अब पुलिस कप्तान विजय प्रताप सिंह व युक्ति गोदारा भी आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ पुलिस कप्तान भुक्कर को भगोड़ा नहीं बता रहे, जबकि युक्ति का कहना है कि इस केस के आईओ राजेश गोदारा ने खुद उन्हें बताया है कि कमला भुक्कर पार्षद घूसकांड में पीओ घोषित हैं।
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युक्ति ने खुद अपने मोबाइल से खींचा कमला भुक्कर का फोटो
पार्षद युक्ति गोदारा जिला परिषद की चुनावी बैठक में सबसे आखिर में पहुंची। जिप उपाध्यक्ष कमला भुक्कर उनसे पहले बैठक में पहुंच चुकी थी। ऐसे में जब युक्ति गोदारा मीटिंग में पहुंची तो उन्होंने कमला भुक्कर को बैठक में आए हुए देखा। इसके बाद युक्ति गोदारा ने खुद अपना मोबाइल फोन निकालकर पहले बैठक में शामिल कमला भुक्कर का फोटो खींचा और बैठक खत्म होने के बाद अपनी सीट पर खड़े होकर घूसकांड का मामला उठाकर कमला भुक्कर को पीओ बताया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम से मांग रखी कि पुलिस को बुलाकर कमला भुक्कर को गिरफ्तार करवाया जाए।
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क्या था जिला पार्षदों का घूसकांड
पिछले साल दिसंबर में तत्कालीन जिप चेयरमैन गीता नांगली के खिलाफ सभी पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस डीसी को सौंपा। इसके बाद डीसी ने 12 दिसंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की तारीख तय कर दी। लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से ठीक पहले गीता नांगली के पति कृष्ण नांगली ने जिप पार्षद मंदीप कौर गिल, पार्षद सुरजीत ओड एवं कमला भुक्कर पर वोट के बदले रिश्वत मांगने का आरोप जड़ दिया। इतना ही नहीं, हिसार में पैसे लेते हुए जिप पार्षद मंदीप कौर गिल बस स्टैंड के पास से जबकि सुरजीत ओड एक निजी होटल के पास विजिलेंस द्वारा रंगे हाथों पकड़ लिए गए। उस समय कृष्ण नांगली ने कमला भुक्कर को भी पैसे दिए जाने का आरोप लगाया और विजिलेंस ने भी इस मामले में कमला भुक्कर की संलिप्तता बताई थी। लेकिन बाद में ये मामला आया-गया हो गया और कमला भुक्कर ने जिला परिषद की बैठकों से भी दूरी बना ली। सोमवार को हुई चुनावी बैठक में भी वो 8 महीने बाद ही शामिल हुई थी।
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एसपी बोले, पीओ घोषित नहीं हैं जिप उपाध्यक्ष कमला भुक्कर
इस बारे में बात करने पर पुलिस कप्तान विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी विजिलेंस डीएसपी से इस संदर्भ में बात हुई है और उन्होंने कहा है कि कमला भुक्कर पीओ घोषित नहीं हैं। उनके खिलाफ जांच जारी है और जांच के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।

युक्ति का जवाब, आईओ राजेश गोदारा ने बताया है पीओ है जिप उपाध्यक्ष
इस बारे में बात करने पर जिला परिषद सदस्य युक्ति गोदारा ने बताया कि उनकी पार्षद घूसकांड के आईओ राजेश गोदारा से बात हुई है और खुद आईओ ने उन्हें बताया है कि जिप उपाध्यक्ष कमला भुक्कर घूसकांड मामले में पीओ हैं।
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